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Hardoi News: प्रधान, सचिव, जेई और एडीओ से होगी वसूली

Sat, 23 Dec 2023 12:34 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 23 Dec 2023 12:34 AM IST
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Recovery will be done from Principal, Secretary, JE and ADO
हरदोई। फर्जी अभिलेखों के माध्यम से बिना काम कराए ही किए गए करीब सात लाख के भुगतान के मामले में प्रधान, सचिव, जेई और एडीओ से वसूली होगी। डीएम ने संडीला की ग्राम पंचायत किंहौटी में हुई इस गड़बड़ी पर कार्रवाई के आदेश दिए हैं। प्रधान सहित अन्य दोषी कर्मियों से वसूली की जिम्मेदारी संडीला के कार्यक्रम अधिकारियों को सौंपी गई है।
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विकास खंड संडीला की गाम पंचायत किंहौटी में मनरेगा मद से कराए गए कामों की जांच में 7,03,094 रुपये की गड़बड़ी पकड़ी गई है। डीएम एमपी सिंह ने पूरे मामले के परीक्षण के बाद प्रधान अरविंद कुमार, पंचायत सचिव अनुराग यादव, फर्जी एमबी करने के लिए दोषी लघु सिंचाई विभाग के जेई मंसूर असलम, सहायक विकास अधिकारी सहकारिता अनुराग गौतम पर रिपोर्ट के आदेश पहले ही दे दिए हैं।
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अब उन्होंने दोषियों से वसूली के आदेश दिए हैं। श्रम एवं रोजगार उपायुक्त रवि प्रकाश सिंह ने बताया कि संडीला के कार्यक्रम अधिकारी को मनरेगा अधिनियम के तहत दोषियों से आनुपातिक रूप से वसूली कर राशि नोडल एकाउंट में जमा कराने की जिम्मेदारी दी गई है।
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टेंडर प्रक्रिया में ही मिल गई गड़बड़ी
डीएम को मिली जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि सामग्री खरीदारी के लिए टेंडर प्रक्रिया में ही गड़बड़ी की गई है। टेंडर की जानकारी सार्वजनिक प्रकाशित नहीं कराई गई। बावजूद इसके उमा ट्रेडर्स, नंदा ट्रेडर्स और एसके ट्रेडर्स एंड कांट्रैक्टर्स के लिफाफे मिले। सभी संडीला बीडीओ को संबोधित थे। तीनों ही लिफाफों पर एक की व्यक्ति की हस्तलिपि पाई गई। इससे दूषित टेंडर प्रक्रिया अपनाकर आपूर्ति ली गई है।


इन फर्मों को कुछ इस तरह किया गया भुगतान
जांच रिपोर्ट में कहा गया है कि सीताराम के घर से हेमनाथ के घर तक इंटरलॉकिंग के लिए तकनीकी सहायक सादाब सिद्दीकी की ओर से 3.96 लाख रुपये का इस्टीमेट बनाया गया। तकनीकी सहायक को छोड़कर अन्य अधिकारियों के हस्ताक्षर हैं। यहां पर काम कराए बिना ही श्रमांश मद पर 26,838 रुपये श्रमिकों के नाम और सामग्री मद में 3,22,812 रुपये का भुगतान फर्मों को किया गया। कुल 3,49,650 रुपये का भुगतान निकाला गया। ऐसे ही रामविलास के घर से ज्ञान के घर तक इंटरलॉकिंग व नाली निर्माण के लिए श्रमांश मद पर श्रमिकों के नाम पर 27,264 रुपये और सामग्री अंश का फर्मों के खातों में 3,26,180 रुपये का भुगतान निकाला गया है। कुल 3,53,444 रुपये का भुगतान फर्जी अभिलेखों से निकाला गया है।
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