फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hardoi News ›   Missing case property from Kotwali suddenly appeared

कोतवाली से गुम केस प्रापर्टी अचानक हुई प्रकट

Sun, 09 Jul 2017 11:33 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, हरदोई
अमर उजाला ब्यूरो, हरदोई Updated Sun, 09 Jul 2017 11:33 PM IST
विज्ञापन
Missing case property from Kotwali suddenly appeared
शहर कोतवाली में एकत्र की गई बालू। - फोटो : amarujala

 हरदोई।  शहर कोतवाली से जो केस प्रापर्टी गायब हुई थी वह खनन माफियाआें की कृपा से अचानक कोतवाली में प्रकट हो गई। यह बात और है कि गुम हुई केस प्रापर्टी जिस तरह से कोतवाली में प्रकट हुई है, उससे यह अंदाजा आसानी से लग जाता है कि इसकी व्यवस्था पुलिस ने ताजा-ताजा ही कराई है।

विज्ञापन


बीते दिनाें अमर उजाला ने खुलासा किया था कि शहर कोतवाली से केस प्रापर्टी गायब हो गई है। दरअसल सीजेएम अतुल सिंह ने खान अधिकारी एसके अग्रवाल को निर्देश दिए थे कि अवैध खनन से निकाली गई खनिज संपदा बालू, मिट्टी, स्टोन डस्ट से भरे जिन वाहनों का चालान करने के बाद रिलीज ऑर्डर जारी हुआ है, उससे जब्त माल की स्थिति क्या है।
विज्ञापन


पूरे मामले का महत्वपूर्ण पहलू यह है कि पुलिस जिन वाहनों का चालान करती है, न्यायालय उन वाहनों को रिलीज करने का ऑर्डर देता है। जबकि इन वाहनाें में लोड खनिज संपदा को संबंधित थाने में ही सुरक्षित रखने के निर्देश होते हैं। बीते दिनों सीजेएम ने नौ मामलों का उल्लेख करते हुए खान अधिकारी से रिपोर्ट मांगी थी।
विज्ञापन
विज्ञापन


खान अधिकारी ने स्पष्ट तौर पर अपनी रिपोर्ट दी थी जिसमें कहा था कि शहर कोतवाली में खनिज संपदा सुरक्षित नहीं रखी गई है। सत्यापन के लिये पहुंचे खान अधिकारी को मौके पर कोई भी खनिज संपदा नहीं मिली थी। इस रिपोर्ट को अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था।

इसके बाद न्यायालय का रुख सख्त हुआ तो पुलिस ने कार्रवाई का अपना जाना पहचाना रवैया अपना लिया। शहर कोतवाल ने रातों-रात खनन माफियाआें से संपर्क साधा। इसके बाद बालू की व्यवस्था कराई गई। रातों-रात बालू का एक ढेर शहर कोतवाली के बाहर लगा दिया गया। मतलब यह कि जो केस प्रापर्टी कोतवाली से गायब हो गई थी वह पुलिस ने रातों-रात खोज निकाली।

केस प्रापर्टी पहुंची तब सिटी मजिस्ट्रेट ने की जांच
विश्वस्त सूत्र बतातें है कि न्यायालय के रुख के बाद सिटी मजिस्ट्रेट केस प्रापर्टी गायब होने के मामले में जांच के लिए शहर कोतवाली पहुंची। सिटी मजिस्ट्रेट कोतवाली तब पहुंची जब शहर कोतवाल ने केस प्रापर्टी की व्यवस्था कर ली। बालू के ढेर को देखकर नगर मजिस्ट्रेट ने पूछा कि स्टोन डस्ट, मिट्टी जैसी खनिज संपदाएं कहां है तो जवाब दिया गया कि बालू के इसी ढेर के नीचे अन्य केस प्रापर्टी भी दबी हुई हैं। फिलहाल अब सबकी निगाह सिटी मजिस्ट्रेट की रिपोर्ट पर है।

काश चोरियाें के खुलासे में भी करते ऐसी मेहनत
कोतवाली से गायब हुई केस प्रॉपर्टी को खोज निकालने में पुलिस ने बड़ी मेहनत की। अनौपचारिक बातचीत में यह दावा पुलिस ही करती है। अब सवाल ये है कि शहर में पिछले कुछ दिनों में हुई ताबड़तोड़ चोरियों का खुलासा करने में भी पुलिस इतनी ही मेहनत क्यों नहीं करती। काश पुलिस चोरियाें के खुलासे में मेहनत करे तो शहरवासी भी चैन की नींद सोते।


खुल गई खनन माफियाओं और पुलिस गठजोड़ की पोल
अवैध खनन के माफियाआें से शहर कोतवाली पुलिस के दोस्ताना संबंध किसी से छिपे नही हैं। केस प्रापर्टी गायब होने के बाद दोबारा प्रकट होने के मामले में खनन माफियाओं और शहर कोतवाली पुलिस के गठजोड़ की पोल खुल गई। खनन माफियाओं ने ही शहर कोतवाल के इशारे पर बालू की व्यवस्था की। न सिर्फ व्यवस्था की बल्कि इसे कोतवाली के अंदर सुरक्षित उतरवाने में भी अपने ही वाहन से लेकर मजदूरों तक का इंतजाम किया।

 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed