रावण के कर्मों की वजह से जली लंका नगरी
हरदोई। मानव मंगल मिलन सद्भावना समागम में रविवार को साकार विश्व हरि ने ईश्वर की महिमा के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि परमात्मा किसी का अहित नहीं करता है, जबकि व्यक्ति का अहित उसके कर्मोें की वजह से होता है। साकार विश्व हरि ने तमाम उदाहरणों को देकर ईश्वर की महिमा का बखान किया। समागम के अंतिम दिन पंडाल में हजारों श्रद्धालु उमड़े। जनपद के अतिरिक्त आसपास जिलों से भी श्रद्धालुआें ने उपदेशों को सुना।
शहर से सटे शाहजहांपुर रोड पर चौपाल सागर के निकट मानव मंगल मिलन सद्भावना समागम में सकारा विश्व हरि ने ईश्वर की महिमा का गुणगान किया। उन्होंने कहा कि परमात्मा प्रत्येक व्यक्ति के अंदर निवास करता है बस उसकी पहचान करनी पड़ती है। बताया कि परमात्मा ही है जो मां के गर्भ में पल रहे बच्चे को आकार देता है। ईश्वर धरती पर सभी व्यक्ति को समान रुप से देखते हैं।
वह किसी का अहित नहीं करते हैं बल्कि व्यक्ति का अहित उसके अपने कर्माें की वजह से होता है। अगर कर्म अच्छे हैं तो भले ही कठिनाईयाें का सामना करना पड़े लेकिन जीत सच्चे व्यक्ति की होती है। लेकिन जिसके अंदर अहंकार, नीच कर्म और दुचरित व्याप्त हो जाता है उसका पतन निश्चित है।
उदाहरण देते हुए बताया कि रावण बहुत ज्ञानी था लेकिन उसके कुछ कर्मों की वजह से सोने की लंका धूं धू कर जल गई और पूरे वंश का नाश हो गया। समागत के अंतिम दिन हजारों की संख्या में आए श्रद्धालुओं ने जयघोष कर वातावरण को भक्तिमय कर दिया। समागम में जनपद ही नहीं आसपास के जिलों से भी लोग शामिल होने आए। जिस वजह से शाहजहांपुर रोड पर दिन भर जाम की स्थिति बनी रही।