फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hardoi News ›   MLC elections: Chances of one-on-one battle

एमएलसी चुनाव : आमने-सामने की जंग के आसार

Sun, 20 Mar 2022 11:15 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 20 Mar 2022 11:15 PM IST
विज्ञापन
MLC elections: Chances of one-on-one battle
हरदोई। एमएलसी निर्वाचन स्थानीय निकाय क्षेत्र हरदोई के लिए सोमवार को नामांकन करने की अंतिम तिथि है। अभी तक सिर्फ पूर्व जिला पंचायत सदस्य रजीउद्दीन ने नामांकन कराया है।
विज्ञापन

रजीउद्दीन सपा के इस सीट से वर्तमान विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) मिस्बहाउद्दीन के पुत्र हैं। भाजपा ने कछौना के पूर्व ब्लाक प्रमुख अशोक अग्रवाल को टिकट दिया है। वह सोमवार (21 मार्च) को अपना नामांकन कराएंगे।
विज्ञापन

इसके अलावा अभी तक किसी भी अन्य प्रत्याशी के चुनावी मैदान में उतारने की सुगबुगाहट तक नहीं है। राजनीति के पंडित भी दो प्रत्याशियों के बीच जंग का अनुमान लगा रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

मिस्बहाउद्दीन और भाजपा प्रत्याशी अशोक अग्रवाल एक जमाने में सियासी मित्र रहे हैं। मिस्बहाउद्दीन की सियासी दोस्ती अशोक अग्रवाल के बड़े भाई पूर्व एमएलसी राजकुमार अग्रवाल के साथ भी रही है, लेकिन यह दोस्ती टिकी नहीं।
पिछले एमएलसी चुनाव में दोनों एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ चुके हैं। इसमें सपा प्रत्याशी के रूप में मिस्बहाउद्दीन ने जीत दर्ज की थी और भाजपा प्रत्याशी के रूप में राजकुमार अग्रवाल चुनाव हार गए थे।
राजकुमार 2017 के विधानसभा चुनाव में संडीला से भाजपा विधायक चुने गए थे। दलबदल की राजनीति में कब कौन सियासी दोस्त या दुश्मन हो जाएं, कुछ नहीं कहा जा सकता है।
एक बार फिर जिले में सियासत की फिजा बदल चुकी है। विधानसभा चुनाव के बाद होने जा रहे एमएलसी चुनाव में भी यह सियासी दुश्मनी आमने-सामने है।
इस एमएलसी सीट पर राजकुमार अग्रवाल राजिया, अब्दुल हन्नान एमएलसी रह चुके हैं। मिस्बहाउद्दीन सपा से वर्तमान एमएलसी हैं। पिछले तीन चुनावों से इस सीट पर संडीला एवं कछौना क्षेत्र के रहने वाले सियासतदारों का कब्जा बना हुआ है।
तो चेहरे के साथ बदलेंगे हालात
सपा ने मिस्बहाउद्दीन के बेटे और भाजपा ने राजकुमार के छोटे भाई अशोक अग्रवाल को टिकट दिया है।
सियासी पंडितों का मानना है कि मिस्बहाउद्दीन और राजकुमार अग्रवाल के बीच पहले से ही चल रही सियासी दुश्मनी की आंच को ठंडा करने के लिए अशोक के पुराने रिश्ते काम आ सकते हैं।
यदि ऐसा हुआ तो फिर चुनाव निर्विरोध भी हो सकता है। हालांकि, इन संभावनाओं एवं अटकलों को दोनों पक्षों की ओर से खारिज किया जा रहा है। सियासी जानकार कहते हैं कि राजनीति में संभावनाएं कभी समाप्त नहीं होतीं। सियासी दुश्मनी फिर से दोस्ती में बदल जाए तो आश्चर्य नहीं होगा।
अशोक बोले, बड़े भाई का मिलेगा आशीर्वाद
अशोक ने कहा कि वह बड़े भाई राजकुमार का आशीर्वाद लेने उनके घर पर जाएंगे। जब वह ब्लाक प्रमुख बने थे तब भी आशीर्वाद लिया था। उम्मीद है कि बड़े भाई नामांकन में साथ आएंगे।

गौरतलब है कि भाजपा से टिकट मांग रहे राजकुमार की मांग को खारिज कर अशोक को टिकट मिला है। इससे बड़े भाई के समर्थकों में निराशा है। राजकुमार ने खुद कहा था कि राजनीति में कोई किसी का नहीं होता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed