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Hardoi News: मानसिक रोग विशेषज्ञ की खाली कुर्सी बढ़ा रही मरीजों का तनाव
Mon, 01 Apr 2024 11:40 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हरदोई
संवाद न्यूज एजेंसी, हरदोई
Updated Mon, 01 Apr 2024 11:40 PM IST
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हरदोई। मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल में मानसिक रोग विशेषज्ञ की तैनाती ही नहीं है। मानसिक रोग विभाग में पहुंचने वाले मरीजों को खाली कुर्सी मिलती है और फिर निराश होकर उन्हें प्राइवेट चिकित्सकों की शरण में जाना पड़ता है।
जिला चिकित्सालय में मानसिक रोग विभाग भी है। यहां डॉक्टर परमवीर सिंह की तैनाती थी, लेकिन उन्होंने कुछ वर्ष तक नौकरी करने के बाद पद से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद यहां मानसिक रोग विभाग में ताला लगने की नौबत आ गई। मामला मुख्य चिकित्साधिकारी तक पहुंचा तो उन्होंने अलग-अलग दिनों के लिए चिकित्सकों की तैनाती कर दी।
यह निर्देश भी जारी कर दिए कि उपलब्धता के आधार पर चिकित्सक मानसिक रोग विभाग में ड्यूटी करें। टीबी विभाग के एक चिकित्सक के साथ ही 100 शैय्या संयुक्त चिकित्सालय के एक चिकित्सक की ड्यूटी लगाई गई। भरावन, मल्लावां, अहिरोरी और बेहंदर सीएचसी के एक-एक चिकित्सक की ड्यूटी भी मानसिक रोग विभाग में लगाई गई।
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अब स्थिति यह है कि टीबी विभाग के चिकित्सक जब तब मानसिक रोग विभाग में पहुंचते हैं। बाकी कोई चिकित्सक पहुंचता ही नहीं। मेडिकल कॉलेज प्रशासन की ओर से इस संबंध में संबंधित चिकित्सकों को पत्र भी भेजे गए, लेकिन न तो जवाब आया और न ही चिकित्सक।
शाहाबाद कस्बे के मोहल्ला सुलेमानी निवासी निगहत मानसिक रोग से ग्रस्त हैं। पिछले कई माह से उनका उपचार चल रहा है। अच्छे इलाज की उम्मीद में मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल के मानसिक रोग विभाग में पहुंचीं, लेकिन पता चला कि कोई डॉक्टर ही नहीं है। निराश होकर वापस चली गईं।
बिलग्राम कस्बे के मोहल्ला कासूपेट निवासी मनोज भी मानसिक रोगी हैं। वह बिलग्राम से हरदोई स्थित जिला अस्पताल पहुंचे लेकिन, चिकित्सक की कुर्सी खाली मिली। पता चला कि मानसिक रोग विशेषज्ञ की तैनाती ही नहीं है।
शासन को पत्र भेजकर मानसिक रोग विभाग में स्थायी स्टाफ तैनात करने के लिए कहा है। शासन से स्थाई तैनाती हो जाने पर मरीजों को राहत होगी। वैकल्पिक व्यवस्था का पालन कराने की भी कोशिश हाे रही है।
डा. आर्य देश दीपक, प्राचार्य मेडिकल कॉलेज
जानकारी करेंगे कि ड्यूटी के बाद भी संबंधित चिकित्सक मानसिक रोग विभाग में ड्यूटी करने क्यों नहीं जा रहे। लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिनकी ड्यूटी है उन्हें जाना पड़ेगा।
डा. रोहताश कुमार, सीएमओ
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जिला चिकित्सालय में मानसिक रोग विभाग भी है। यहां डॉक्टर परमवीर सिंह की तैनाती थी, लेकिन उन्होंने कुछ वर्ष तक नौकरी करने के बाद पद से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद यहां मानसिक रोग विभाग में ताला लगने की नौबत आ गई। मामला मुख्य चिकित्साधिकारी तक पहुंचा तो उन्होंने अलग-अलग दिनों के लिए चिकित्सकों की तैनाती कर दी।
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यह निर्देश भी जारी कर दिए कि उपलब्धता के आधार पर चिकित्सक मानसिक रोग विभाग में ड्यूटी करें। टीबी विभाग के एक चिकित्सक के साथ ही 100 शैय्या संयुक्त चिकित्सालय के एक चिकित्सक की ड्यूटी लगाई गई। भरावन, मल्लावां, अहिरोरी और बेहंदर सीएचसी के एक-एक चिकित्सक की ड्यूटी भी मानसिक रोग विभाग में लगाई गई।
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अब स्थिति यह है कि टीबी विभाग के चिकित्सक जब तब मानसिक रोग विभाग में पहुंचते हैं। बाकी कोई चिकित्सक पहुंचता ही नहीं। मेडिकल कॉलेज प्रशासन की ओर से इस संबंध में संबंधित चिकित्सकों को पत्र भी भेजे गए, लेकिन न तो जवाब आया और न ही चिकित्सक।
शाहाबाद कस्बे के मोहल्ला सुलेमानी निवासी निगहत मानसिक रोग से ग्रस्त हैं। पिछले कई माह से उनका उपचार चल रहा है। अच्छे इलाज की उम्मीद में मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल के मानसिक रोग विभाग में पहुंचीं, लेकिन पता चला कि कोई डॉक्टर ही नहीं है। निराश होकर वापस चली गईं।
बिलग्राम कस्बे के मोहल्ला कासूपेट निवासी मनोज भी मानसिक रोगी हैं। वह बिलग्राम से हरदोई स्थित जिला अस्पताल पहुंचे लेकिन, चिकित्सक की कुर्सी खाली मिली। पता चला कि मानसिक रोग विशेषज्ञ की तैनाती ही नहीं है।
शासन को पत्र भेजकर मानसिक रोग विभाग में स्थायी स्टाफ तैनात करने के लिए कहा है। शासन से स्थाई तैनाती हो जाने पर मरीजों को राहत होगी। वैकल्पिक व्यवस्था का पालन कराने की भी कोशिश हाे रही है।
डा. आर्य देश दीपक, प्राचार्य मेडिकल कॉलेज
जानकारी करेंगे कि ड्यूटी के बाद भी संबंधित चिकित्सक मानसिक रोग विभाग में ड्यूटी करने क्यों नहीं जा रहे। लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिनकी ड्यूटी है उन्हें जाना पड़ेगा।
डा. रोहताश कुमार, सीएमओ