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Hardoi News: मध्यम वर्ग के लिए उम्मीद से कम रहा राहत का बजट

Tue, 23 Jul 2024 10:42 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Tue, 23 Jul 2024 10:42 PM IST
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Relief budget for middle class was less than expected
हरदोई। मंगलवार को भारत सरकार ने आम और रेल बजट पेश किया। बजट को लेकर मध्यम वर्ग, कर्मचारियों को जो उम्मीदें थीं वह बजट आने के बाद टूट गईं। बजट मिलाजुला रहा, इसमें युवाओं और किसानों और खेती पर जोर दिया गया है। आयकर स्लैब में बदलाव से कर्मचारियों को टैक्स में मामूली बचत होगी।
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भारत सरकार की वित्त मंत्री की ओर से सदन में पेश किए गए बजट का लोगों ने लाइव प्रसारण देखा और सुना। लोगों ने टेलीविजन के साथ ही अपने-अपने मोबाइल पर भी वित्त मंत्री को लाइव सुना। लोगों ने बजट को मिलाजुला करार दिया। बजट को लेकर मध्यम वर्ग के लोगों को उम्मीदों से कम ही मिला है फिर भी लोगों ने बजट को संतुलित बजट कहा है। बजट में किसानों, प्राकृतिक खेती को बढ़ावा और युवाओं के कौशल विकास, महिलाओं के स्टांप ड्यूटी में छूट को प्राथमिकता दी गई है। आयकर स्लैब में बदलाव से वेतन भोगी सरकारी कर्मचारियों को कर में 17 हजार तक की सालाना बचत की आस है।
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चार्टर्ड अकाउंटेंट कार्तिकेय गुप्ता ने भारत सरकार के इस बजट पर प्रतिक्रिया में कहा कि बजट को हम विकसित भारत की ओर एक कदम कह सकते हैं। बहुत ही संतुलित बजट और हर वर्ग को संतुष्ट करने का प्रयास किया गया है। इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर दिया गया है। इससे रोजगार बढ़ाने में मदद मिलेगी। किसानों के लिए प्राकृतिक खेती व एमएसपी पर जोर दिया गया है।
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युवाओं के लिए वजीफा, रोजगार व कौशल विकास प्रशिक्षण केंद्र, महिलाओं के लिए वर्किंग हॉस्टल और स्टांप की दरों में छूट की घोषणा की गई है। विद्यार्थियों के लिए सस्ता ऋण और मजदूरों के लिए आवास की व्यवस्था का ध्यान रखा गया है। उद्यमियों के लिए मुद्रा योजना की सीमा को बढ़ाया गया। करदाताओं को निराशा हाथ लगी है। व्यक्तिगत कर की दरों में बदलाव आशा के अनुरूप नहीं हुई। शेयर की आमदनी की टैक्स की दरों में बढ़ोतरी से निवेशक बाजार से दूर भागेंगे। जीएसटी व कस्टम की दरों में बदलाव आम आदमी के लिए स्वागत योग्य है।
चार्टर्ड अकाउंटेंट आदित्य चौहान ने प्रतिक्रिया में बताया कि बजट युवाओं, किसानों और इंफ्रास्ट्रक्चर, पर्यटन पर फोकस, मध्यम वर्ग को उम्मीद से कम राहत वाला है। बजट में नई टैक्स व्यवस्था से स्टैंडर्ड डिडक्शन 50,000 से बढ़ाकर 75,000 रुपये कर किया गया है। सरकार ने टैक्स ढांचा में भी बदलाव किए हैं। युवाओं और किसानों को लेकर भी बड़ी घोषणाएं की हैं।
शॉर्ट टर्म कैपिटल गेन टैक्स को भी 15 प्रतिशत से बढ़ाकर 20 प्रतिशत किया गया है। कुछ खास फाइनेंसियल और नॉन-फाइनेंसियल परिसंपति पर लंबे समय की कैपिटल गेन टैक्स को 2.5 से बढ़ाकर 12.5 प्रतिशत कर दिया गया है। टैक्स व्यवस्था में स्लैब रेट में बदलाव किया गया है, इससे वेतनभोगी कर्मचारी आयकर में 17,500 रुपये तक बचा पाएंगे। सरकार ने सोने और चांदी पर कस्टम ड्यूटी को घटाया है। इससे सोने और चांदी के भाव कम होंगे। मजबूत बुनियादी ढांचे के निर्माण के लिए निवेश किए गए हैं।

हरदोई। रेल बजट में इस बार भी सीनियर सिटीजन को किराए में राहत नहीं दी गई। कोविड काल के बाद से सीनियर सिटीजन इस बजट से छूट की उम्मीद लगाए बैठे थे।
कोविड काल से पूर्व रेलवे की ओर से सीनियर सिटीजन को किराए में राहत मिलती थी। महिला यात्री को 50 प्रतिशत और पुरुष यात्री को 30 प्रतिशत की राहत मिलती थी। कोविड काल के बाद इसे बंद कर दिया गया। सीनियर सिटीजन प्रत्येक बजट में इसके शुरू होने की आस लगाते हैं। इस बार सीनियर सिटीजन को किराए में छूट की राहत मिलने की उम्मीद थी मगर इस बार भी उनको निराशा ही हाथ लगी है।

शहर के कृष्ण नगरिया निवासी दिनेश गुप्ता, लक्ष्मी पुरवा निवासी अनिल कुमार शर्मा, गायत्री नगर निवासी कृष्ण कुमार मिश्र ने बताया कि रेल बजट से उम्मीद थी, इस बार शायद सरकार सीनियर सिटीजन को रेल किराए में फिर से राहत का प्रावधान कर दे, मगर इस बार भी कोई राहत नहीं मिली।
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