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कार्यकर्ताओं के उत्पीड़न पर आंदोलन- बसपा
ब्यूरो/ अमर उजाला, हरदोई
Updated Sat, 24 Oct 2015 11:26 PM IST
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पंचायत चुनाव के तीसरे चरण में सैंचामऊ मतदान केंद्र केे बाहर हुए बवाल में
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बसपा नेता और उनके रिश्तेदार के खिलाफ हुई कार्रवाई से खफा बसपा
जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश गौतम ने कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं के उत्पीड़न पर
आंदोलन छेड़ा जाएगा। इसके लिए वह सोमवार से जिलाधिकारी से मिलकर धरना
प्रदर्शन की अनुमति लेेंगे। इस दौरान पार्टी नेता राजाबक्श सिंह ने कहा
कि विधानसभा चुनाव लड़ने के बाद से उनके व उनके परिवार के खिलाफ सत्ता के दबाव में उत्पीड़नात्मक कार्रवाई की जा रही है। लेकिन वह किसी भी हालत में झुकेंगे नही। शुक्रवार की देर शाम जिला कारागार से जमानत पर छूटे बसपा नेता राजाबक्श सिंह ने सपा के एक असरदार नेता पर कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि 17 अक्तूबर को टड़ियावां थाना क्षेत्र में स्थित
सैंचामऊ मतदान केंद्र पर हो रही बूथ कैप्चरिंग की शिकायत उन्होंने जिले के आला अफसरों से लेकर प्रेक्षक तक से की। इस पर सुनवाई नहीं हुई बल्कि उन्हें, उनके भनैज दामाद विवेक सिंह और अजय मिश्रा को पुलिस ने हिरासत में लेकर थाने में बिठा लिया और एक दलित व्यक्ति की तहरीर पर उनके समेत कई लोगों पर जानलेवा हमले समेत कई धाराओं में फर्जी रिपोर्ट दर्ज
कराई गई। कहा कि वादी ने स्वयं कोर्ट में हलफनामा देकर बताया कि वह उन लोगों को पहचान नहीं सका। अदालत ने जमानत दे दी और वह देर शाम जेल से रिहा हो गए। उन्होंने पुलिस की कार्यशैली पर सवालिया निशान लगाया। कहा कि उन्हें आशंका है कि उनकी, छोटे भाई राजेश सिंह व भनैज दामाद विवेक सिंह के विरुद्ध षड़यंत्र रचकर हत्या कराई जा सकती है। ऐसे
में प्रशासन उनको सुरक्षा उपलब्ध कराए। उन्होंने फर्जी मुकदमा बनाने वाले पुलिस अधिकारियों के विरुद्ध सीबीआई जांच कराने की मांग की। बसपा जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश गौतम ने बताया कि इस पूरे घटनाक्रम से पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव नसीमुद्दीन सिद्दीकी को अवगत कराया गया है।
कि विधानसभा चुनाव लड़ने के बाद से उनके व उनके परिवार के खिलाफ सत्ता के दबाव में उत्पीड़नात्मक कार्रवाई की जा रही है। लेकिन वह किसी भी हालत में झुकेंगे नही। शुक्रवार की देर शाम जिला कारागार से जमानत पर छूटे बसपा नेता राजाबक्श सिंह ने सपा के एक असरदार नेता पर कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि 17 अक्तूबर को टड़ियावां थाना क्षेत्र में स्थित
सैंचामऊ मतदान केंद्र पर हो रही बूथ कैप्चरिंग की शिकायत उन्होंने जिले के आला अफसरों से लेकर प्रेक्षक तक से की। इस पर सुनवाई नहीं हुई बल्कि उन्हें, उनके भनैज दामाद विवेक सिंह और अजय मिश्रा को पुलिस ने हिरासत में लेकर थाने में बिठा लिया और एक दलित व्यक्ति की तहरीर पर उनके समेत कई लोगों पर जानलेवा हमले समेत कई धाराओं में फर्जी रिपोर्ट दर्ज
कराई गई। कहा कि वादी ने स्वयं कोर्ट में हलफनामा देकर बताया कि वह उन लोगों को पहचान नहीं सका। अदालत ने जमानत दे दी और वह देर शाम जेल से रिहा हो गए। उन्होंने पुलिस की कार्यशैली पर सवालिया निशान लगाया। कहा कि उन्हें आशंका है कि उनकी, छोटे भाई राजेश सिंह व भनैज दामाद विवेक सिंह के विरुद्ध षड़यंत्र रचकर हत्या कराई जा सकती है। ऐसे
में प्रशासन उनको सुरक्षा उपलब्ध कराए। उन्होंने फर्जी मुकदमा बनाने वाले पुलिस अधिकारियों के विरुद्ध सीबीआई जांच कराने की मांग की। बसपा जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश गौतम ने बताया कि इस पूरे घटनाक्रम से पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव नसीमुद्दीन सिद्दीकी को अवगत कराया गया है।