फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hardoi News ›   Lord Shri Ram came here to get relief from the murder charge.

Hardoi News: हत्या दोष से मुक्ति के लिए यहां आए थे प्रभु श्रीराम

Sun, 21 Jan 2024 03:13 AM IST
कानपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हरदोई
संवाद न्यूज एजेंसी, हरदोई Updated Sun, 21 Jan 2024 03:13 AM IST
विज्ञापन
Lord Shri Ram came here to get relief from the murder charge.
हरदोई। धर्म ग्रंथों में 14 साल के वनवास और लंका विजय के बाद अयोध्या वापस आने के बाद प्रभु श्रीराम कुलगुरु वशिष्ठ की सलाह पर हत्या दोष से मुक्ति के लिए यहां हत्याहरण तीर्थ पर स्नान के लिए आए थे। हत्याहरण तीर्थ नैमिषारण्य तीर्थ क्षेत्र के चौरासी कोसी परिक्रमा मार्ग पर है।
विज्ञापन

तीर्थ पर श्रीरामजानकी मंदिर के पुजारी पंडित बृजकिशोर उर्फ चौबेजी महाराज ने बताया कि धार्मिक ग्रंथ में प्रसंग मिलता है कि लंकाधिपति रावण के वध के बाद प्रभु श्रीराम ने अयोध्या में यज्ञ-अनुष्ठान कराना चाहा तो, आचार्यों ने ब्रह्महत्या का दोष बताकर शामिल होने से मना कर दिया था। गुरु वशिष्ठ ने प्रभु श्रीराम से दाहिनी हथेली में स्यामल बाल होने की बात बताई। गुरु वशिष्ठ ने कहा कि लखेऊ हाथ जब स्याही बारा, तब रघुमंत मणिन विचारा। दाएं हाथ की हथेली में बाल दिखा।
विज्ञापन

गुरु वशिष्ठ की सलाह पर प्रभु श्रीराम, माता सीता और अनुज लक्ष्मण के साथ हत्याहरण सरोवर में स्नान के लिए आए थे। इसका वर्णन धर्म ग्रंथों में फाल्गुन शुक्ल तीज रविवारा, आवत भये अवधेश कुमारा..., से मिलता है। तभी से यहां पर गो-पूजन, गोदान से हत्या और तीनों प्रकार के पापों से मुक्ति की मान्यता है। मान्यता है कि तीर्थ की स्थापना भगवान शिव और माता पार्वती ने सतयुग में की थी।

घास मंडी की सड़क

घास मंडी की सड़क

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed