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एंबुलेंस ले आई पर वापस पैदल ही ले जाई गईं
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फोटो-8-जिला चिकित्सालय से दवा लेने के बाद मरीज अरूणा देवी को पैदल ले जाते बेटी सोनम व अन्य। संवाद
- फोटो : HARDOI
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हरदोई। सांडी रोड स्थित ब्रजलालपुरवा निवासी एक महिला की तबीयत खराब होने पर जब उन्हें चिकित्सा की जरूरत हुई तो फोन पर एंबुलेंस तो उपलब्ध हो गई लेकिन अस्पताल से परामर्श के बाद वापस घर जाने को उन्हें कोई वाहन न मिला। उन्हें कुछ दूर पैदल ही जाना पड़ा। चौराहे पर मरीज को पैदल लाते देख पुलिस व स्थानीय लोगों ने मानवता दिखा उन्हें अपने वाहन से चुंगी तक भेजा, जहां उन्हें वाहन उपलब्ध हुआ।
शहर के सांडी रोड के निकट ब्रजलालपुरवा में रहने वाले अशोक मिश्रा की पत्नी अरूणा देवी (45) को गुरुवार को अचानक तेज पेद दर्द होने लगा। परिजनों ने आशपास वाहन तलाशने की कोशिश की लेकिन लॉकडाउन के चलते उन्हें कोई वाहन नहीं मिला। बाद में उन्होंने चिकित्सालय की एंबुलेंस को बुलाया। कुछ ही देर में एंबुलेंस पहुंच भी गई और उन्हें अस्पताल लाया गया। अस्पताल में इलाज के बाद उन्हें आराम मिला और उनकी छुट्टी कर दी गई लेकिन अब वापस घर जाने के लिए कोई वाहन नहीं मिल रहा था तो उन्होंने पैदल ही घर लौटना शुरू किया।
वह अपनी बेटी सोनम, दामाद नीरज व पति अशोक के साथ पैदल सिनेमा चौराहे तक जैसे-तैसे पहुंचीं तो वहां खड़े पुलिस कर्मियों ने उन्हें देखा और राहगीर अमित द्विवेदी की मदद से उन्हें सांडी चुंगी तक पहुंचाया। जहां से आटो से वह वह घर जा सकीं। पुलिस कर्मियों का स्वयं कहना था कि यह है कोरोना एलर्ट का इफेक्ट जिससे लोगों को परेशान होना पड़ता है।
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शहर के सांडी रोड के निकट ब्रजलालपुरवा में रहने वाले अशोक मिश्रा की पत्नी अरूणा देवी (45) को गुरुवार को अचानक तेज पेद दर्द होने लगा। परिजनों ने आशपास वाहन तलाशने की कोशिश की लेकिन लॉकडाउन के चलते उन्हें कोई वाहन नहीं मिला। बाद में उन्होंने चिकित्सालय की एंबुलेंस को बुलाया। कुछ ही देर में एंबुलेंस पहुंच भी गई और उन्हें अस्पताल लाया गया। अस्पताल में इलाज के बाद उन्हें आराम मिला और उनकी छुट्टी कर दी गई लेकिन अब वापस घर जाने के लिए कोई वाहन नहीं मिल रहा था तो उन्होंने पैदल ही घर लौटना शुरू किया।
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वह अपनी बेटी सोनम, दामाद नीरज व पति अशोक के साथ पैदल सिनेमा चौराहे तक जैसे-तैसे पहुंचीं तो वहां खड़े पुलिस कर्मियों ने उन्हें देखा और राहगीर अमित द्विवेदी की मदद से उन्हें सांडी चुंगी तक पहुंचाया। जहां से आटो से वह वह घर जा सकीं। पुलिस कर्मियों का स्वयं कहना था कि यह है कोरोना एलर्ट का इफेक्ट जिससे लोगों को परेशान होना पड़ता है।
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