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मल्लावां ब्लाक प्रमुख के लिए सपा को नहीं मिला प्रत्याशी !
अमर उजाला ब्यूरो, हरदोई
Updated Tue, 02 Feb 2016 01:18 AM IST
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जिले के 19 ब्लाकों के लिए सपा ने प्रमुख बनाने के लिए 18 ब्लाकों के लिए प्रत्याशी तय कर दिए है लेकिन मल्लावा ब्लाक के लिए सपा को प्रत्याशी नहीं मिल रहा है। सियासी पंडितों का कहना है कि सत्ता में होने के बाद भी सपा को मल्लवां ब्लाक प्रमुख के लिए प्रत्याशी न मिल पाना बिना लड़े ही हार मानने जैसा है।
बसपा का गढ़ माने जाने वाले इस ब्लाक में सपा भले ही अभी तक प्रत्याशी उतार न पाई हो मगर भाजपा ने वहां पर ब्लाक प्रमुख की लड़ाई में आने का मन बना लिया है। सपा जिलाध्यक्ष शराफत अली साफ तौर पर कहते है कि जब वहां से किसी का चुनाव लड़ने के लिए आवेदन ही नहीं मिला तो वो क्या कर सकते हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि मल्लावा से आवेदन न मिलने के कारण सपा का प्रत्याशी आना अब शायद संभव न हो सकेगा ।
ज्ञात हो कि विधानसभा चुनाव 2012 में चली सपा की लहर में जिले की 8 विधान सभा सीटो में 6 सीटे सपा ने जीती थी मगर मल्लावां एवं सवायजपुर की सीट पर बसपा ने जीत हासिल की थी। मल्लावां को बसपा का गढ़ माना जाता है हालांकि पूर्व में बसपा से विधायक रहे सतीश वर्मा अब भाजपा में है और उनकी पत्नी अंजूबाला भाजपा से संासद है। जबकि वर्तमान बसपा विधायक ब्रजेश वर्मा ने सतीश वर्मा को हराकर ही यह सीट बसपा के पक्ष में बरकार रखी है।
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सियासी लोगों की माने तो ब्लाक प्रमुख को लेकर सपा की राहे वहां से आसान नहीं है। उधर,मल्लावा ब्लाक प्रमुख को लेकर भाजपा नेता एवं पूर्व विधायक सतीश वर्मा की सक्रियता वहां पर सीधे तौर चुनावी लड़ाई का संकेत दे रही है। सपा भले ही वहां सेंधमारी कर अभी तक प्रत्याशी तय न कर पाईं हो मगर भाजपा ने तैयारी तेज कर दी है।
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बसपा का गढ़ माने जाने वाले इस ब्लाक में सपा भले ही अभी तक प्रत्याशी उतार न पाई हो मगर भाजपा ने वहां पर ब्लाक प्रमुख की लड़ाई में आने का मन बना लिया है। सपा जिलाध्यक्ष शराफत अली साफ तौर पर कहते है कि जब वहां से किसी का चुनाव लड़ने के लिए आवेदन ही नहीं मिला तो वो क्या कर सकते हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि मल्लावा से आवेदन न मिलने के कारण सपा का प्रत्याशी आना अब शायद संभव न हो सकेगा ।
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ज्ञात हो कि विधानसभा चुनाव 2012 में चली सपा की लहर में जिले की 8 विधान सभा सीटो में 6 सीटे सपा ने जीती थी मगर मल्लावां एवं सवायजपुर की सीट पर बसपा ने जीत हासिल की थी। मल्लावां को बसपा का गढ़ माना जाता है हालांकि पूर्व में बसपा से विधायक रहे सतीश वर्मा अब भाजपा में है और उनकी पत्नी अंजूबाला भाजपा से संासद है। जबकि वर्तमान बसपा विधायक ब्रजेश वर्मा ने सतीश वर्मा को हराकर ही यह सीट बसपा के पक्ष में बरकार रखी है।
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सियासी लोगों की माने तो ब्लाक प्रमुख को लेकर सपा की राहे वहां से आसान नहीं है। उधर,मल्लावा ब्लाक प्रमुख को लेकर भाजपा नेता एवं पूर्व विधायक सतीश वर्मा की सक्रियता वहां पर सीधे तौर चुनावी लड़ाई का संकेत दे रही है। सपा भले ही वहां सेंधमारी कर अभी तक प्रत्याशी तय न कर पाईं हो मगर भाजपा ने तैयारी तेज कर दी है।