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Hardoi News: दो मामलों में फर्जीवाड़ा कर हड़पे नौ लाख रुपये
Wed, 02 Apr 2025 11:13 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हरदोई
संवाद न्यूज एजेंसी, हरदोई
Updated Wed, 02 Apr 2025 11:13 PM IST
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- एक मामले में खाताधारक को पता नहीं और चेक से होता रहा लेन-देन
- पुलिस ने न्यायालय के आदेश पर बैंक प्रबंधकों की तरफ से दर्ज की एफआईआर
संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। आधार और बैंक खाता में फर्जीवाड़ा कर दो लोगों ने व्यवसाय स्थापना के नाम पर 9,20,000 रुपये हड़प लिए। एक अन्य मामले में खाताधारक को पता ही नहीं चला और चेक से लेन-देन होता रहा। बैंक के साथ हुई धोखाधड़ी में आर्यावर्त बैंक के दो शाखा प्रबंधकों की तरफ से पुलिस ने न्यायालय के आदेश पर दो को नामजद करते हुए पांच के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया है।
न्यायालय के आदेश पर कोतवाली देहात पुलिस ने मामला दर्ज करते हुए जांच-पड़ताल शुरू की है। आर्यावर्त बैंक की पिहानी चुंगी शाखा के प्रबंधक पंकज मिश्रा ने न्यायालय में दिए शिकायती पत्र और दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा है कि आरटीओ कार्यालय के पास धन्नूपुरवा निवासी आकाश सिंह पुत्र सर्वेंद्र सिंह ने बैंक से 4,20,000 रुपये का ऋण और 3,00,000 रुपये की कैश क्रेडिट लिमिट ली।
कहा कि प्रधानमंत्री रोजगार सृजन में आटा चक्की लगाने के लिए लिए गए ऋण के रुपये आकाश सिंह ने रेलवेगंज की बैंक ऑफ इंडिया शाखा में मेर्सस दिलबाग सिंह एंड संस सप्लायर्स डीके सिंह के फर्जी बिल-वाउचर लगाकर खाता में हस्तांतरित करा लिए। जांच में जीएसटी और अभिलेखों से पता चला कि उक्त खाता दिलबाग सिंह एंड सप्लायर्स का न होकर आकाश सिंह का ही था। आकाश सिंह ने 7,20,000 रुपये का गबन कर लिया है।
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पिहानी चुंगी शाखा प्रबंधक पंकज मिश्रा ने एक अन्य दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा है कि दक्षिणी दिल्ली के आरके पुरम के सेक्टर सात के संगम सिनेमा के पास मकान नंबर-394 निवासी विवेक चौधरी पुत्र सतेंद्र कुमार के नाम के आधार कार्ड में पता में फर्जीवाड़ा किया गया। विवेक चौधरी ने आधार कार्ड में कोतवाली शहर के मोहल्ला आजाद नगर को दर्ज कराकर बैंक में बचत खाता खोल लिया।
शाखा प्रबंधक ने कहा है कि फर्जीवाड़ा कर बनाए गए आधार पर ही विवेक चौधरी ने मुद्रा लोन में 2,00,000 रुपये का ऋण स्वीकृत कराया गया। विवेक पुत्र सतेंद्र ने ऋण के रुपये ओमप्रताप पाल के खाता में हस्तांतरित करा लिए। दोनों ने मिलकर 2,00,000 रुपये हड़प लिए। पुलिस में कई बार शिकायत की, लेकिन काई कार्रवाई नहीं हुई थी।
चेक बुक ली और न ही बैंक खाता से कोई निकासी की
बैंक में धोखाधड़ी का यह मामला आर्यावर्त बैंक की सीतापुर रोड शाखा से जुड़ा है। बैंक में रामजीत पुत्र रामभजन के नाम से 2011 में बचत खाता संचालित है। 2017 से खाता में लेन देने न होने से खाता बंद था। बैंक प्रबंधक अमन कुमार गुप्ता ने न्यायालय के आदेश पर कोतवाली देहात में दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा है कि खाता में लेनदेन संदिग्ध लगने पर रामजीत से जानकारी की गई। रामजीत ने न तो चेक बुक लिए जाने और न ही निकासी किए जाने की बात कही। जांच में पता चला कि बंद खाता पर 16 दिसंबर 2023 को दो लोगों ने बैंक में आकर आधार और पैन कार्ड दिखाकर चेक बुक प्राप्त कर ली। इन लोगों ने 21 दिसंबर 2023 को 55,000 रुपये और 28 दिसंबर 2023 को 2,00,000 रुपये निकाल लिए। जिसके बाद सदरपुर शाखा से 1,10,000 रुपये रामजीत के खाता में हस्तांतरित कराए। इन रुपयों को भी 1 जनवरी 2024 को निकाल लिया गया। आर्यावर्त बैंक सदरपुर के प्रबंधक ने 1,10,000 रुपये के भुगतान पर 9 जनवरी 2024 को रोक लगाई, लेकिन तब तक रुपये निकाल लिए गए थे। तब बैंक से धोखाधड़ी की पुष्टि हुई। बैंक ने 2,55,000 और 1,10,000 रुपये जमा करा दिए हैं। बैंक को नुकसान भी हुआ है।
