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भरावन में अपात्रों को दिए लोहिया आवास
ब्यूरो/अमर उजाला, हरदोई
Updated Sun, 28 Dec 2014 12:36 AM IST
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डा. राम मनोहर लोहिया ग्रामीण आवास योजना में
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अपात्रों के चयन की शिकायतें बढ़ती जा रही हैं। भरावन में भी लोहिया आवास
में अपात्रों को चयनित करने का आरोप लगाया गया है। ग्रामीणों ने अफसराें पर
सुविधा शुल्क लेकर पात्रों के स्थान पर अपात्रों को आवास देने की शिकायत
की।
जिले में लोहिया ग्रामीण आवास योजना में अनियमितता की हद हो गई है। भरावन के ग्राम जाजूपुर में भी अपात्रों को चयनित कर आवास आवंटित करने की शिकायत की गई। छविनाथ, भूपेंद्र, मंजू, मीरा, गुड्डू, रामू सिंह ने पत्र में बताया कि जाजूपुर को समग्र ग्राम के तहत चयनित किया गया और उन लोगाें को आवास दे दिए गए हैं, जिनके पक्के मकान बने हुए हैं।
ऐसे लोगों से 30 से 40 हजार रुपये लेकर आवासों का भुगतान करा दिया गया, जबकि गांव में तमाम ऐसे पात्र व्यक्ति हैं, जो झुग्गी व झोपड़ी में रहते हैं। इसकी शिकायत बीडीओ से भी की गई तो उन्होंने बीपीएल सूची में नाम शामिल होने के बारे में बताया।
ग्रामीणों ने कहा कि चाहें तो उनकी पात्रता की जांच करा ली जाए। वह लोग आवास के पात्र होने के बाद भी भटक रहे हैं, जबकि अपात्रों को आवास आवंटित कर दिया गया। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री को फैक्स से शिकायत भेज कर मामले की जांच कराने की मांग की।
उधर, ग्रामीणों ने सीएम को भेजे पत्र में गांव में राम दयाल, हरिश्चंद्र, विजय शंकर, शिवशंकर, छोटे, कुंवर पाल, देवराज और कोटेदार सूरज को आवास देने की जानकारी देते हुए अपात्र होने का आरोप लगाया।
जिले में लोहिया ग्रामीण आवास योजना में अनियमितता की हद हो गई है। भरावन के ग्राम जाजूपुर में भी अपात्रों को चयनित कर आवास आवंटित करने की शिकायत की गई। छविनाथ, भूपेंद्र, मंजू, मीरा, गुड्डू, रामू सिंह ने पत्र में बताया कि जाजूपुर को समग्र ग्राम के तहत चयनित किया गया और उन लोगाें को आवास दे दिए गए हैं, जिनके पक्के मकान बने हुए हैं।
ऐसे लोगों से 30 से 40 हजार रुपये लेकर आवासों का भुगतान करा दिया गया, जबकि गांव में तमाम ऐसे पात्र व्यक्ति हैं, जो झुग्गी व झोपड़ी में रहते हैं। इसकी शिकायत बीडीओ से भी की गई तो उन्होंने बीपीएल सूची में नाम शामिल होने के बारे में बताया।
ग्रामीणों ने कहा कि चाहें तो उनकी पात्रता की जांच करा ली जाए। वह लोग आवास के पात्र होने के बाद भी भटक रहे हैं, जबकि अपात्रों को आवास आवंटित कर दिया गया। ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री को फैक्स से शिकायत भेज कर मामले की जांच कराने की मांग की।
उधर, ग्रामीणों ने सीएम को भेजे पत्र में गांव में राम दयाल, हरिश्चंद्र, विजय शंकर, शिवशंकर, छोटे, कुंवर पाल, देवराज और कोटेदार सूरज को आवास देने की जानकारी देते हुए अपात्र होने का आरोप लगाया।