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सौ रुपये क्विंटल का नुकसान उठा धान बेंच रहे किसान
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माधौगंज में सरकारी क्रय केंद्रों पर धान को नम बताकर किसानों को लौटाया जा रहा है। क्रय केंद्रों पर धान की बिक्री न हो पाने की स्थित मेें मंडी पहुंचने वाले किसान मजबूरन 1888 रुपये के निर्धारित समर्थन मूल्य से 7 सौ रुपये तक कम दाम पर व्यापारियों को अपनी उपज बेंच रहे हैं।
किसानों को उपज का बेहतर मूल्य मिले, इसके लिए सरकार सरकारी क्रय केंद्रों से गेहूं व धान की खरीद कराती है। जनपद में धान की खरीद तो शुरू हो गई, लेकिन खरीद शासन की मंशा से भटकी भटकी नजर आ रही है। क्षेत्र में मंडी में विपणन, एसएफसी के केंद्र, बाबटमऊ में साधन सहकारी समिति, नेवली सरैंया, रुदामऊ में समितियों व पीसीएफ, पीसीयू समेत अन्य एजेंसियों के क्रय केंद्र तो खुल गए हैं, लेकिन उन पर खरीद नहीं हो रही है।
किसान उपज लेकर केंद्र पर पहुंचते हैं तो केंद्र प्रभारी द्वारा धान गीला बताकर खरीद से इंकार किया जा रहा है। केंद्र प्रभारियों का यह रवैया किसानों के खासा परेशानी भरा है। केंद्र पर न्यूनतम समर्थन मूल्य के तहत धान की बिक्री न हो पाने पर मंडी आने वाले किसानों को एमएसपी से 7 सौ रुपये कम तक पर 12 से 13 सौ रुपये में अपनी उपज बेंचनी पड़ रही है। मंडी स्थित विपणन केंद्र के प्रभारी सुरेश कुमार ने बताया कि अभी धान में नमी अधिक है, निर्धारित मानक के अनुरूप धान आने पर खरीद की जाएगी। अन्य केंद्र प्रभारियों का भी यही कहना है।
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किसानों को उपज का बेहतर मूल्य मिले, इसके लिए सरकार सरकारी क्रय केंद्रों से गेहूं व धान की खरीद कराती है। जनपद में धान की खरीद तो शुरू हो गई, लेकिन खरीद शासन की मंशा से भटकी भटकी नजर आ रही है। क्षेत्र में मंडी में विपणन, एसएफसी के केंद्र, बाबटमऊ में साधन सहकारी समिति, नेवली सरैंया, रुदामऊ में समितियों व पीसीएफ, पीसीयू समेत अन्य एजेंसियों के क्रय केंद्र तो खुल गए हैं, लेकिन उन पर खरीद नहीं हो रही है।
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किसान उपज लेकर केंद्र पर पहुंचते हैं तो केंद्र प्रभारी द्वारा धान गीला बताकर खरीद से इंकार किया जा रहा है। केंद्र प्रभारियों का यह रवैया किसानों के खासा परेशानी भरा है। केंद्र पर न्यूनतम समर्थन मूल्य के तहत धान की बिक्री न हो पाने पर मंडी आने वाले किसानों को एमएसपी से 7 सौ रुपये कम तक पर 12 से 13 सौ रुपये में अपनी उपज बेंचनी पड़ रही है। मंडी स्थित विपणन केंद्र के प्रभारी सुरेश कुमार ने बताया कि अभी धान में नमी अधिक है, निर्धारित मानक के अनुरूप धान आने पर खरीद की जाएगी। अन्य केंद्र प्रभारियों का भी यही कहना है।
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