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दुष्कर्म व अपहरण के दोषी बेटे को सात वर्ष तथा मां को पांच वर्ष का कारावास
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हरदोई। अपहरण और दुष्कर्म के दोषी मां-बेटे को न्यायालय ने पांच साल की सजा सुनाई है। मां पर 10 हजार रुपये तथा बेटे पर 20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड में से 5,000 रुपये पीड़िता को देने का आदेश दिया है। अर्थदंड अदा न करने की दशा में अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
पचदेवरा थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने न्यायालय में वाद दायर कर बताया कि उसकी भतीजी सात अगस्त 2010 को स्कूल गई थी। लौटते समय लोनार थाना क्षेत्र के ग्राम नस्योली डामर निवासी मुकेश व उसकी मां रामबेटी बहला-फुसलाकर ले गए थे। पड़ोसी गांव के धरमू और सुरेश ने भतीजी को ले जाते देखा था। आठ अगस्त 2010 को वह थाना पचदेवरा में रिपोर्ट लिखाने गया लेकिन उसकी रिपोर्ट नहीं दर्ज की गई थी।
उसके बाद उसने न्यायालय में वाद दायर कर करवाई की मांग की थी। न्यायालय के आदेश पर दोनों के विरुद्ध अपहरण व दुष्कर्म का मुकदमा पंजीकृत किया गया था।
अभियोजन पक्ष से पैरवी कर रहे शासकीय अधिवक्ता कृपाल राठौर ने बताया कि दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद
अपर सत्र न्यायाधीश सपना त्रिपाठी प्रथम ने अपना फैसला सुनाया है। दोषियों को पुलिस अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है।
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पचदेवरा थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने न्यायालय में वाद दायर कर बताया कि उसकी भतीजी सात अगस्त 2010 को स्कूल गई थी। लौटते समय लोनार थाना क्षेत्र के ग्राम नस्योली डामर निवासी मुकेश व उसकी मां रामबेटी बहला-फुसलाकर ले गए थे। पड़ोसी गांव के धरमू और सुरेश ने भतीजी को ले जाते देखा था। आठ अगस्त 2010 को वह थाना पचदेवरा में रिपोर्ट लिखाने गया लेकिन उसकी रिपोर्ट नहीं दर्ज की गई थी।
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उसके बाद उसने न्यायालय में वाद दायर कर करवाई की मांग की थी। न्यायालय के आदेश पर दोनों के विरुद्ध अपहरण व दुष्कर्म का मुकदमा पंजीकृत किया गया था।
अभियोजन पक्ष से पैरवी कर रहे शासकीय अधिवक्ता कृपाल राठौर ने बताया कि दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद
अपर सत्र न्यायाधीश सपना त्रिपाठी प्रथम ने अपना फैसला सुनाया है। दोषियों को पुलिस अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है।