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Hardoi News: हरदोई में 415.85 लाख के सरकारी धन का गबन
Sun, 05 Feb 2023 10:59 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हरदोई
संवाद न्यूज एजेंसी, हरदोई
Updated Sun, 05 Feb 2023 10:59 PM IST
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4.15 करोड़ का दुरुपयोग, सीएनडीएस जीएम समेत पांच पर रिपोर्ट
- 27 में तीन काम कराए गए पूर्ण, 2019 तक होने थे काम पूरे
संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। राजा टोडरमल सर्वेक्षण एवं भूलेख प्रशिक्षण संस्थान में काम पूरे न कराके सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया। मामले में शासन के आदेश पर संस्थान के कनिष्क सहायक ने जल निगम की कार्यदायी संस्था सीएनडीएस के तत्कालीन महाप्रबंधक समेत पांच अधिकारियों पर 415.85 करोड़ सरकारी धन के दुरुपयोग का मुकदमा दर्ज कराया है।
कोतवाली देहात में दर्ज कराई गई एफआईआर में राजा टोडरमल सर्वेक्षण एवं भूलेख प्रशिक्षण संस्थान के कनिष्क सहायक आशीष सिंह ने बताया कि शासन ने संस्थान में 27 कार्यों को कराने के लिए 415.85 लाख रुपये का आवंटन अगस्त 2008 में किया था। इस काम को कराने की जिम्मेदारी जल निगम की कार्यदायी संस्था सीएनडीएस को सौंपी गई थी।
संस्था ने इन कामों में केवल तीन काम पूर्ण कराए गए, जबकि अन्य सभी अधूरे हैं। इन कार्यों को 2019 तक पूर्ण होना था। इनका जब ऑडिट किया गया तो अनियमितता पाए जाने की पुष्टि हुई।
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22 जुलाई 2016 को राजस्व परिषद के पत्र के क्रम में डीएम के आदेश पर 16 अगस्त 2016 को एक जांच समिति गठित हुई थी। इसने रिपोर्ट 30 सितंबर को दी थी। इसमें सरकारी धन के दुरुपयोग की पुष्टि करते हुए दोषी अधिकारी और कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर के लिए संस्तुति की थी। तीन फरवरी को शासन ने आदेश जारी करके मामले में एफआईआर दर्ज कराने का निर्देश दिया। इस क्रम में यह एफआईआर दर्ज कराई गई है। एफआईआर में तत्कालीन जल निगम के महाप्रबंधक आरपी जाटव, परियोजना प्रबंधक राजेंद्र प्रसाद, तत्कालीन अभियंता, यूनिट लेखाकार और एक अज्ञात व्यक्ति के विरुद्ध मुकदमा पंजीकृत कराया गया है।
देहात कोतवाली प्रभारी गंगेश शुक्ला ने बताया कि मामले में मुकदमा दर्ज करके जांच एसआई कृपाल सिंह को सौंपी गई है।
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- 27 में तीन काम कराए गए पूर्ण, 2019 तक होने थे काम पूरे
संवाद न्यूज एजेंसी
हरदोई। राजा टोडरमल सर्वेक्षण एवं भूलेख प्रशिक्षण संस्थान में काम पूरे न कराके सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया। मामले में शासन के आदेश पर संस्थान के कनिष्क सहायक ने जल निगम की कार्यदायी संस्था सीएनडीएस के तत्कालीन महाप्रबंधक समेत पांच अधिकारियों पर 415.85 करोड़ सरकारी धन के दुरुपयोग का मुकदमा दर्ज कराया है।
कोतवाली देहात में दर्ज कराई गई एफआईआर में राजा टोडरमल सर्वेक्षण एवं भूलेख प्रशिक्षण संस्थान के कनिष्क सहायक आशीष सिंह ने बताया कि शासन ने संस्थान में 27 कार्यों को कराने के लिए 415.85 लाख रुपये का आवंटन अगस्त 2008 में किया था। इस काम को कराने की जिम्मेदारी जल निगम की कार्यदायी संस्था सीएनडीएस को सौंपी गई थी।
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संस्था ने इन कामों में केवल तीन काम पूर्ण कराए गए, जबकि अन्य सभी अधूरे हैं। इन कार्यों को 2019 तक पूर्ण होना था। इनका जब ऑडिट किया गया तो अनियमितता पाए जाने की पुष्टि हुई।
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22 जुलाई 2016 को राजस्व परिषद के पत्र के क्रम में डीएम के आदेश पर 16 अगस्त 2016 को एक जांच समिति गठित हुई थी। इसने रिपोर्ट 30 सितंबर को दी थी। इसमें सरकारी धन के दुरुपयोग की पुष्टि करते हुए दोषी अधिकारी और कर्मचारियों के खिलाफ एफआईआर के लिए संस्तुति की थी। तीन फरवरी को शासन ने आदेश जारी करके मामले में एफआईआर दर्ज कराने का निर्देश दिया। इस क्रम में यह एफआईआर दर्ज कराई गई है। एफआईआर में तत्कालीन जल निगम के महाप्रबंधक आरपी जाटव, परियोजना प्रबंधक राजेंद्र प्रसाद, तत्कालीन अभियंता, यूनिट लेखाकार और एक अज्ञात व्यक्ति के विरुद्ध मुकदमा पंजीकृत कराया गया है।
देहात कोतवाली प्रभारी गंगेश शुक्ला ने बताया कि मामले में मुकदमा दर्ज करके जांच एसआई कृपाल सिंह को सौंपी गई है।