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Hardoi News: मजिस्ट्रेट ने पुलिस की कार्यशैली पर उठाए सवाल, एसपी को सौंपी जांच
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हरदोई। दो युवकों को संडीला पुलिस आर्म्स एक्ट के मामले में गिरफ्तार कर कोर्ट लाई, आरोपियों के अधिवक्ता ने कहा कि सीओ की कार को साइड न देने पर पुलिस कर्मियों ने दोनों युवकों को जमकर पीटा। इसके बाद असलहा लगाकर फर्जी तौर पर गिरफ्तार किया है। दोनों पक्षों को सुनने के बाद कोर्ट ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए और रिमांड को निरस्त कर दिया। मामले की जांच एसपी को सौंपी है।
संडीला कोतवाली क्षेत्र के हकीमखेड़ा निवासी समीम व मुलायम यादव को पुलिस ने 25 सितंबर को गिरफ्तार किया था। 26 को कोर्ट में पेश किया। रिमांड स्वीकार कर आरोपियों की 14 दिन के न्यायिक अभिरक्षा में लिए जाने की मांग की। आरोपियों के अधिवक्ता ने आपत्ति लगाते हुए कोर्ट को बताया कि सीओ ने मोहम्मदपुर रोड से मोहमदीपुर के बीच गाड़ी को साइड न देने के कारण दोनों को पकड़ा है।
सीओ ने दरोगा व स्थानीय थाने की पुलिस ने वहीं पर सात-आठ बार वीडियो बनाया। दोनों को तमंचा लगाकर वीडियो बनाकर थाने लेकर चले गए। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 105 का अनुपालन नहीं किया गया।
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एसीजेएम देवेंद्र प्रताप सिंह ने टिप्पणी करते हुए कहा कि सभी वीडियो के अवलोकन से प्रथम दृष्टया यह बरामदगी की कार्यवाही फर्जी लग रही है। जो फर्द मौके पर तैयार किया गया उसका भी कोई स्पष्ट वीडियो व चित्रण नहीं है।
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संडीला कोतवाली क्षेत्र के हकीमखेड़ा निवासी समीम व मुलायम यादव को पुलिस ने 25 सितंबर को गिरफ्तार किया था। 26 को कोर्ट में पेश किया। रिमांड स्वीकार कर आरोपियों की 14 दिन के न्यायिक अभिरक्षा में लिए जाने की मांग की। आरोपियों के अधिवक्ता ने आपत्ति लगाते हुए कोर्ट को बताया कि सीओ ने मोहम्मदपुर रोड से मोहमदीपुर के बीच गाड़ी को साइड न देने के कारण दोनों को पकड़ा है।
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सीओ ने दरोगा व स्थानीय थाने की पुलिस ने वहीं पर सात-आठ बार वीडियो बनाया। दोनों को तमंचा लगाकर वीडियो बनाकर थाने लेकर चले गए। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 105 का अनुपालन नहीं किया गया।
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एसीजेएम देवेंद्र प्रताप सिंह ने टिप्पणी करते हुए कहा कि सभी वीडियो के अवलोकन से प्रथम दृष्टया यह बरामदगी की कार्यवाही फर्जी लग रही है। जो फर्द मौके पर तैयार किया गया उसका भी कोई स्पष्ट वीडियो व चित्रण नहीं है।