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Hardoi News: नाबालिग के साथ दुष्कर्म करने वाले को सात साल की सजा
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हरदोई। नाबालिग से दुष्कर्म के 11 साल पुराने मामले में एक अभियुक्त को दोषी करार दिया गया है। विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट मनमोहन सिंह ने अभियुक्त को सात साल की सजा सुनाई। 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। जुर्माना न देने पर तीन माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। जुर्माने की आधी रकम बतौर क्षतिपूर्ति पीड़िता को देने के आदेश न्यायाधीश ने दिए हैं।
बिलग्राम कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि 18 दिसंबर 2014 को उसकी पुत्री (16) स्कूल गई थी। दावा था कि पुत्री को रास्ते में उमेश, रामलड़ैते, सोनपाल और धर्मेद्र बहलाकर अपने साथ ले गए। पुत्री अपने साथ पांच हजार रुपये व चांदी की पायल भी लेकर गई थी।
पुलिस ने चारों के खिलाफ बहलाकर ले जाने की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की थी। विवेचना के बाद पुलिस ने आरोपियों और किशोरी को पकड़ लिया था। किशोरी के बयानों के आधार पर पुलिस ने धर्मेंद्र व उमेश के खिलाफ दुष्कर्म की धाराएं बढ़ाकर उन्हें जेल भेज दिया था। किशोरी ने अपने बयान में कहा था कि 18 दिसंबर को वह स्कूल गई थी। रास्ते में उमेश और धर्मेंद्र ने उसे पकड़ लिया था। आरोपी उसे सांडी ले गए थे। सांडी में राम लड़ैते और सोनपाल भी मिले थे। चारों लोग उसे दिल्ली ले गए थे। तमंचा दिखाकर सोनपाल और राम लड़ैते ने धमकाया था। उमेश और धर्मेंद्र ने उसके साथ दिल्ली में दुष्कर्म किया था। घटना के दो दिन बाद गांव के पास छोड़कर चले गए थे।
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अभियोजन पक्ष से सात गवाहों को पेश किया गया। इसके साथ ही 13 अभिलेखीय साक्ष्य भी पेश किए गए। दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने व पत्रावली पर मौजूद सबूतों के आधार पर विशेष न्यायाधीश ने उमेश को सजा सुनाई। साथ ही साक्ष्य के अभाव में धर्मेंद्र को बरी किया गया है।
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बिलग्राम कोतवाली क्षेत्र के एक गांव निवासी व्यक्ति ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि 18 दिसंबर 2014 को उसकी पुत्री (16) स्कूल गई थी। दावा था कि पुत्री को रास्ते में उमेश, रामलड़ैते, सोनपाल और धर्मेद्र बहलाकर अपने साथ ले गए। पुत्री अपने साथ पांच हजार रुपये व चांदी की पायल भी लेकर गई थी।
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पुलिस ने चारों के खिलाफ बहलाकर ले जाने की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की थी। विवेचना के बाद पुलिस ने आरोपियों और किशोरी को पकड़ लिया था। किशोरी के बयानों के आधार पर पुलिस ने धर्मेंद्र व उमेश के खिलाफ दुष्कर्म की धाराएं बढ़ाकर उन्हें जेल भेज दिया था। किशोरी ने अपने बयान में कहा था कि 18 दिसंबर को वह स्कूल गई थी। रास्ते में उमेश और धर्मेंद्र ने उसे पकड़ लिया था। आरोपी उसे सांडी ले गए थे। सांडी में राम लड़ैते और सोनपाल भी मिले थे। चारों लोग उसे दिल्ली ले गए थे। तमंचा दिखाकर सोनपाल और राम लड़ैते ने धमकाया था। उमेश और धर्मेंद्र ने उसके साथ दिल्ली में दुष्कर्म किया था। घटना के दो दिन बाद गांव के पास छोड़कर चले गए थे।
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अभियोजन पक्ष से सात गवाहों को पेश किया गया। इसके साथ ही 13 अभिलेखीय साक्ष्य भी पेश किए गए। दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने व पत्रावली पर मौजूद सबूतों के आधार पर विशेष न्यायाधीश ने उमेश को सजा सुनाई। साथ ही साक्ष्य के अभाव में धर्मेंद्र को बरी किया गया है।