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Hardoi News: टिमरुख मामले में मजिस्ट्रेटी जांच शुरू, प्रधानाध्यापिका की बहन-बेटी के साथ रसोइया और ग्रामीणों के बयान भी लिए
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फोटो-43-प्राथमिक विद्यालय टिमरुख में मौजूद ज्वाइंट मजिस्ट्रेट नारायणी भाटिया, डीडीओ कमलेश कुमार
संडीला। विकास खंड के प्राथमिक विद्यालय टिमरुख की इंचार्ज प्रधानाध्यापिका को ब्रेनडेड घोषित किए जाने के बाद पूरे मामले की मजिस्ट्रेटी जांच शुरू हो गई है। बृहस्पतिवार को जॉइंट मजिस्ट्रेट नारायणी भाटिया के नेतृत्व वाली टीम ने पहले तहसील में इंचार्ज प्रधानाध्यापिका की बहन और बेटी से जानकारी ली। इसके बाद गांव जाकर ग्रामीणों और रसोइयों के भी बयान लिए।
टिमरुख में रसोइया के पद पर तैनात अंजनी देवी और कल्पना ने सोमवार को खाना बनाते समय आग लग जाने और झुलस जाने की शिकायत की थी। तब रसोइयों का आरोप था कि गैस पाइप में लीकेज है और कई बार कहने के बाद भी पाइप नहीं बदली गई। विद्यालय की इंचार्ज प्रधानाध्यापिका शाहीन बानो घटना के कई दिन पहले से अवकाश पर थीं और लखनऊ में उनका इलाज चल रहा था। घटना के बाद तत्कालीन खंड शिक्षा अधिकारी ब्रजेश त्रिपाठी ने फोन पर उनसे बात की थी। इसके बाद शाहीन को ब्रेन हेमरेज हो गया था। शाहीन की बेटी सायमा और बहन यासमीन ने आरोप लगाया था कि खंड शिक्षा अधिकारी के दबाव बनाने के कारण ब्रेन हेमरेज हुआ है। पूरे मामले पर शिक्षक संगठन भी शाहीन के पक्ष में लामबंद हो गए थे।
बुधवार को संडीला बीआरसी पर जबरदस्त प्रदर्शन हुआ था। इसके बाद आनन फानन खंड शिक्षा अधिकारी को हटाकर मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया था। इस बीच शाहीन को ब्रेनडेड घोषित कर दिया गया था। पूरे मामले की मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए गए थे। इसी क्रम में बृहस्पतिवार को जॉइंट मजिस्ट्रेट नारायणी भाटिया, जिला विकास अधिकारी कमलेश कुमार, जीआईसी हरदोई के प्रधानाचार्य श्याम नारायण और एसीएमओ डॉ. अरविंद सचान ने मामले की जांच की। तहसील में सायमा और यासमीन से पूरे मामले पर जानकारी ली गई। इसके बाद जांच दल विद्यालय भी गया। दो ग्रामीणों के साथ रसोइयों के बयान भी लिए गए। शिक्षा मित्र और दो सहायक अध्यापिकाओं से भी जांच टीम ने बात की। जॉइंट मजिस्ट्रेट ने बताया कि जांच रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को देने के बाद ही कुछ बता सकेंगी।
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तो गैस पाइप नहीं बर्नर में थी खराबी
विद्यालय पहुंची जांच टीम ने अपने सामने रसोइयों से गैस जलवाई। गैस फौरन जल गई। इस दौरान रसोइयों ने बताया कि बर्नर में खराबी थी। इसे सही करा दिया गया और फिलहाल काम करने में कोई समस्या नहीं आ रही है। गैस पाइप में लीकेज की शिकायत को लेकर हुए सवाल पर रसोइयों ने कहा कि गैस जलाते समय आग लग गई थी। यह नहीं पता कि गैस पाइप में लीकेज था या कुछ और। फिलहाल बर्नर सही कराया गया तो सब कुछ ठीक चल रहा है। जांच के समय विद्यालय में पंजीकृत 80 में 50 बच्चे मौजूद मिले।
प्राथमिकी दर्ज कराने की मांग
प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष आलोक मिश्रा के नेतृत्व में एक ज्ञापन नगर मजिस्ट्रेट संजय कुमार को दिया गया। ज्ञापन में टिमरुख की घटना को लेकर दुख जताया गया। साथ ही तत्कालीन खंड शिक्षा अधिकारी की ओर से अवकाश पर चल रहीं इंचार्ज प्रधानाध्यापिका के साथ फोन पर किए गए व्यवहार पर नाराजगी जताई गई। प्रधानाध्यापिका को ब्रेन हेमरेज होने के बाद ब्रेनडेड घोषित किए जाने के लिए खंड शिक्षा अधिकारी के व्यवहार को जिम्मेदार ठहराया। खंड शिक्षा अधिकारी पर प्राथमिकी दर्ज कराने की मांग की गई।
