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धरने के नवें दिन नौ लोगों ने संभाली कमान
ब्यूरो/अमर उजाला, हरदोई
Updated Sun, 04 Jan 2015 12:27 AM IST
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विकास खंड बिलग्राम, सुरसा व सांडी से संबंधित
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ग्रामों से जंगली गायों का प्रकोप कम कराने की मांग को लेकर कलक्ट्रेट में
बैठे ग्रामीणों का धरना प्रदर्शन नवें दिन जारी रहा, लेकिन ठंड व बारिश के
चलते नवें दिन ग्रामीणों की संख्या काफी कम रही।
कलक्ट्रेट परिसर के घेराव के दौरान ग्रामीणों को संबोधित करते हुए ग्रामीणों ने कहा कि विकास खंड बिलग्राम, सुरसा एवं सांडी के बीसों गांवों में हजारों जंगली गायों का प्रकोप जारी है। कहा कि इन गायों द्वारा न सिर्फ फसलों को पूरी तरह से तबाह किया जा रहा है, बल्कि किसानों को भी गंभीर चोटें पहुंचाई जा रही है।
उन्होंने कहा कि कई बार शिकायत करने के बाद भी अधिकारिक तौर पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई, जिससे किसान धरना प्रदर्शन करने को बाध्य हुए। किसानों ने कहा कि यदि जल्द किसानों व उनकी फसलों को जंगली गायों से निजात न दिलाई गई तो किसान आत्महत्या करने को विवश होंगे।
कहा कि पिछले नौ दिनों से लगातार धरना चल रहा, पर प्रशासन द्वारा कोई समुचित कार्रवाई तो नहीं की गई, उल्टे डीएम से वार्ता करने शुक्रवार को जब ग्रामीण पहुंचे तो उनके द्वारा वार्ता भी न की गई, जिससे ग्रामीणों में रोष व्याप्त है। नवें दिन धरना स्थल पर नौ ग्रामीण ही दिखाई दिए।
कलक्ट्रेट परिसर के घेराव के दौरान ग्रामीणों को संबोधित करते हुए ग्रामीणों ने कहा कि विकास खंड बिलग्राम, सुरसा एवं सांडी के बीसों गांवों में हजारों जंगली गायों का प्रकोप जारी है। कहा कि इन गायों द्वारा न सिर्फ फसलों को पूरी तरह से तबाह किया जा रहा है, बल्कि किसानों को भी गंभीर चोटें पहुंचाई जा रही है।
उन्होंने कहा कि कई बार शिकायत करने के बाद भी अधिकारिक तौर पर अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई, जिससे किसान धरना प्रदर्शन करने को बाध्य हुए। किसानों ने कहा कि यदि जल्द किसानों व उनकी फसलों को जंगली गायों से निजात न दिलाई गई तो किसान आत्महत्या करने को विवश होंगे।
कहा कि पिछले नौ दिनों से लगातार धरना चल रहा, पर प्रशासन द्वारा कोई समुचित कार्रवाई तो नहीं की गई, उल्टे डीएम से वार्ता करने शुक्रवार को जब ग्रामीण पहुंचे तो उनके द्वारा वार्ता भी न की गई, जिससे ग्रामीणों में रोष व्याप्त है। नवें दिन धरना स्थल पर नौ ग्रामीण ही दिखाई दिए।