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Hardoi News: तिहरे हत्याकांड में वादी की गवाही पूरी
Tue, 16 Apr 2024 01:20 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हरदोई
संवाद न्यूज एजेंसी, हरदोई
Updated Tue, 16 Apr 2024 01:20 AM IST
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हरदोई। करीब तीन साल पहले टड़ियावां थाना क्षेत्र में हुए तिहरे हत्याकांड में वादी मुकदमा की गवाही पूरी हो गई है। 25 अप्रैल को निरीक्षक की गवाही के लिए तिथि तय की गई है।
मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश (एससी-एसटी) सपना त्रिपाठी कर रहीं हैं। टड़ियावां क्षेत्र के बरुआर गांव निवासी ओमशंकर ने एक नवंबर 2020 को टड़ियावां थाने में अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि कुआंमऊ के पास हुलासी बगिया आश्रम है। इसमें बाबा हरिदास (70) उनकी शिष्या मीरादास (65) पुत्र नेतराम (45) रहते थे।
एक नवंबर को मझिला थाना क्षेत्र के रौतापुर गांव निवासी रक्षपाल ने बताया कि तीनों की किसी ने ईंट-पत्थरों से कूच कर हत्या कर दी।
दो नवंबर को पुलिस ने शक के आधार पर रक्षपाल को गिरफ्तार किया था। कड़ाई से पूछताछ पर रक्षपाल ने पुलिस को बताया कि वर्ष 2019 में बाबा से पहचान हुई थी। बाबा की एक वर्ष तक सेवा की थी। 16 बीघा जमीन भी बटाई पर दी थी और कुछ जमीन देने को भी कहा था। उसने यह बात पिहानी थाना क्षेत्र के बंदरहा गांव निवासी राजीव सिंह को बताई थी।
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राजीव सिंह ने ट्रस्ट बनाने की सलाह देने के नाम पर फर्जी वसीयत की राय दी थी। योजना के अनुसार बाबा हरिदास व उनके बेटे नेतराम का अंगूठा लगवाकर फर्जी वसीयत अपने नाम करा ली थी।
बाबा ने इसी बीच चल-अचल संपत्ति की वसीयत शिष्या मीरादास के नाम कर दी। इसी से नाराज होकर वह 31 अक्तूबर 2020 की रात सुरसा थाना क्षेत्र के ढोलिया गांव निवासी दोस्त सफीक व कोतवाली शहर के नीरबहर निवासी साले संजय के साथ आश्रम पर आया। हरिदास व बेटा नेतराम और शिष्या मीरादास की एक-एक कर हत्या कर दी थी।
बयानों के आधार पर पुलिस ने रक्षपाल, राजीव, संजय, सफीक व हरिराम को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। इसमें राजीव, संजय व हरिराम की जमानत हो गई है। रक्षपाल व सफीक अभी जेल में बंद हैं। निरीक्षक शिवशंकर की गवाही के लिए अगली तारीख 25 अप्रैल दी गई है।
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मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश (एससी-एसटी) सपना त्रिपाठी कर रहीं हैं। टड़ियावां क्षेत्र के बरुआर गांव निवासी ओमशंकर ने एक नवंबर 2020 को टड़ियावां थाने में अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि कुआंमऊ के पास हुलासी बगिया आश्रम है। इसमें बाबा हरिदास (70) उनकी शिष्या मीरादास (65) पुत्र नेतराम (45) रहते थे।
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एक नवंबर को मझिला थाना क्षेत्र के रौतापुर गांव निवासी रक्षपाल ने बताया कि तीनों की किसी ने ईंट-पत्थरों से कूच कर हत्या कर दी।
दो नवंबर को पुलिस ने शक के आधार पर रक्षपाल को गिरफ्तार किया था। कड़ाई से पूछताछ पर रक्षपाल ने पुलिस को बताया कि वर्ष 2019 में बाबा से पहचान हुई थी। बाबा की एक वर्ष तक सेवा की थी। 16 बीघा जमीन भी बटाई पर दी थी और कुछ जमीन देने को भी कहा था। उसने यह बात पिहानी थाना क्षेत्र के बंदरहा गांव निवासी राजीव सिंह को बताई थी।
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राजीव सिंह ने ट्रस्ट बनाने की सलाह देने के नाम पर फर्जी वसीयत की राय दी थी। योजना के अनुसार बाबा हरिदास व उनके बेटे नेतराम का अंगूठा लगवाकर फर्जी वसीयत अपने नाम करा ली थी।
बाबा ने इसी बीच चल-अचल संपत्ति की वसीयत शिष्या मीरादास के नाम कर दी। इसी से नाराज होकर वह 31 अक्तूबर 2020 की रात सुरसा थाना क्षेत्र के ढोलिया गांव निवासी दोस्त सफीक व कोतवाली शहर के नीरबहर निवासी साले संजय के साथ आश्रम पर आया। हरिदास व बेटा नेतराम और शिष्या मीरादास की एक-एक कर हत्या कर दी थी।
बयानों के आधार पर पुलिस ने रक्षपाल, राजीव, संजय, सफीक व हरिराम को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। इसमें राजीव, संजय व हरिराम की जमानत हो गई है। रक्षपाल व सफीक अभी जेल में बंद हैं। निरीक्षक शिवशंकर की गवाही के लिए अगली तारीख 25 अप्रैल दी गई है।

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