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मनरेगा में लापरवाही पर 13 बीडीओ से जवाब तलब
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हरदोई। एक जुलाई को जनपद की 46 ग्राम पंचायतों में मनरेगा के तहत कोई भी कार्य न होने को मनरेगा उपायुक्त ने गंभीरता से लिया। उन्होंने संबंधित विकास खंडों के 13 खंड विकास अधिकारियों और 13 अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब तलब किया। वहीं, 26 जून की अपेक्षा एक जुलाई को श्रमिकों की संख्या में नौ फीसदी की कमी आने पर भी उपायुक्त ने नाराजगी जताई है।
मनरेगा के तहत अधिक से अधिक लोगों को कार्य उपलब्ध कराने के निर्देश हैं। इस क्रम में मनरेगा उपायुक्त प्रमोद कुमार चंद्रौल की देखरेख में हर ग्राम पंचायत में मनरेगा के तहत कार्य कराने और श्रमिकों को कार्य उपलब्ध कराने की कवायद चल रही है। 26 जून को प्रदेश में मनरेगा में एक साथ एक करोड़ श्रमिकों को कार्य उपलब्ध कराने की मंशा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जाहिर की थी।
इसमें हरदोई जनपद के 19 विकास खंडों की 1306 ग्राम पंचायतों में एक लाख 46 हजार 297 श्रमिकों को कार्य उपलब्ध कराया जाना था। इसके सापेक्ष एक लाख 41 हजार 621 श्रमिकों को काम दिया गया। एक जुलाई को जब मनरेगा उपायुक्त ने मनरेगा कार्याें की समीक्षा की तो पता चला कि एक लाख 29 हजार 138 श्रमिक ही मनरेगा के तहत काम कर रहे हैं। 26 जून के आंकड़ों के सापेक्ष यह संख्या नौ फीसदी कम है। इसके अलावा एक जुलाई को जनपद के 13 विकास खंडों की 46 ग्राम पंचायतों में मनरेगा में कोई काम ही नहीं हो रहा था। इस पर भी मनरेगा उपायुक्त ने नाराजगी जताते हुए सभी संबंधित खंड विकास अधिकारियों और अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारियों से जवाब तलब किया है।
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इन ग्राम पंचायतों में ठप मिला काम
मनरेगा उपायुक्त की ओर से जारी की गई नोटिस के मुताबिक, अहिरोरी विकास खंड की चार, बावन, शाहाबाद और भरखनी विकास खंड की पांच-पांच ग्राम पंचायतों में एक जुलाई को कार्य बंद मिला। भरावन, माधौगंज, मल्लावां, पिहानी और बिलग्राम की दो-दो ग्राम पंचायतों में, बेंहदर, कछौना और हरियावां की एक-एक ग्राम पंचायतों में काम बंद मिला। सुरसा विकास खंड की सात ग्राम पंचायतों में कार्य बंद मिला।
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मनरेगा के तहत अधिक से अधिक लोगों को कार्य उपलब्ध कराने के निर्देश हैं। इस क्रम में मनरेगा उपायुक्त प्रमोद कुमार चंद्रौल की देखरेख में हर ग्राम पंचायत में मनरेगा के तहत कार्य कराने और श्रमिकों को कार्य उपलब्ध कराने की कवायद चल रही है। 26 जून को प्रदेश में मनरेगा में एक साथ एक करोड़ श्रमिकों को कार्य उपलब्ध कराने की मंशा मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जाहिर की थी।
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इसमें हरदोई जनपद के 19 विकास खंडों की 1306 ग्राम पंचायतों में एक लाख 46 हजार 297 श्रमिकों को कार्य उपलब्ध कराया जाना था। इसके सापेक्ष एक लाख 41 हजार 621 श्रमिकों को काम दिया गया। एक जुलाई को जब मनरेगा उपायुक्त ने मनरेगा कार्याें की समीक्षा की तो पता चला कि एक लाख 29 हजार 138 श्रमिक ही मनरेगा के तहत काम कर रहे हैं। 26 जून के आंकड़ों के सापेक्ष यह संख्या नौ फीसदी कम है। इसके अलावा एक जुलाई को जनपद के 13 विकास खंडों की 46 ग्राम पंचायतों में मनरेगा में कोई काम ही नहीं हो रहा था। इस पर भी मनरेगा उपायुक्त ने नाराजगी जताते हुए सभी संबंधित खंड विकास अधिकारियों और अतिरिक्त कार्यक्रम अधिकारियों से जवाब तलब किया है।
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इन ग्राम पंचायतों में ठप मिला काम
मनरेगा उपायुक्त की ओर से जारी की गई नोटिस के मुताबिक, अहिरोरी विकास खंड की चार, बावन, शाहाबाद और भरखनी विकास खंड की पांच-पांच ग्राम पंचायतों में एक जुलाई को कार्य बंद मिला। भरावन, माधौगंज, मल्लावां, पिहानी और बिलग्राम की दो-दो ग्राम पंचायतों में, बेंहदर, कछौना और हरियावां की एक-एक ग्राम पंचायतों में काम बंद मिला। सुरसा विकास खंड की सात ग्राम पंचायतों में कार्य बंद मिला।