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मामा के शगुन से होती है भांजी की शादी, उसी ने किया घिनौना कृत्य : अपर जिला
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हरदोई। करीब चार साल पुराने आठ साल की बच्ची से दुष्कर्म के मामले में दोषी मामा को अपर जिला जज श्रद्धा तिवारी ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही 50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना न देने पर एक वर्ष की अतिरिक्त सजा भी काटनी होगी। जुर्माने की पूरी रकम बतौर क्षतिपूर्ति पीड़िता को भी देने के आदेश कोर्ट ने दिए हैं। जज ने टिप्पणी करते हुए कोर्ट ने कहा कि दोषी पीड़िता का रिश्ते में मामा लगता है हिंदू सभ्यता में मामा के दिए हुए शगुन से भांजी की शादी होती है। उसी मामा ने भांजी के साथ ऐसा घिनौना कृत कर सामाजिक व पारिवारिक मूल्यों को तार तार कर झकझोर दिया है।
बेनीगंज थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने 15 जून 2020 को तहरीर दी थी। इसमें बताया था कि 14 जून की रात उसके गांव में जगरूप सिंह की पोती की शादी थी। इस कार्यक्रम में वह अपने परिवार के साथ गए हुए थे। उसकी भांजी (8) भी गई हुई थी। कार्यक्रम से लौटकर वह लोग घर आ गए थे उसकी भांजी नहीं आई थोड़ी देर बाद रात करीब सवा एक बजे उसकी भांजी रोती हुई खून से लथपथ घर आई, पीड़िता की नानी ने जब पूछा कहां थी क्या हुआ तो भांजी ने बताया कि उसे दीपक ( रिश्ते में मामा) शादी कार्यक्रम से गोद में उठाया व खाना खिलाने के बहाने बाग की तरफ ले गया था। अंधेरे में खाली जगह में ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया व मुंह और गला भी दबाया था। जान से मारने की धमकी दी थी। पुलिस ने सगे मामा की तहरीर के आधार पर दीपक के खिलाफ दुष्कर्म व पॉक्सो के तहत रिपोर्ट दर्ज की थी। पूरे मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से सात गवाहों को पेश किया गया दोनों पक्षों की तर्कों को सुनने व पत्रावली पर मौजूद सबूतों के आधार पर अपर जिला जज ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
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बेनीगंज थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने 15 जून 2020 को तहरीर दी थी। इसमें बताया था कि 14 जून की रात उसके गांव में जगरूप सिंह की पोती की शादी थी। इस कार्यक्रम में वह अपने परिवार के साथ गए हुए थे। उसकी भांजी (8) भी गई हुई थी। कार्यक्रम से लौटकर वह लोग घर आ गए थे उसकी भांजी नहीं आई थोड़ी देर बाद रात करीब सवा एक बजे उसकी भांजी रोती हुई खून से लथपथ घर आई, पीड़िता की नानी ने जब पूछा कहां थी क्या हुआ तो भांजी ने बताया कि उसे दीपक ( रिश्ते में मामा) शादी कार्यक्रम से गोद में उठाया व खाना खिलाने के बहाने बाग की तरफ ले गया था। अंधेरे में खाली जगह में ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया व मुंह और गला भी दबाया था। जान से मारने की धमकी दी थी। पुलिस ने सगे मामा की तहरीर के आधार पर दीपक के खिलाफ दुष्कर्म व पॉक्सो के तहत रिपोर्ट दर्ज की थी। पूरे मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से सात गवाहों को पेश किया गया दोनों पक्षों की तर्कों को सुनने व पत्रावली पर मौजूद सबूतों के आधार पर अपर जिला जज ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
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