{"_id":"5e9f2e588ebc3e90602aa989","slug":"online-education-hardoi-news-knp5563820149","type":"story","status":"publish","title_hn":"छह नहीं सात हजार देंगे डिस्ट्रिक टॉप करा दो...","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
छह नहीं सात हजार देंगे डिस्ट्रिक टॉप करा दो...
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हरदोई। बोर्ड परीक्षाओं में बच्चों को फेल बता फोन पर पैसे मांगने वाला गैंग अभी भी सक्रिय हैं। मंगलवार को माधौगंज कस्बे के एक ग्राम विकास अधिकारी के पास फोन आया तो जागरूक पिता ने उल्टा डिस्ट्रिक टॉप कराने का पैसा पूछकर फोन करने वाले को फोन काटने पर विवश कर दिया। डीआईओएस का कहना है कि बस इसी तरह अभिभावकों को जागरूक होना चाहिए ताकि किसी भी अभिभावक को यह आर्थिक क्षति न पहुंचा सकें।
माधौगंज कस्बा निवासी सुभाष चंद्र ग्राम विकास अधिकारी हैं। उनके पुत्र आर्यन ने श्री सांईं इंटर कालेज से 10 वीं की परीक्षा दी है। सुभाष ने बताया कि रोजाना की तरह सुबह वह अपने घर पर तैयार हो रहे थे और फील्ड पर जाने की तैयारी कर रहे थे उसी बीच उनके नंबर पर एक फोन आय। जिसने यूपी बोर्ड से अपने आप को बताया। फोन करने वाले व्यक्ति ने बताया कि उनका बेटा गणित में फेल है यदि वह छह हजार रुपए उनके बताए एकाउंट में डाल दें तो पास हो सकता है।
ग्राम विकास अधिकारी ने बताया कि वह काफी दिनों से अमर उजाला में ही इस बाबत पढ़ रहे हैं तो उनको पहले से ही आभास हो गया था कि यह लोग फ्राड हैं जिसके बाद उन्होंने यह भी उससे कहा कि सात हजार देंगे मेरे बच्चे को जिला टॉप करा दो। इस पर जवाब आया कि उसमें जांच हो जाएगी और फोन भी काट दिया। डीआईओएस वीके दुबे का कहना है कि बस इसी तरह इस गैंग वालों से अभिभावक बच सकते हैं। किसी तरह से इनके बहकावे में न आए।
विज्ञापन
विज्ञापन
माधौगंज कस्बा निवासी सुभाष चंद्र ग्राम विकास अधिकारी हैं। उनके पुत्र आर्यन ने श्री सांईं इंटर कालेज से 10 वीं की परीक्षा दी है। सुभाष ने बताया कि रोजाना की तरह सुबह वह अपने घर पर तैयार हो रहे थे और फील्ड पर जाने की तैयारी कर रहे थे उसी बीच उनके नंबर पर एक फोन आय। जिसने यूपी बोर्ड से अपने आप को बताया। फोन करने वाले व्यक्ति ने बताया कि उनका बेटा गणित में फेल है यदि वह छह हजार रुपए उनके बताए एकाउंट में डाल दें तो पास हो सकता है।
विज्ञापन
ग्राम विकास अधिकारी ने बताया कि वह काफी दिनों से अमर उजाला में ही इस बाबत पढ़ रहे हैं तो उनको पहले से ही आभास हो गया था कि यह लोग फ्राड हैं जिसके बाद उन्होंने यह भी उससे कहा कि सात हजार देंगे मेरे बच्चे को जिला टॉप करा दो। इस पर जवाब आया कि उसमें जांच हो जाएगी और फोन भी काट दिया। डीआईओएस वीके दुबे का कहना है कि बस इसी तरह इस गैंग वालों से अभिभावक बच सकते हैं। किसी तरह से इनके बहकावे में न आए।
विज्ञापन