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शासन में गूंजी नस्योली गोपाल की अनियमितताएं, रिपोर्ट तलब
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हरदोई। शाहाबाद विकास खंड की ग्राम पंचायत नस्योली गोपाल में सोशल ऑडिट के दौरान मिली वित्तीय अनियमितता का मामला तूल पकड़ गया है। पत्रावली न भेजे जाने पर ग्राम्य विकास विभाग के अपर आयुक्त (मनरेगा) ने डीएम से पूरे मामले पर सात दिन में आख्या तलब की है।
नस्योली गोपाल में 25 से 27 नवंबर के बीच सोशल ऑडिट किया गया था। इसमें 12 दंपती के एक दर्जन से अधिक फर्जी जॉबकार्ड बनाकर डेढ़ लाख रुपये का भुगतान करने का मामला सामने आया था। इसके अलावा पांच लोगों को दो-दो जॉब कार्ड बनाकर एक लाख रुपये से अधिक का भुगतान करने के साथ ही अन्य खामियां भी मिली थीं।
एक करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान एक ही वित्तीय वर्ष में किया गया। लेकिन इससे संबंधित अभिलेख ग्राम पंचायत के जिम्मेदार सोशल ऑडिट के दौरान नहीं दिखा पाए थे। टीम ने रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी थी। इन अनियमितताओं की खबर अमर उजाला ने 29 नवंबर को प्रमुखता से प्रकाशित की थी।
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खबर को संज्ञान में लेकर मनरेगा उपायुक्त प्रमोद सिंह चंद्रौल ने तीस नवंबर को ग्राम पंचायत में मनरेगा से कराए गए कार्यों की पूरी पत्रावली तलब की थी। 14 दिन बीतने के बाद भी ग्राम पंचायत के जिम्मेदारों ने इसकी पत्रावली जिम्मेदारों को नहीं दी। अब ग्राम्य विकास विभाग के अपर आयुक्त मनरेगा योगेश कुमार ने पूरे प्रकरण पर डीएम से आख्या मांगी है।
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नस्योली गोपाल में 25 से 27 नवंबर के बीच सोशल ऑडिट किया गया था। इसमें 12 दंपती के एक दर्जन से अधिक फर्जी जॉबकार्ड बनाकर डेढ़ लाख रुपये का भुगतान करने का मामला सामने आया था। इसके अलावा पांच लोगों को दो-दो जॉब कार्ड बनाकर एक लाख रुपये से अधिक का भुगतान करने के साथ ही अन्य खामियां भी मिली थीं।
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एक करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान एक ही वित्तीय वर्ष में किया गया। लेकिन इससे संबंधित अभिलेख ग्राम पंचायत के जिम्मेदार सोशल ऑडिट के दौरान नहीं दिखा पाए थे। टीम ने रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेज दी थी। इन अनियमितताओं की खबर अमर उजाला ने 29 नवंबर को प्रमुखता से प्रकाशित की थी।
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खबर को संज्ञान में लेकर मनरेगा उपायुक्त प्रमोद सिंह चंद्रौल ने तीस नवंबर को ग्राम पंचायत में मनरेगा से कराए गए कार्यों की पूरी पत्रावली तलब की थी। 14 दिन बीतने के बाद भी ग्राम पंचायत के जिम्मेदारों ने इसकी पत्रावली जिम्मेदारों को नहीं दी। अब ग्राम्य विकास विभाग के अपर आयुक्त मनरेगा योगेश कुमार ने पूरे प्रकरण पर डीएम से आख्या मांगी है।