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‘मरीज एक गोली खाकर फेंक देते हैं पत्ता’
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हरियावां। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में अस्पताल के पीछे झाड़ियों में दवाइयां और सीरप फेंके जाने का मामला तूल पकड़ने के बाद जांच करने पहुंचे सीएमओ औपचारिकता निभाकर वापस चले गए। हद तो तब हो गई जब उन्होंने दवाइयां फेंके जाने का पूरा ठीकरा मरीजों के सिर ही फोड़ दिया। इस बाबत एक सवाल के जवाब में सीएमओ ने दो टूक जवाब दिया, बोले, ‘मरीजों को दवा का जो पत्ता दिया जाता है, वह एक गोली खाकर बाकी फेंक देते हैं’।
हरियावां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के पीछे झाड़ियों में मरीजों को बांटे जाने वाली दवाइयां और सीरप भारी मात्रा में पड़े मिले थे। स्वास्थ्य कर्मियों की लापरवाही को लेकर बुधवार के अंक में अमर उजाला ने मुद्दे को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। मामला चर्चा में आते ही सीएचसी के स्वास्थ्य कर्मचारियों ने कूड़े में पड़ी मिली दवाइयां और सीरप में सैनिटाइजर व स्प्रिट का इस्तेमाल कर आग लगा दी थी।
अमर उजाला ने इस संबंध में भी गुरुवार के अंक में खबर प्रकाशित की थी। इसका संज्ञान लेकर सीएमओ डॉ. एसएम त्रिपाठी सीएचसी हरियावां निरीक्षण करने पहुंचे। सीएमओ के पहुंचने की जानकारी पर कुछ ही देर में सीएचसी की अव्यवस्थाओं को दूर कर दिया गया। बाकायदा निर्धारित समय पर चिकित्सक भी बैठे मिले और मरीज भी पहुंचे।
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जब सीएमओ से दवाएं फेंके जाने पर सवाल किया गया, तो पहले उन्होंने दवाएं फेंके जाने को सिरे से ही खारिज कर दिया। इस पर उन्हें बताया गया कि सैनिटाइजर और स्प्रिट का इस्तेमाल कर दवाइयां जलाई गई हैं, तो सीएमओ अपना ही बयान बदल बैठे। सीएमओ ने कहा कि मरीजों को पूरी दवा दी जाती है, लेकिन मरीज दवा नहंीं खाते और एक गोली खाकर बाकी पत्ता फेंक देते हैं।
बाकी के सवालों को टालते हुए सीएमओ ने कहा कि अधीक्षक से कह दिया है वह जांच कर बताएंगे। सीएचसी में बने वार्डों का भी निरीक्षण सीएमओ ने किया। इस दौरान बेड पर गंदे चादर और तकिया देखकर उन्होंने नाराजगी जताते हुए व्यवस्था में सुधार लाने के निर्देश दिए।
सीएमओ को सीएचसी में डेंगू वार्ड नहीं मिला। इस पर सीएमओ ने अधीक्षक को निर्देश दिए कि पांच बेड का डेंगू वार्ड बनाएं, सभी बेड पर मच्छरदानी की व्यवस्था भी करने के निर्देश दिए। सीएमओ के इन निर्देशों के बाद एक कमरे में एक ही बेड डालकर उस कमरे के बाहर डेंगू वार्ड का पर्चा चिपका दिया।
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हरियावां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के पीछे झाड़ियों में मरीजों को बांटे जाने वाली दवाइयां और सीरप भारी मात्रा में पड़े मिले थे। स्वास्थ्य कर्मियों की लापरवाही को लेकर बुधवार के अंक में अमर उजाला ने मुद्दे को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। मामला चर्चा में आते ही सीएचसी के स्वास्थ्य कर्मचारियों ने कूड़े में पड़ी मिली दवाइयां और सीरप में सैनिटाइजर व स्प्रिट का इस्तेमाल कर आग लगा दी थी।
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अमर उजाला ने इस संबंध में भी गुरुवार के अंक में खबर प्रकाशित की थी। इसका संज्ञान लेकर सीएमओ डॉ. एसएम त्रिपाठी सीएचसी हरियावां निरीक्षण करने पहुंचे। सीएमओ के पहुंचने की जानकारी पर कुछ ही देर में सीएचसी की अव्यवस्थाओं को दूर कर दिया गया। बाकायदा निर्धारित समय पर चिकित्सक भी बैठे मिले और मरीज भी पहुंचे।
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जब सीएमओ से दवाएं फेंके जाने पर सवाल किया गया, तो पहले उन्होंने दवाएं फेंके जाने को सिरे से ही खारिज कर दिया। इस पर उन्हें बताया गया कि सैनिटाइजर और स्प्रिट का इस्तेमाल कर दवाइयां जलाई गई हैं, तो सीएमओ अपना ही बयान बदल बैठे। सीएमओ ने कहा कि मरीजों को पूरी दवा दी जाती है, लेकिन मरीज दवा नहंीं खाते और एक गोली खाकर बाकी पत्ता फेंक देते हैं।
बाकी के सवालों को टालते हुए सीएमओ ने कहा कि अधीक्षक से कह दिया है वह जांच कर बताएंगे। सीएचसी में बने वार्डों का भी निरीक्षण सीएमओ ने किया। इस दौरान बेड पर गंदे चादर और तकिया देखकर उन्होंने नाराजगी जताते हुए व्यवस्था में सुधार लाने के निर्देश दिए।
सीएमओ को सीएचसी में डेंगू वार्ड नहीं मिला। इस पर सीएमओ ने अधीक्षक को निर्देश दिए कि पांच बेड का डेंगू वार्ड बनाएं, सभी बेड पर मच्छरदानी की व्यवस्था भी करने के निर्देश दिए। सीएमओ के इन निर्देशों के बाद एक कमरे में एक ही बेड डालकर उस कमरे के बाहर डेंगू वार्ड का पर्चा चिपका दिया।