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Hardoi News: इंटर्न छात्र और नर्सिंग स्टाफ के बीच विवाद का नहीं निकला हल, अब जांच रिपोर्ट का इंतजार
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हरदोई। मेडिकल कॉलेज में इंटर्न छात्रों और नर्सिंग स्टाफ के बीच हुए विवाद को सुलझाने के लिए रविवार को बुलाई गई बैठक में कोई नतीजा नहीं निकला। प्रधानाचार्य की मौजूदगी में दोनों पक्षों की बात विस्तार से सुनी गई लेकिन विवाद का तत्काल समाधान नहीं निकल सका। अब मामले की जांच कर रही समिति की रिपोर्ट आने के बाद ही कार्रवाई की जाएगी।
इमरजेंसी में भर्ती एक मरीज को इंजेक्शन लगाने की बात पर शुरू हुए विवाद का पटाक्षेप अभी तक नहीं हुआ। नर्सिंग स्टाफ कार्रवाई की मांग पर अड़ा हुआ है। स्टाफ चाहता है कि अभद्रता करने वाले इंटर्न छात्रों को निलंबित या फिर कुछ दिन के लिए मेडिकल कॉलेज में प्रतिबंधित किया जाए वहीं इंटर्न छात्र भी बात न सुनने वाले नर्सिंग ऑफिसर पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। बता दें कि इसी मामले को सुलझाने के लिए रविवार को मेडिकल कॉलेज स्थित अंत: रोगी विभाग (आईपीडी) के लेक्चर रूम में बैठक बुलाई। इसमें इंटर्न छात्र और सभी नर्सिंग स्टाफ मौजूद रहा।
बैठक में प्रधानाचार्य डॉ. जेबी गोगोई ने दोनों पक्षों की बात सुनीं। इंटर्न छात्रों ने अपने साथ हुए व्यवहार और कार्यस्थल पर उत्पन्न परिस्थितियों को लेकर शिकायतें रखीं। वहीं नर्सिंग स्टाफ ने भी अपने पक्ष में तर्क दिया। इसके चलते बैठक में सहमति नहीं बन सकी। प्रधानाचार्य ने मामले में गठित वरिष्ठ डॉक्टरों की जांच रिपोर्ट आने के बाद तथ्यों के आधार पर आवश्यक प्रशासनिक कार्रवाई करने की बात कही। कहा कि किसी एक पक्ष की बात सुनकर कोई कार्रवाई नहीं की जा सकती। तब तक सभी को मिलकर कार्य करने के लिए कहा गया है।
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इमरजेंसी में भर्ती एक मरीज को इंजेक्शन लगाने की बात पर शुरू हुए विवाद का पटाक्षेप अभी तक नहीं हुआ। नर्सिंग स्टाफ कार्रवाई की मांग पर अड़ा हुआ है। स्टाफ चाहता है कि अभद्रता करने वाले इंटर्न छात्रों को निलंबित या फिर कुछ दिन के लिए मेडिकल कॉलेज में प्रतिबंधित किया जाए वहीं इंटर्न छात्र भी बात न सुनने वाले नर्सिंग ऑफिसर पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। बता दें कि इसी मामले को सुलझाने के लिए रविवार को मेडिकल कॉलेज स्थित अंत: रोगी विभाग (आईपीडी) के लेक्चर रूम में बैठक बुलाई। इसमें इंटर्न छात्र और सभी नर्सिंग स्टाफ मौजूद रहा।
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बैठक में प्रधानाचार्य डॉ. जेबी गोगोई ने दोनों पक्षों की बात सुनीं। इंटर्न छात्रों ने अपने साथ हुए व्यवहार और कार्यस्थल पर उत्पन्न परिस्थितियों को लेकर शिकायतें रखीं। वहीं नर्सिंग स्टाफ ने भी अपने पक्ष में तर्क दिया। इसके चलते बैठक में सहमति नहीं बन सकी। प्रधानाचार्य ने मामले में गठित वरिष्ठ डॉक्टरों की जांच रिपोर्ट आने के बाद तथ्यों के आधार पर आवश्यक प्रशासनिक कार्रवाई करने की बात कही। कहा कि किसी एक पक्ष की बात सुनकर कोई कार्रवाई नहीं की जा सकती। तब तक सभी को मिलकर कार्य करने के लिए कहा गया है।
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