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Hardoi News: जंगल ढाक में अटका मुंडेर का औद्योगिक गलियारा
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हरदोई। जिले में गंगा एक्सप्रेसवे के किनारे करीब 136.35 हेक्टेयर भूमि में विकसित किए जा रहे औद्योगिक गलियारा में जंगल ढाक की भूमि का रोड़ा लग गया है। जंगल ढाक की भूमि का श्रेणी परिवर्तन कराने के बाद ही औद्योगिक गलियारा के लिए पुनर्ग्रहण किया जा सकेगा।
गंगा एक्सप्रेसवे का काम कराए जाने के साथ ही जिले की तहसील सवाजयपुर में मुंडेर के पास 136.3566 हेक्टेयर क्षेत्रफल पर औद्योगिक गलियारा भी विकसित कराया जा रहा है। औद्योगिक गलियारा के लिए यहां पर चिह्नित किए गए क्षेत्रफल में करीब 116.4378 हेक्टेयर क्षेत्रफल भूमि किसानों से समझौता के आधार पर ली जानी है, जबकि करीब 20 हेक्टेयर भूमि सरकारी होने से उसका पुनर्ग्रहण किया जाना है। औद्योगिक गलियारा की स्थापना के लिए प्रशासन की ओर से अब तक किसानों से समझौता के आधार पर 113.5800 हेक्टेयर क्षेत्रफल भूमि के बैनामा कराए जा चुके हैं। सरकारी भूमि के पुनर्ग्रहण की भी प्रक्रिया प्रशासन की ओर से की गई है। अब तक 20 हेक्टेयर में से करीब 16 हेक्टेयर भूमि का पुनर्ग्रहण औद्योगिक गलियारा के पक्ष में किया जा चुका है।
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35 किसानों से ली जानी है दो हेक्टेयर भूमि
किसानों से समझौता के आधार ली जानी वाली भूमि में से करीब 2.8578 हेक्टयेर भूमि की खरीदारी करीब 35 किसानों से की जानी है। प्रारंभिक जांच-पड़ताल में छोटे-छोटे क्षेत्रफल वाले किसानों की भूमि बैनामा के लिए बची है। जिसमें से कई किसानों के दूसरे जनपद और प्रांतों में काम करने के कारण बैनामा नहीं हो पाए हैं।
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एसडीएम से जंगल ढाक की भूमि की मांगी गईं पत्रावलियां
मुख्यमंत्री की शीर्ष प्राथमिकता में से एक गंगा एक्सप्रेसवे और औद्योगिक विकास के लिए जनपद में मुंडेर के पास औद्योगिक गलियारा की स्थापना के लिए तेजी से काम कराया जा रहा है। जंगल ढाक श्रेणी की करीब चार हेक्टेयर भूमि की पत्रावलियां सवायजपुर एसडीएम से मांग ली गई हैं। जल्द ही भूमि का श्रेणी परिवर्तन कराते हुए सरकार के पक्ष में पुनर्ग्रहण किया जाएगा।
मंगला प्रसाद सिंह, जिलाधिकारी
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गंगा एक्सप्रेसवे का काम कराए जाने के साथ ही जिले की तहसील सवाजयपुर में मुंडेर के पास 136.3566 हेक्टेयर क्षेत्रफल पर औद्योगिक गलियारा भी विकसित कराया जा रहा है। औद्योगिक गलियारा के लिए यहां पर चिह्नित किए गए क्षेत्रफल में करीब 116.4378 हेक्टेयर क्षेत्रफल भूमि किसानों से समझौता के आधार पर ली जानी है, जबकि करीब 20 हेक्टेयर भूमि सरकारी होने से उसका पुनर्ग्रहण किया जाना है। औद्योगिक गलियारा की स्थापना के लिए प्रशासन की ओर से अब तक किसानों से समझौता के आधार पर 113.5800 हेक्टेयर क्षेत्रफल भूमि के बैनामा कराए जा चुके हैं। सरकारी भूमि के पुनर्ग्रहण की भी प्रक्रिया प्रशासन की ओर से की गई है। अब तक 20 हेक्टेयर में से करीब 16 हेक्टेयर भूमि का पुनर्ग्रहण औद्योगिक गलियारा के पक्ष में किया जा चुका है।
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35 किसानों से ली जानी है दो हेक्टेयर भूमि
किसानों से समझौता के आधार ली जानी वाली भूमि में से करीब 2.8578 हेक्टयेर भूमि की खरीदारी करीब 35 किसानों से की जानी है। प्रारंभिक जांच-पड़ताल में छोटे-छोटे क्षेत्रफल वाले किसानों की भूमि बैनामा के लिए बची है। जिसमें से कई किसानों के दूसरे जनपद और प्रांतों में काम करने के कारण बैनामा नहीं हो पाए हैं।
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एसडीएम से जंगल ढाक की भूमि की मांगी गईं पत्रावलियां
मुख्यमंत्री की शीर्ष प्राथमिकता में से एक गंगा एक्सप्रेसवे और औद्योगिक विकास के लिए जनपद में मुंडेर के पास औद्योगिक गलियारा की स्थापना के लिए तेजी से काम कराया जा रहा है। जंगल ढाक श्रेणी की करीब चार हेक्टेयर भूमि की पत्रावलियां सवायजपुर एसडीएम से मांग ली गई हैं। जल्द ही भूमि का श्रेणी परिवर्तन कराते हुए सरकार के पक्ष में पुनर्ग्रहण किया जाएगा।
मंगला प्रसाद सिंह, जिलाधिकारी