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Hardoi News: माननीयों की गोद में तालाब, नहीं ले पाए अमृत सरोवर का स्वरूप

Sun, 30 Jun 2024 01:13 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 30 Jun 2024 01:13 AM IST
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Pond in the lap of honorable people, could not take the form of Amrit Sarovar
हरदोई। रास्ता देखते-देखते दो साल का समय बीत गया। तालाब के तालाब ही रहे और अमृत सरोवर की उम्मीद पूरी नहीं हो सकी।
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वर्ष 2022 के मई माह में जब जनप्रतिनिधियों ने गोद लेने के साथ ही अमृत सरोवर बनाए जाने की आधारशिला रखी थी तब उम्मीद जागी थी कि यह तालाब अमृत सरोवर बन बरसात के पानी को संग्रहीत, संरक्षित कर जल संचयन के उद्देश्य को पूरा करेंगे। हालात यह हैं कि दो साल बाद भी तालाबों को अमृत सरोवर नहीं बनाया जा सका।
आजादी के अमृत महोत्सव में तालाबों को अमृत सरोवर बनाए जाने का काम शुरु कराया गया। माननीयों ने तालाबों को गोद लेने के साथ ही स्वयं ही अमृत सरोवर बनाने के लिए भूमि पूजन किया और आधारशिला रखी थी। इससे उम्मीद जगी थी कि गांवों के तालाबों को नया स्वरूप मिल सकेगा और लोगों को अमृत सरोवर के किनारे पौधरोपण और टहलने के पाथवे भी उपलब्ध हो जाएंगे। विकास खंड बिलग्राम के गुरौली में मिश्रिख सांसद अशोक रावत और नूरपुर हथौड़ा में बिलग्राम-मल्लावां विधायक आशीष कुमार सिंह आशू ने 19 मई 2022 को भूमि पूजन और आधारशिला रखी थी।
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इसके बाद जनप्रतिनिधियों ने न तो इस ओर मुड़कर देखा और न ही जिम्मेदारों ने संवेदनशीलता दिखाई। आधारशिला ही रखने तक ही काम सीमित होकर रह गया। यहां इन तालाबों को अमृत सरोवर बनाने के लिए इस्टीमेट ही बनकर रह गया। इसके बाद की प्रक्रिया कागजी और फाइलों तक ही सिमट गई। नूरपुर हथौड़ा और गुरौली सखेड़ा के तालाब को अमृत सरोवर बनाए जाने के लिए क्षेत्र पंचायत से काम कराया जाना था। क्षेत्र पंचायत से काम स्वीकृत हुए थे। काम के लिए पांच लाख से अधिक के इस्टीमेट बनाए गए। इस्टीमेट की तकनीकी स्वीकृति ही जिम्मेदार नहीं करा पाए। बीडीओ ने बताया कि श्रम रोजगार उपायुक्त और डीपीआरओ को पत्र लिखकर इस्टीमेट अनुसार राशि की मांग की गई थी। राशि न मिलने से अमृत सरोवर नहीं बन पाए।
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हरपालपुर क्षेत्र की ग्राम पंचायत सतौथा में अमृत सरोवर के लिए करीब 34 लाख का इस्टीमेट बना था। भूमि पूजन सांसद जयप्रकाश ने 20 मई 2022 को किया था। 31 मार्च 23 तक काम पूरा होना था। क्षेत्र पंचायत की ओर से बजट ही नहीं दिया गया। लिहाजा तालाब से गंगा एक्सप्रेसवे की कार्यदायी संस्था ने जेसीबी से मिट्टी निकाल एक्सप्रेसवे में इस्तेमाल की है। ग्राम पंचायत गिरगावां में सवायजपुर विधायक माधवेंद्र प्रताप सिंह ने 19 मई 2022 को अमृत सरोवर के लिए भूमि पूजन किया था। प्रधान निधि द्विवेदी ने बताया कि ग्राम पंचायत की ओर से करीब चार लाख रुपए की लागत से अमृत सरोवर की खोदाई कराई गई, लेकिन क्षेत्र पंचायत की ओर से करीब छह लाख का बजट न दिए जाने से अमृत सरोवर का काम अधूरा है।
पाली क्षेत्र में विकास खंड भरखनी के सांसद आदर्श ग्राम मुंडेर अमृत सरोवर का बोर्ड जरुर लगा है। तालाब के चारों ओर झाड़ियां व घास हैं। अमृत सरोवर बदहाली का शिकार है। भरखनी बीडीओ अशोक दुबे ने बताया कि दो साल पुराना काम है, इसकी जानकारी नहीं है। इनके कार्यकाल में कोई काम नहीं कराया गया।

बेहंदर क्षेत्र के बेहंद खुर्द में अमृत सरोवर का काम अधर में है। ग्राम पंचायत बेहंदर खुर्द के बाबूपुरवा गांव में क्षेत्र पंचायत की ओर से 24.29 लाख की लागत से अमृत सरोवर का काम कराया जा रहा है। 19 मई 2022 में शुरु हुए काम को 31 मार्च 2023 में पूरा कराना था। अमृत सरोवर का भूमि पूजन बालामऊ विधायक विधायक रामपाल वर्मा ने किया था। अमृत सरोवर के किनारे लगाए पौधा भी सूख गए हैं। किनारों की मिट्टी भी बरसात में बह गई है। आधा-अधूरा काम ही हुआ है। बेहंदर बीडीओ ने बताया कि काम जल्द ही कराया जाएगा।
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