{"_id":"5e2c818d8ebc3e4b67140469","slug":"preparing-girls-for-selfsafety-hardoi-news-knp5406607173","type":"story","status":"publish","title_hn":"बेटियों को दे रहे आत्मरक्षा का प्रशिक्षण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बेटियों को दे रहे आत्मरक्षा का प्रशिक्षण
विज्ञापन
विद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में प्रशिक्षण देते पवन कुमार। फाइल फोटो
- फोटो : HARDOI
बिलग्राम (हरदोई)। एक हादसे में निशक्त होने के बाद सेना में भर्ती होकर देश सेवा करने का सपना अधूरा रह गया लेकिन इन्होंने जज्बा कायम रखा। अब ये छात्राओं को नि:शुल्क आत्मरक्षा का प्रशिक्षण दे रहे हैं। उन्हें कभी हिम्मत न हारने की सीख देते हैं।
बिलग्राम तहसील मुख्यालय से तीन किलोमीटर दूर गांव पुसेड़ा निवासी पवन कुमार बचपन से ही होनहार थे। उनका सपना सेना में भर्ती होकर देश सेवा करने का था। 11 साल पहले एक हादसे में करंट लगने से पवन दायें हाथ से निशक्त हो गए। लेकिन फौजी पिता मुनेश्वर प्रसाद और मां निर्मला देवी उनका हौसला बढ़ाते रहे।
पवन 2017 में नेहरू युवा केंद्र संगठन से वालंटियर के तौर पर जुड़े। इसके बाद उन्होंने मार्शल आर्ट का प्रशिक्षण लिया। एक साल से वह विभिन्न विद्यालयों व अन्य संस्थानों में छात्राओं को आत्मरक्षा के गुर सिखा रहे हैं। इसके लिए वह कोई शुल्क नहीं लेते हैं। उनका मानना है कि छात्राएं आत्मरक्षा के लिए खुद को मजबूत कर लें तो महिला अपराधों में काफी कमी आएगी। वह युवाओं के लिए प्रेरणादायक हैं। बाधाएं आतीं हैं, लेकिन इनसे घबराकर शांत होने की जरूरत नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन
बिलग्राम तहसील मुख्यालय से तीन किलोमीटर दूर गांव पुसेड़ा निवासी पवन कुमार बचपन से ही होनहार थे। उनका सपना सेना में भर्ती होकर देश सेवा करने का था। 11 साल पहले एक हादसे में करंट लगने से पवन दायें हाथ से निशक्त हो गए। लेकिन फौजी पिता मुनेश्वर प्रसाद और मां निर्मला देवी उनका हौसला बढ़ाते रहे।
विज्ञापन
पवन 2017 में नेहरू युवा केंद्र संगठन से वालंटियर के तौर पर जुड़े। इसके बाद उन्होंने मार्शल आर्ट का प्रशिक्षण लिया। एक साल से वह विभिन्न विद्यालयों व अन्य संस्थानों में छात्राओं को आत्मरक्षा के गुर सिखा रहे हैं। इसके लिए वह कोई शुल्क नहीं लेते हैं। उनका मानना है कि छात्राएं आत्मरक्षा के लिए खुद को मजबूत कर लें तो महिला अपराधों में काफी कमी आएगी। वह युवाओं के लिए प्रेरणादायक हैं। बाधाएं आतीं हैं, लेकिन इनसे घबराकर शांत होने की जरूरत नहीं है।
विज्ञापन