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सुरक्षित रंगों से खेले होली, बीमारियां नहीं फैलाएं खुशियां

Sat, 27 Mar 2021 11:08 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sat, 27 Mar 2021 11:08 PM IST
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Play Holi with safe colors, do not spread happiness
हरदोई। होली में उड़ता अबीर गुलाल खास अहमियत रखता है। आपसी भाईचारे का यह त्योहार लोगों के जीवन में खुशियां भर देता है। चिकित्सकों का कहना है कि रंग खूब खेलें पर बचकर। रंग अस्थमा की शिकायत के साथ त्वचा और गुर्दों पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालते हैं।
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डॉ. सीपी कटियार ने बताया कि जरा सी लापरवाही सेहत पर भारी पड़ सकती है। होली पर खेले जाने वाले रंग से सबसे ज्यादा आंखों को खतरा रहता है। रंग में कई ऐसे रसायन मिलाए जाते हैं, जो खतरनाक हो सकते हैं। इससे आंखों में जलन और एलर्जी हो सकती है।
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साथ ही सूखे रंग में छोटे-छोटे रेशे होते हैं, जो आंखों में पड़ते हैं और रगड़ने से आंखों में घाव हो जाता है। हरे गुलाल में मिलाए जाने वाले कापर सल्फेट के कारण आंखों में एलर्जी, जलन और अस्थायी तौर पर नेत्रहीनता की शिकायत हो सकती है। रंग खेलते समय इतना ध्यान रखें कि सूखा रंग आंखों में न पड़े।
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अस्थमा के मरीजों के लिए सूखे और गीले दोनों रंग हानिकारक होते हैं। सूखे रंग श्वास से फेफड़ों में पहुंचते हैं और वहां पर वायु कोषों में एकत्र होते हैं। इससे सांस लेने में तकलीफ होती है। गीले रंग अस्थमा को और अधिक बढ़ा देते हैं। रंगों से एलर्जी भी अस्थमा का एक कारण होती है।
त्वचा में एलर्जी भी पैदा करते हैं यह रंग
डॉ. अजय सिंह बताते हैं कि नीले गुलाल में प्रूशियन ब्लू मिलाया जाता है, जोकि त्वचा में एलर्जी और संक्रमण पैदा कर सकता है। रंग त्वचा के साथ-साथ बालों के लिए भी नुकसानदायक होते हैं।
सस्ते गुलाल में कुछ निर्माता डीजल, क्रोमियम आयोडीन, इंजन आयल, कापर सल्फेट और सीसे का पाउडर आदि इस्तेमाल करते हैं। इससे लोगों को चक्कर आते हैं। सिर दर्द और सांस लेने में परेशानी होने लगती है।
बेहद हानिकारक होते हैं केमिकल्स
डॉ. जितेंद्र कहते हैं कि बाजार में मिलने वाले रंगों में कई ऐसे केमिकल्स होते हैं जो आपके स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक होते हैं। इनसे बचने के लिए चेहरे और बालों पर सरसों का तेल लगा लें।

इससे रंग छुड़ाने में मेहनत नहीं लगेगी। यदि किसी की त्वचा ज्यादा संवेदनशील है तो मॉश्चराइजर लगा सकता है। शरीर की जितनी भी खुली जगह है, उन पर मॉश्चराइजर लगाने से रंगों का प्रभाव कम होगा। इसके अलावा नारियल तेल भी लगाया जा सकता है।
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