{"_id":"a96768b795c10ccb6b11521d4fe8f817","slug":"ole-littered-the-sheets-of-rain-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"बारिश के बीच बिछी ओले की चादर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बारिश के बीच बिछी ओले की चादर
ब्यूरो/अमर उजाला, हरदोई
Updated Sun, 05 Apr 2015 12:35 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिले में कुदरत का कहर थम नहीं रहा है। शनिवार सुबह
विज्ञापन
तेज हवाओं के बीच बारिश शुरू हुई और कुछ ही देर में बारिश के साथ ओले गिरने
लगे। मध्यम आकार के ओले गिरते देख किसानों की आंखें भर आई। सुबह करीब
साढ़े नौ बजे काली घटाओं के साथ शुरू हुई बारिश कुछ देर रुकी, फिर करीब
11:10 बजे ओलावृष्टि होने लगी।
देखते ही देखते ही शहर की सड़कों पर ओले की चादर बिछ गई। वहीं सांडी, हरपालपुर क्षेत्र और सवायजपुर तहसील क्षेत्र के दर्जनों गांवों में खेत में खड़ी फसल भी ओलावृष्टि की चपेट में आकर पलट गई। सांडी देहात, आदमपुर, कोईलाई, मलवा, अखवेलपुर, सिपहिया, अमलौखा, जजवासी, ज्ञानपुरवा, कके ड़ी, खुटेहना समेत क्षेत्र के दर्जनों गांवों में खेत में खड़ी फसल बिछ गई।
कृषक शिवमंगल सिंह, दलगंजन सिंह, श्रीश कुमार, अन्नू सिंह, रामगुलाम, धरमू, रामबली, शिवशंकर राजपूत, वीरेश सिंह आदि का कहना है कि फसल बर्बाद होने से वह बैंक और सूदखोरों का ऋण कैसे अदा कर पाएंगे। उधर, कटियारी क्षेत्र में हुई ओलावृष्टि से किसानों के आंसू छलक आए। बोले, कुदरत का कहर उन्हें जीने नहीं दे रहा।
पहले सूखे ने फसल बर्बाद की अब बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से गेहूं की फसल भी बर्बाद हो गई है। उधर, सवायपजुर क्षेत्र के महमूदपुर, अटरिया, रूपापुर, भैंसीनगला, सेक्टर झाला, फरिगहना, गजियापुर, मलिकापुर, भरखनी, रमापुर, कुंवरपुर, लौकहा, बिल्सर, हेलन, माननगला, अनंगपुर समेत कई गांवों में खासा नुकसान हुआ है।
अनंगपुर के चंदन सिंह, बड़े सिंह, अश्वरी सिंह, राकेश पाठक, श्रीप्रकाश दीक्षित, अनिल सिंह आदि ने कहा कि उनके खेतों में फसल का खासा नुकसान हुआ है। उधर, डीएम रमेश मिश्र ने बताया कि उन्होंने खुद क्षेत्र का जायजा लिया था, एक बेल्ट में व शहर में अधिक ओलावृष्टि हुई, पर इस ओलावृष्टि से बहुत अधिक नुकसान नहीं हुआ है।
फिलहाल उन्होंने संबंधित तहसील के एसडीएम को पुन: सर्वे कर हुए नुकसान के आकलन की रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए हैं। उधर, शनिवार को शहर में उमड़ घुमड़ कर आए काले बादलों ने जब बरसना शुरू किया तो कुछ ही देर में शहर की कुछ सड़कें कुछ देर की बारिश को भी बर्दाश्त नहीं कर पाई, जिसके बाद पहले गली भरी और उसके बाद शहर के मुख्य मार्ग पानी में डूबते चले गए।
रुक-रुक कर कुछ देर की बारिश ने ही व्यवस्थाओं को पूरी तरह से आईना दिखा दिया। नुमाइश चौराहे पर भी जलभराव से फुटपाथ व चौराहा एक जैसा ही हो गए। फुटपाथ पर लगी दुकानें जहां तालाब में लगी दिख रही थी तो वहीं उनके पास तक जाने के लिए इक्का दुक्का ग्राहकों को काफी जतन करने पड़ रहे थे।
