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हवाओं से झड़ने लगा है आम का बौर
अमर उजाला ब्यूरो/हरदोई
Updated Wed, 23 Mar 2016 12:18 AM IST
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आम में बौर
- फोटो : अमर उजाला
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पिहानी (हरदोई)। तीन दिन से जारी तेज हवा के थपेड़े बागवानों की उम्मीदों पर पानी फेर रहे हैं। आम का बौर झड़ने लगा है। हवाएं यदि ऐसी ही तेजी के साथ जारी रहीं तो इस बार आम की फसल प्रभावित हो सकती है।
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आम के पड़े बौर से लदे हुए हैं। इससे किसान गदगद थे। बागवानों को तीन दिन से बदले हवा के रुख से झटका लगा है। क्षेत्रीय बागवान अशरफ कुरैशी, नबीउल्ला, मोहम्मद अहमद, नियामतुल्ला, राधेलाल, शुऐब, अलीम व मोहम्मद अहमद आदि ने बताया कि काफी हद तक बौर झड़ने के बावजूद यदि हवा का रुख अभी नर्म पड़ जाए तो वह भारी नुकसान से बच सकते हैं।
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इस संबंध में उद्यान निरीक्षक हरीओम ने बताया कि सामान्य रूप से मार्च माह में आम के पेड़ों में बौर आना शुरू हो जाते हैं और अप्रैल में बौर खिलने लगता है। मई तक पूर्ण रूप से विकसित होकर आम के रूप में बाजार में आ जाता हैं। अभी आम का बौर अपनी प्रारंभिक अवस्था में है जोकि विकसित होने की प्रक्रिया में आने वाले 90 से 95 फीसदी तक सूख कर गिर जाता है। पांच से सात फीसदी बौर ही विकास प्रक्रिया में आ पाता हैं।
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उन्होंने कहा कि बौर के विकास की प्रक्रिया शुरू होने से पहले आम बौर में दहिया और मीज रोग के लगने की आशंका होती है। इसलिए किसानों को इस ओर सावधानी बरतते हुए कीटनाशक संतुलित घोल का छिड़काव करना चाहिए, ताकि यह रोग न लगने पाए। इन रोगों के कारण पेड़ से बौर नष्ट हो सकता है। इस संबंध में किसान जिला उद्यान कार्यालय से संपर्क कर आवश्यक जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।