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Hardoi News: खराब हुई पोर्टेबल एक्सरे मशीन, बिना जांच के लौटे 119 मरीज

Fri, 09 Jan 2026 10:47 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 09 Jan 2026 10:47 PM IST
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Portable X-ray machine breaks down, 119 patients return without examination
फोटो-05- मेडिकल कॉलेज में बंद पड़ी एक्स-रे फोल्डर मशीन। संवाद  
हरदोई। डिजिटल एक्सरे मशीन खराब होने के बाद मददगार साबित हो रही पोर्टेबल एक्सरे मशीन भी शुक्रवार को दम तोड़ गई। इस कारण शुक्रवार को किसी भी मरीज का एक्सरे नहीं हो पाया। 119 मरीजों को मेडिकल कॉलेज से बिना एक्सरे कराए ही वापस होना पड़ा।
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एक्सरे कक्ष में 1000 मैक्सिमम करंट (एमसी) की डिजिटल मशीन है लेकिन यह बीते एक साल से खराब पड़ी है। इसके अलावा 100 एमसी और 50 एमसी और 30 एमसी की तीन पोर्टेबल मशीन हैं। 30 एमसी की मैनुअली पोर्टेबल मशीन में डिस्प्ले बोर्ड नहीं है। डिजिटल मशीन बंद होने से 100 एमसी की पोर्टेबल मशीन से एक्सरे होते हैं।
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इसकी क्षमता एक बार में 50 से 60 एक्सरे करने की है जबकि इसी मशीन से एक बार में 75 से 80 एक्सरे किए जा रहे हैं। 80 एक्सरे के बाद मशीन को कुछ देर के लिए आराम भी दिया जाता है। दिन भर में 125 से 130 मरीजों के 250 के आसपास एक्सरे होते हैं। इससे मशीन पर काफी लोड है। अधिक लोड की वजह से शनिवार को पोर्टेबल मशीन की पिक्चर ट्यूब खराब हो गई है और एक्सरे जांच ठप हो गई। ओपीडी में आए करीब 119 मरीजों को बिना जांच कराए ही लौटना पड़ा। जरूरतमंद तमाम मरीजों को निजी सेंटरों से जांच कराना पड़ा।
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जुगाड़ से हुए इमरजेंसी मरीजों के एक्सरे
पोर्टेबल मशीन खराब होने से ओपीडी के मरीजों को लौटा दिया गया लेकिन टेक्नीशियनों ने जैसे तैसे इमरजेंसी में आए मरीजों का एक्सरे जुगाड़ लगाकर किया। बता दें कि 100 एमसी की पोर्टेबल मशीन की पिक्चर ट्यूब खराब हो गई लेकिन डिस्प्ले बोर्ड सुरक्षित है जबकि 30 एमसी की मैनुअली मशीन में डिस्प्ले बोर्ड नहीं है। कर्मचारियों ने दोनों मशीनों को आपस में जोड़ा और मैनुअल मशीन से एक्सरे कर दूसरी मशीन की डिस्प्ले से एक्सरे लिया तब जाकर इमरजेंसी के करीब सात मरीजों के एक्सरे हुए।


केस-1- सवायजपुर के अवधेश ने बताया कि 54 किलोमीटर दूर से सुबह नौ बजे यहां आए। पैर में फ्रैक्चर की शंका पर डॉक्टर ने एक्सरे कराने के लिए कहा। यहां पर मशीन खराब है बाहर से एक्सरे के पैसे नहीं हैं।

केस-2- शाहाबाद के सत्यपाल ने बताया कि अस्पताल में हमेशा यही हाल रहता है। कभी मशीन खराब होती है तो कभी डॉक्टर नहीं मिलते। बाहर से एक्सरे कराना काफी महंगा है।





पोर्टेबल मशीन में अचानक कुछ तकनीकी खराबी आई है। मैकेनिक को बुलाया गया है। जल्द ही इसे ठीक कर लिया जाएगा ताकि मरीजों को और असुविधा न हो। नई मशीनों के लिए भी प्रस्ताव भेजा गया है। -डॉ. चंद्र कुमार, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक, जिला अस्पताल
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