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राधे-राधे जपो, चले आएंगे बिहारी
ब्यूरो/अमर उजाला,हरदोई
Updated Sun, 06 Sep 2015 11:54 PM IST
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सबका मन मोह लेने वाले भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव
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शनिवार की रात धूमधाम के साथ मनाया गया। गांव से लेकर शहर तक हर ओर कान्हा
के गुणगान से माहौल भक्तिमय रहा। रात के 12 बजते ही जैसे ही देवकी नंदन
प्रकट हुए तो कारागार के ताले खुल गए और वासुदेव और देवकी बंधन मुक्त हो
गए।
और इसी के साथ गोकुल पहुंचे नंदलाला के प्राकट्य की खुशी में चारों ओर बधाइयां गाई जाने लगीं। शनिवार की रात ढोलक की थाप और स्वर लहरियों पर लोग जमकर थिरके और श्रीकृष्ण का गुणगान करते रहे। शहर में प्रमुख रूप कांशीनाथ ज्वैलर्स के परिसर में सजाई गई कान्हा की झांकी माहौल को गोकुल मय बना रही थी।
हर वर्ष की तरह यहां सजने वाली झांकी ने लोगों का मन मोह लिया। इस झांकी को तैयार करने में चार दिनों का समय लगा। फूलों और सुनहरे कागजों से सजी इस झांकी में कलियों से किया गया श्रंगार सबका मन मोह रहा था। यहां बड़ी संख्या में आए कृष्ण भक्त इस झांकी को टकटकी लगाए निहारते रहे।
महेंद्रा परिवार के सदस्यों ने पूरे श्रद्धाभाव से लोगोें को प्रसाद वितरण कर कान्हा का जन्म दिन मनाया। इसी कड़ी में पुलिस लाइन में सजी झांकियों ने लोगों का मन मोह लिया। यहां मेले जैसे माहौल रहा। शाम सात बजे से ही यहां शुरू हुआ लोगों के पहुंचने का सिलसिला देर रात तक जारी रहा।
यहां लोगों ने धूमधाम से कान्हा का जन्मदिन मनाया और कान्हा के जन्म लेते ही मंदिरों में शंख, घंटे घड़ियाल गूंजने लगे। हर ओर जयकारे लगने लगे और वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया। उधर, श्याम तेरी बंशी बजे धीरे-धीरेे, बजे धीरे धीरे वो यमुना के तीरे। श्याम तेरी बंशी बजे धीरे धीरे।
राधे राधे जपो चले आएंगे विहारी, जैसे गीतों पर देर रात तक कृष्ण भक्त झूमते कान्हा का गुणगान करते रहे। पुलिस लाइन में भी जन्माष्टमी का पर्व बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। लाइन प्रांगण में झांकी का आयोजन किया गया। इस मौके पर शहर के काफी कृष्ण भक्त जुटते दिखाई दिए।
अन्य मंदिरों में भी सजी झांकियों के दौरान कान्हा के भजन समां में गूंजते नजर आए। उधर, जन्माष्टमी के पर्व पर कृष्ण के परिधानों से लेकर मंदिरों में सजावट की सामग्री में भी महंगाई की मार देखने को मिली। कान्हा के परिधानों की बिक्री भी हर जगह अपने-अपने रेटों के हिसाब से की गई तो उनके झूलों से लेकर झालरों तक के दामों में एकरूपता देखने को नहीं मिली।
और इसी के साथ गोकुल पहुंचे नंदलाला के प्राकट्य की खुशी में चारों ओर बधाइयां गाई जाने लगीं। शनिवार की रात ढोलक की थाप और स्वर लहरियों पर लोग जमकर थिरके और श्रीकृष्ण का गुणगान करते रहे। शहर में प्रमुख रूप कांशीनाथ ज्वैलर्स के परिसर में सजाई गई कान्हा की झांकी माहौल को गोकुल मय बना रही थी।
हर वर्ष की तरह यहां सजने वाली झांकी ने लोगों का मन मोह लिया। इस झांकी को तैयार करने में चार दिनों का समय लगा। फूलों और सुनहरे कागजों से सजी इस झांकी में कलियों से किया गया श्रंगार सबका मन मोह रहा था। यहां बड़ी संख्या में आए कृष्ण भक्त इस झांकी को टकटकी लगाए निहारते रहे।
महेंद्रा परिवार के सदस्यों ने पूरे श्रद्धाभाव से लोगोें को प्रसाद वितरण कर कान्हा का जन्म दिन मनाया। इसी कड़ी में पुलिस लाइन में सजी झांकियों ने लोगों का मन मोह लिया। यहां मेले जैसे माहौल रहा। शाम सात बजे से ही यहां शुरू हुआ लोगों के पहुंचने का सिलसिला देर रात तक जारी रहा।
यहां लोगों ने धूमधाम से कान्हा का जन्मदिन मनाया और कान्हा के जन्म लेते ही मंदिरों में शंख, घंटे घड़ियाल गूंजने लगे। हर ओर जयकारे लगने लगे और वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया। उधर, श्याम तेरी बंशी बजे धीरे-धीरेे, बजे धीरे धीरे वो यमुना के तीरे। श्याम तेरी बंशी बजे धीरे धीरे।
राधे राधे जपो चले आएंगे विहारी, जैसे गीतों पर देर रात तक कृष्ण भक्त झूमते कान्हा का गुणगान करते रहे। पुलिस लाइन में भी जन्माष्टमी का पर्व बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। लाइन प्रांगण में झांकी का आयोजन किया गया। इस मौके पर शहर के काफी कृष्ण भक्त जुटते दिखाई दिए।
अन्य मंदिरों में भी सजी झांकियों के दौरान कान्हा के भजन समां में गूंजते नजर आए। उधर, जन्माष्टमी के पर्व पर कृष्ण के परिधानों से लेकर मंदिरों में सजावट की सामग्री में भी महंगाई की मार देखने को मिली। कान्हा के परिधानों की बिक्री भी हर जगह अपने-अपने रेटों के हिसाब से की गई तो उनके झूलों से लेकर झालरों तक के दामों में एकरूपता देखने को नहीं मिली।