फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hardoi News ›   no urine bag and cathater in hospital

यूरिन बैग,कैथेटर खत्म,बाहर से खरीद रहे तीमारदार

Wed, 08 Dec 2021 11:06 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 08 Dec 2021 11:06 PM IST
विज्ञापन
no urine bag and cathater in hospital
जिला अस्पताल के सर्जिकल वार्ड में यूरिन बैग लगाए लेटे मरीज। संवाद - फोटो : HARDOI
हरदोई। आपके घर में किसी बुजुर्ग को किडनी संबंधित बीमारी है या अन्य समस्याएं हैं तो जिला अस्पताल जान से पहले पूरी जानकारी कर लें। अस्पताल में यूरिन बैग और कैथेटर खत्म हो गए हैं। इसके कारण अस्पताल पहुंच रहे मरीज और तीमारदार परेशान हैं। उन्हें बाहर से इसका जुगाड़ करना पड़ रहा है। मेडिकल स्टोर से महंगे दाम पर यूरिन बैग और कैथेटर खरीद रहे हैं। अस्पताल प्रशासन इससे अंजान बना हुआ है।
विज्ञापन

जिला अस्पताल में अव्यवस्था बढ़ती जा रही है। इन दिनों अस्पताल में सर्जिकल व हादसे में घायल मरीजों की संख्या ज्यादा हैं। इसके साथ ही सर्दी मेें पेशाब की बीमारी से ग्रसित बुजुर्ग मरीज भी अधिक आ रहे हैं। चलने-फिरने में असमर्थ मरीजों को यूरिन बैग, कैथेटर की जरूरत पड़ रही है। लेकिन अस्पताल में इसकी व्यवस्था नहीं है। मरीजों के तीमारदारों को ऑपरेशन के दौरान बाहर मेडिकल स्टोर तक दौड़ लगानी पड़ रही है।
विज्ञापन

तीमारदारों ने बताई समस्या
हरपालपुर कोतवाली क्षेत्र के ग्राम रामपुर निवासी रामचेला ने बताया कि उसके बेटे अंकित की जांघ में गांठ थी। मंगलवार को ऑपरेशन कराया था। यूरिन बैग, कैथेटर बाहर से मंगवाकर काम चलाना पड़ा।
विज्ञापन
विज्ञापन

बेनीगंज कोतवाली क्षेत्र के कोरोकला निवासी रामबेटी ने बताया कि सास गांगी मंगलवार को बेहोश हो गईं थीं। उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। इमरजेंसी कक्ष उससे यूरिन बैग, कैथेटर न होने की बात कही गई। उसे मेडिकल स्टोर से 200 रुपये खर्च कर यूरिग बैग, कैथेटर लेना पड़ा।
हरियावां के ग्राम कटिघरा निवासी धर्मेंद्र ने बताया कि पिता नंदकिशोर (65) को किडनी की समस्या है। तबीयत खराब होने पर बुधवार को उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया। चलने में असमर्थ होने पर डॉक्टर ने यूरिन बैग और कैथेटर लगवाने के लिए कहा लेकिन अस्पताल में न उपलब्ध होने पर उसे बाहर से खरीदना पड़ा।

जिला अस्पताल में रोगी कल्याण बजट सीएमएस के खाते में आता है। अस्पताल में जरूरी संसाधनों की कमी पूरी करने की जिम्मेदारी सीएमएस की है। अस्पताल में मरीजों को यूरिन बैग, कैथेटर नहीं मिल पा रहे हैं, इसकी जानकारी करने के बाद कुछ कहा जा सकता है।
- डॉ वाणी गुप्ता प्राचार्या, मेडिकल कॉलेज।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed