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Hardoi News: दुष्कर्म के दोषी को 10 साल की सजा, तीन अन्य दोषमुक्त
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हरदोई। पांच साल पुराने दुष्कर्म के मामले में अपर जिला जज एफटीसी (अपराध विरुद्ध महिला) यशपाल ने एक शख्स को दोषी करार देते हुए 10 साल की सजा सुनाई। साथ ही 25 हजार रुपये का जुर्माने भी लगाया। जुर्माने की पूरी रकम बतौर क्षतिपूर्ति पीड़िता को देने के आदेश दिए। मामले में आरोपी बनाए गए अरविंद सिंह, अंशुल और गौरव पांडेय को अदालत ने दोषमुक्त करार दिया।
टड़ियावां थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी युवती ने 28 मई को प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि 27 मई 2021 की शाम सात बजे पुराने घर गई थीं। वहीं गांव के शैलेंद्र सिंह ने उनके साथ दुष्कर्म किया था, विरोध पर मारपीट की थी। इससे चोटें आई थीं। माता-पिता के मौके पर आने से आरोपी भाग गया था। पुलिस ने तहरीर के आधार पर शैलेंद्र सिंह, उनके पिता अरविंद्र, अंशुल और गौरव पांडेय के खिलाफ मारपीट की प्राथमिकी दर्ज की थी।
पुलिस ने शैलेंद्र के खिलाफ दुष्कर्म व अन्य तीनों के खिलाफ मारपीट की धाराओं में न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था। अभियोजन पक्ष की ओर से नौ गवाह पेश किए गए। साथ ही आठ अभिलेखीय साक्ष्य भी दिए गए। मेडिकल रिपोर्ट अभियोजन के पक्ष में सहायक रही। चिकित्सकीय परीक्षण में युवती के शरीर पर दो चोट मिली थीं। बचाव पक्ष ने यह तर्क दिया कि मेडिकल परीक्षण में दुष्कर्म साबित नहीं हुआ।
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टड़ियावां थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी युवती ने 28 मई को प्राथमिकी दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि 27 मई 2021 की शाम सात बजे पुराने घर गई थीं। वहीं गांव के शैलेंद्र सिंह ने उनके साथ दुष्कर्म किया था, विरोध पर मारपीट की थी। इससे चोटें आई थीं। माता-पिता के मौके पर आने से आरोपी भाग गया था। पुलिस ने तहरीर के आधार पर शैलेंद्र सिंह, उनके पिता अरविंद्र, अंशुल और गौरव पांडेय के खिलाफ मारपीट की प्राथमिकी दर्ज की थी।
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पुलिस ने शैलेंद्र के खिलाफ दुष्कर्म व अन्य तीनों के खिलाफ मारपीट की धाराओं में न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था। अभियोजन पक्ष की ओर से नौ गवाह पेश किए गए। साथ ही आठ अभिलेखीय साक्ष्य भी दिए गए। मेडिकल रिपोर्ट अभियोजन के पक्ष में सहायक रही। चिकित्सकीय परीक्षण में युवती के शरीर पर दो चोट मिली थीं। बचाव पक्ष ने यह तर्क दिया कि मेडिकल परीक्षण में दुष्कर्म साबित नहीं हुआ।
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