शहर के सिनेमा रोड पर भी काफी दूर तक यही जलभराव की स्थिति देखने को मिली। शहरवासियों का कहना था कि बिन मौसम बरसात में जहां सड़के जलमग्न हैं, तो वहीं मानसून में जिला कहां तक डुबकी लगाएगा इसका अंदाजा सहजता से लगाया जा सकता है।
देखते ही देखते ही शहर की सड़कों पर ओले की चादर बिछ गई। वहीं सांडी, हरपालपुर क्षेत्र और सवायजपुर तहसील क्षेत्र के दर्जनों गांवों में खेत में खड़ी फसल भी ओलावृष्टि की चपेट में आकर पलट गई। सांडी देहात, आदमपुर, कोईलाई, मलवा, अखवेलपुर, सिपहिया, अमलौखा, जजवासी, ज्ञानपुरवा, कके ड़ी, खुटेहना समेत क्षेत्र के दर्जनों गांवों में खेत में खड़ी फसल बिछ गई।
कृषक शिवमंगल सिंह, दलगंजन सिंह, श्रीश कुमार, अन्नू सिंह, रामगुलाम, धरमू, रामबली, शिवशंकर राजपूत, वीरेश सिंह आदि का कहना है कि फसल बर्बाद होने से वह बैंक और सूदखोरों का ऋण कैसे अदा कर पाएंगे। उधर, कटियारी क्षेत्र में हुई ओलावृष्टि से किसानों के आंसू छलक आए। बोले, कुदरत का कहर उन्हें जीने नहीं दे रहा।
पहले सूखे ने फसल बर्बाद की अब बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से गेहूं की फसल भी बर्बाद हो गई है। उधर, सवायपजुर क्षेत्र के महमूदपुर, अटरिया, रूपापुर, भैंसीनगला, सेक्टर झाला, फरिगहना, गजियापुर, मलिकापुर, भरखनी, रमापुर, कुंवरपुर, लौकहा, बिल्सर, हेलन, माननगला, अनंगपुर समेत कई गांवों में खासा नुकसान हुआ है।
अनंगपुर के चंदन सिंह, बड़े सिंह, अश्वरी सिंह, राकेश पाठक, श्रीप्रकाश दीक्षित, अनिल सिंह आदि ने कहा कि उनके खेतों में फसल का खासा नुकसान हुआ है। उधर, डीएम रमेश मिश्र ने बताया कि उन्होंने खुद क्षेत्र का जायजा लिया था, एक बेल्ट में व शहर में अधिक ओलावृष्टि हुई, पर इस ओलावृष्टि से बहुत अधिक नुकसान नहीं हुआ है।
फिलहाल उन्होंने संबंधित तहसील के एसडीएम को पुन: सर्वे कर हुए नुकसान के आकलन की रिपोर्ट भेजने के निर्देश दिए हैं। उधर, शनिवार को शहर में उमड़ घुमड़ कर आए काले बादलों ने जब बरसना शुरू किया तो कुछ ही देर में शहर की कुछ सड़कें कुछ देर की बारिश को भी बर्दाश्त नहीं कर पाई, जिसके बाद पहले गली भरी और उसके बाद शहर के मुख्य मार्ग पानी में डूबते चले गए।
रुक-रुक कर कुछ देर की बारिश ने ही व्यवस्थाओं को पूरी तरह से आईना दिखा दिया। नुमाइश चौराहे पर भी जलभराव से फुटपाथ व चौराहा एक जैसा ही हो गए। फुटपाथ पर लगी दुकानें जहां तालाब में लगी दिख रही थी तो वहीं उनके पास तक जाने के लिए इक्का दुक्का ग्राहकों को काफी जतन करने पड़ रहे थे।
शहर के सिनेमा रोड पर भी काफी दूर तक यही जलभराव की स्थिति देखने को मिली। शहरवासियों का कहना था कि बिन मौसम बरसात में जहां सड़के जलमग्न हैं, तो वहीं मानसून में जिला कहां तक डुबकी लगाएगा इसका अंदाजा सहजता से लगाया जा सकता है।