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एल-1 अस्पताल में लगाया प्लांट,ऑपरेटर न वेंटिलेटर
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बावन सीएचसी में संचालित कोविड एल-1 अस्पताल। संवाद
- फोटो : HARDOI
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हरदोई। कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन से निपटने के लिए बावन सीएचसी स्थित कोविड एल-1 अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट तो लगा दिया गया, लेकिन इसे चलाने के लिए ऑपरेटर नहीं है। वेंटिलेटर और अन्य संसाधनों की कमी से कोरोना से जंग जीतना मुश्किल साबित हो सकता है।
कोरोना की दूसरी लहर में ऑक्सीजन की कमी मरीजों के लिए काल बन गई थी। ऑक्सीजन के सिलिंडर नहीं मिल रहे थे। ऐसी स्थिति से निपटने के लिए सूबे की सरकार ने तीसरी लहर से पहले से ही संसाधन जुटाने शुरू कर दिए।
जिले में बावन सीएचसी में 50 बेड का कोविड एल-1 अस्पताल बना दिया। इसमें 333 एलपीएम क्षमता का ऑक्सीजन प्लांट लगाया गया है। लेकिन कोरोना की तीसरी लहर की दस्तक के बाद भी प्लांट चलाने के लिए ऑपरेटर की तैनाती नहीं हुई है। एक भी वेंटिलेटर नहीं है। विभागीय जिम्मेदार प्लांट चलाने के लिए प्रशिक्षित कर्मचारी की तैनाती व संसाधन पूरे होने का दावा कर रहे हैं। लेकिन हकीकत में अस्पताल संसाधनों की कमी से जूझ रहा है।
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एल-1 अस्पताल में संसाधनों की कमी नहीं है। 333 एमपीएल क्षमता का ऑक्सीजन प्लांट है। प्लांट चलाने के लिए कर्मचारियों को ट्रेनिंग दी गई है। अस्पताल में 50 बेड उपलब्ध हैं। जरूरत पड़ने पर 30 बेड बढ़ाने की भी व्यवस्था है। - डॉ. पंकज मिश्रा, सीएचसी अधीक्षक बावन/प्रभारी एल-1 अस्पताल
40 बेड पर ऑक्सीजन प्वाइंट
बावन स्थित कोविड एल-1 अस्पताल में 50 में से 40 बेडों तक ही ऑक्सीजन प्वाइंट लगे हैं।
वेंटिलेटर नहीं
सूबे की सरकार आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तत्पर है। लेकिन विभागीय जिम्मेदारों की अनदेखी से संसाधनों की कमी पूरी नहीं हो पा रही है। एल-1 अस्पताल में एक भी वेंटिलेटर नहीं हैं। विभाग 45 ऑक्सीजन कन्संट्रेटर लगाने का दावा कर रहा है।
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कोरोना की दूसरी लहर में ऑक्सीजन की कमी मरीजों के लिए काल बन गई थी। ऑक्सीजन के सिलिंडर नहीं मिल रहे थे। ऐसी स्थिति से निपटने के लिए सूबे की सरकार ने तीसरी लहर से पहले से ही संसाधन जुटाने शुरू कर दिए।
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जिले में बावन सीएचसी में 50 बेड का कोविड एल-1 अस्पताल बना दिया। इसमें 333 एलपीएम क्षमता का ऑक्सीजन प्लांट लगाया गया है। लेकिन कोरोना की तीसरी लहर की दस्तक के बाद भी प्लांट चलाने के लिए ऑपरेटर की तैनाती नहीं हुई है। एक भी वेंटिलेटर नहीं है। विभागीय जिम्मेदार प्लांट चलाने के लिए प्रशिक्षित कर्मचारी की तैनाती व संसाधन पूरे होने का दावा कर रहे हैं। लेकिन हकीकत में अस्पताल संसाधनों की कमी से जूझ रहा है।
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एल-1 अस्पताल में संसाधनों की कमी नहीं है। 333 एमपीएल क्षमता का ऑक्सीजन प्लांट है। प्लांट चलाने के लिए कर्मचारियों को ट्रेनिंग दी गई है। अस्पताल में 50 बेड उपलब्ध हैं। जरूरत पड़ने पर 30 बेड बढ़ाने की भी व्यवस्था है। - डॉ. पंकज मिश्रा, सीएचसी अधीक्षक बावन/प्रभारी एल-1 अस्पताल
40 बेड पर ऑक्सीजन प्वाइंट
बावन स्थित कोविड एल-1 अस्पताल में 50 में से 40 बेडों तक ही ऑक्सीजन प्वाइंट लगे हैं।
वेंटिलेटर नहीं
सूबे की सरकार आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तत्पर है। लेकिन विभागीय जिम्मेदारों की अनदेखी से संसाधनों की कमी पूरी नहीं हो पा रही है। एल-1 अस्पताल में एक भी वेंटिलेटर नहीं हैं। विभाग 45 ऑक्सीजन कन्संट्रेटर लगाने का दावा कर रहा है।