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- पुलिस ने न्यायालय के आदेश पर बैंक प्रबंधकों की तरफ से दर्ज की एफआईआर
संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। आधार और बैंक खाता में फर्जीवाड़ा कर दो लोगों ने व्यवसाय स्थापना के नाम पर 9,20,000 रुपये हड़प लिए। एक अन्य मामले में खाताधारक को पता ही नहीं चला और चेक से लेन-देन होता रहा। बैंक के साथ हुई धोखाधड़ी में आर्यावर्त बैंक के दो शाखा प्रबंधकों की तरफ से पुलिस ने न्यायालय के आदेश पर दो को नामजद करते हुए पांच के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया है।
न्यायालय के आदेश पर कोतवाली देहात पुलिस ने मामला दर्ज करते हुए जांच-पड़ताल शुरू की है। आर्यावर्त बैंक की पिहानी चुंगी शाखा के प्रबंधक पंकज मिश्रा ने न्यायालय में दिए शिकायती पत्र और दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा है कि आरटीओ कार्यालय के पास धन्नूपुरवा निवासी आकाश सिंह पुत्र सर्वेंद्र सिंह ने बैंक से 4,20,000 रुपये का ऋण और 3,00,000 रुपये की कैश क्रेडिट लिमिट ली।
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कहा कि प्रधानमंत्री रोजगार सृजन में आटा चक्की लगाने के लिए लिए गए ऋण के रुपये आकाश सिंह ने रेलवेगंज की बैंक ऑफ इंडिया शाखा में मेर्सस दिलबाग सिंह एंड संस सप्लायर्स डीके सिंह के फर्जी बिल-वाउचर लगाकर खाता में हस्तांतरित करा लिए। जांच में जीएसटी और अभिलेखों से पता चला कि उक्त खाता दिलबाग सिंह एंड सप्लायर्स का न होकर आकाश सिंह का ही था। आकाश सिंह ने 7,20,000 रुपये का गबन कर लिया है।
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पिहानी चुंगी शाखा प्रबंधक पंकज मिश्रा ने एक अन्य दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा है कि दक्षिणी दिल्ली के आरके पुरम के सेक्टर सात के संगम सिनेमा के पास मकान नंबर-394 निवासी विवेक चौधरी पुत्र सतेंद्र कुमार के नाम के आधार कार्ड में पता में फर्जीवाड़ा किया गया। विवेक चौधरी ने आधार कार्ड में कोतवाली शहर के मोहल्ला आजाद नगर को दर्ज कराकर बैंक में बचत खाता खोल लिया।
शाखा प्रबंधक ने कहा है कि फर्जीवाड़ा कर बनाए गए आधार पर ही विवेक चौधरी ने मुद्रा लोन में 2,00,000 रुपये का ऋण स्वीकृत कराया गया। विवेक पुत्र सतेंद्र ने ऋण के रुपये ओमप्रताप पाल के खाता में हस्तांतरित करा लिए। दोनों ने मिलकर 2,00,000 रुपये हड़प लिए। पुलिस में कई बार शिकायत की, लेकिन काई कार्रवाई नहीं हुई थी।
चेक बुक ली और न ही बैंक खाता से कोई निकासी की
बैंक में धोखाधड़ी का यह मामला आर्यावर्त बैंक की सीतापुर रोड शाखा से जुड़ा है। बैंक में रामजीत पुत्र रामभजन के नाम से 2011 में बचत खाता संचालित है। 2017 से खाता में लेन देने न होने से खाता बंद था। बैंक प्रबंधक अमन कुमार गुप्ता ने न्यायालय के आदेश पर कोतवाली देहात में दर्ज कराई रिपोर्ट में कहा है कि खाता में लेनदेन संदिग्ध लगने पर रामजीत से जानकारी की गई। रामजीत ने न तो चेक बुक लिए जाने और न ही निकासी किए जाने की बात कही। जांच में पता चला कि बंद खाता पर 16 दिसंबर 2023 को दो लोगों ने बैंक में आकर आधार और पैन कार्ड दिखाकर चेक बुक प्राप्त कर ली। इन लोगों ने 21 दिसंबर 2023 को 55,000 रुपये और 28 दिसंबर 2023 को 2,00,000 रुपये निकाल लिए। जिसके बाद सदरपुर शाखा से 1,10,000 रुपये रामजीत के खाता में हस्तांतरित कराए। इन रुपयों को भी 1 जनवरी 2024 को निकाल लिया गया। आर्यावर्त बैंक सदरपुर के प्रबंधक ने 1,10,000 रुपये के भुगतान पर 9 जनवरी 2024 को रोक लगाई, लेकिन तब तक रुपये निकाल लिए गए थे। तब बैंक से धोखाधड़ी की पुष्टि हुई। बैंक ने 2,55,000 और 1,10,000 रुपये जमा करा दिए हैं। बैंक को नुकसान भी हुआ है।

शिलाई में अस्पताल भवन के नक्शे का अवलोकन करते उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान। संवाद

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