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टिमरुख में रसोइया के पद पर तैनात अंजनी देवी और कल्पना ने सोमवार को खाना बनाते समय आग लग जाने और झुलस जाने की शिकायत की थी। तब रसोइयों का आरोप था कि गैस पाइप में लीकेज है और कई बार कहने के बाद भी पाइप नहीं बदली गई। विद्यालय की इंचार्ज प्रधानाध्यापिका शाहीन बानो घटना के कई दिन पहले से अवकाश पर थीं और लखनऊ में उनका इलाज चल रहा था। घटना के बाद तत्कालीन खंड शिक्षा अधिकारी ब्रजेश त्रिपाठी ने फोन पर उनसे बात की थी। इसके बाद शाहीन को ब्रेन हेमरेज हो गया था। शाहीन की बेटी सायमा और बहन यासमीन ने आरोप लगाया था कि खंड शिक्षा अधिकारी के दबाव बनाने के कारण ब्रेन हेमरेज हुआ है। पूरे मामले पर शिक्षक संगठन भी शाहीन के पक्ष में लामबंद हो गए थे।
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बुधवार को संडीला बीआरसी पर जबरदस्त प्रदर्शन हुआ था। इसके बाद आनन फानन खंड शिक्षा अधिकारी को हटाकर मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया था। इस बीच शाहीन को ब्रेनडेड घोषित कर दिया गया था। पूरे मामले की मजिस्ट्रेटी जांच के आदेश दिए गए थे। इसी क्रम में बृहस्पतिवार को जॉइंट मजिस्ट्रेट नारायणी भाटिया, जिला विकास अधिकारी कमलेश कुमार, जीआईसी हरदोई के प्रधानाचार्य श्याम नारायण और एसीएमओ डॉ. अरविंद सचान ने मामले की जांच की। तहसील में सायमा और यासमीन से पूरे मामले पर जानकारी ली गई। इसके बाद जांच दल विद्यालय भी गया। दो ग्रामीणों के साथ रसोइयों के बयान भी लिए गए। शिक्षा मित्र और दो सहायक अध्यापिकाओं से भी जांच टीम ने बात की। जॉइंट मजिस्ट्रेट ने बताया कि जांच रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को देने के बाद ही कुछ बता सकेंगी।
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तो गैस पाइप नहीं बर्नर में थी खराबी
विद्यालय पहुंची जांच टीम ने अपने सामने रसोइयों से गैस जलवाई। गैस फौरन जल गई। इस दौरान रसोइयों ने बताया कि बर्नर में खराबी थी। इसे सही करा दिया गया और फिलहाल काम करने में कोई समस्या नहीं आ रही है। गैस पाइप में लीकेज की शिकायत को लेकर हुए सवाल पर रसोइयों ने कहा कि गैस जलाते समय आग लग गई थी। यह नहीं पता कि गैस पाइप में लीकेज था या कुछ और। फिलहाल बर्नर सही कराया गया तो सब कुछ ठीक चल रहा है। जांच के समय विद्यालय में पंजीकृत 80 में 50 बच्चे मौजूद मिले।
प्राथमिकी दर्ज कराने की मांग
प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष आलोक मिश्रा के नेतृत्व में एक ज्ञापन नगर मजिस्ट्रेट संजय कुमार को दिया गया। ज्ञापन में टिमरुख की घटना को लेकर दुख जताया गया। साथ ही तत्कालीन खंड शिक्षा अधिकारी की ओर से अवकाश पर चल रहीं इंचार्ज प्रधानाध्यापिका के साथ फोन पर किए गए व्यवहार पर नाराजगी जताई गई। प्रधानाध्यापिका को ब्रेन हेमरेज होने के बाद ब्रेनडेड घोषित किए जाने के लिए खंड शिक्षा अधिकारी के व्यवहार को जिम्मेदार ठहराया। खंड शिक्षा अधिकारी पर प्राथमिकी दर्ज कराने की मांग की गई।

फोटो-43-प्राथमिक विद्यालय टिमरुख में मौजूद ज्वाइंट मजिस्ट्रेट नारायणी भाटिया, डीडीओ कमलेश कुमार