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Hardoi News: ओआरएस न मेडिकल किट, भगवान भरोसे यात्रियों का सफर

Fri, 15 May 2026 11:10 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Fri, 15 May 2026 11:10 PM IST
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No ORS or medical kit, passengers' journey is at God's mercy
फोटो-13- रोडवेज बस में नदारद फर्स्ट-एड बॉक्स और अ​ग्निशमन यंत्र । संवाद
हरदोई। यात्रियों को सुगम और सुरक्षित सफर का दम भरने वाले परिवहन निगम के सारे दावे भीषण गर्मी में दम तोड़ते नजर आ रहे हैं। चोट लगने या बीमार पड़ने की दशा में बसों में यात्रियों को प्राथमिक उपचार देने के लिए भी सुविधाएं नहीं हैं। कई बसों में मेडिकल बॉक्स तक उखड़ चुके हैं। वहीं, अग्निशमन यंत्र भी नदारद है, दुर्घटना होने पर यात्रियों की जान भी आफत में पड़ सकती है।
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शासन और परिवहन मुख्यालय के सख्त निर्देश हैं कि हर बस में अनिवार्य रूप से अपडेटेड फर्स्ट-एड किट होनी चाहिए। इस जानलेवा गर्मी को देखते हुए बसों में तीन से पांच लीटर ठंडा पानी और ओआरएस के पैकेट रखना अनिवार्य किया गया है। लेकिन हरदोई डिपो की बसों में जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलट है। हरदोई डिपो की अधिकांश बसों में मेडिकल बॉक्स मौजूद ही नहीं है। वहीं, जिन बसों में मेडिकल बॉक्स लगा भी है तो उनमें फर्स्ट-एड किट भी मानकों के अनुरूप नहीं है। इन दिनों भीषण गर्मी में ओआरएस संजीवनी का काम करता है, लेकिन रोडवेज बसों में इसकी उपलब्धता शून्य है। यात्रियों का कहना है कि रास्ते में तबीयत बिगड़ने पर उन्हें निजी मेडिकल स्टोर या बस स्टैंड के भरोसे रहना पड़ता है, जबकि शासन की तरफ से भी बसों में तीन से पांच लीटर ठंडा पानी व ओआरएस रखने के निर्देश दिए गए हैं।
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बसों में यह होनी चाहिए व्यवस्था

रोडवेज बस में प्रत्येक मेडिकल किट में दर्द निवारक दवा, पट्टी, कॉटन, बैंडेज, बीटाडीन ट्यूब के अलावा आपातकालीन स्थिति में ली जाने वाली दवाई व आपातकालीन नंबर लिखा होता है। जिससे यात्री को मौके पर राहत दी जा सके।
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बसों से अग्निशमन यंत्र भी गायब

बसों में सिर्फ दवाइयों का ही टोटा नहीं है, बल्कि सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम भी गायब हैं। कई बसों में आग बुझाने वाले अग्निशमन यंत्र तक नदारद हैं। ऐसे में अगर चलती बस में कोई तकनीकी खराबी या शॉर्ट सर्किट से आग लगती है, तो यात्रियों की जान सीधे आफत में पड़ना तय है।



सभी बसों में जांच करवाकर एक्सपायर दवाएं हटाई जा रही हैं और परिचालकों को मेडिकल बॉक्स दिया जा रहा है। ओआरएस की व्यवस्था भी दो से तीन दिन में करा दी जाएगी। अग्निशमन यंत्रों को लगवाने के लिए निर्देश दिया जा चुका है। -भुवनेश्वर कुमार, सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक

फोटो-13- रोडवेज बस में नदारद फर्स्ट-एड बॉक्स और अग्निशमन यंत्र । संवाद

फोटो-13- रोडवेज बस में नदारद फर्स्ट-एड बॉक्स और अग्निशमन यंत्र । संवाद

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