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12 सूत्री मांगों को लेकर बैंककर्मियों ने की हड़ताल
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फोटो-1-भारतीय स्टेट बैंक की मुख्य शाखा के बाहर प्रदर्शन करते हड़ताली बैंक कर्मी। संवाद न्यूज एजें
- फोटो : HARDOI
12 सूत्री मांगों को लेकर यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के बैनर तले दो दिवसीय राष्ट्रव्यापी बैंक हड़ताल के पहले दिन शुक्रवार को जिले में बैंकों में ताले लटकते रहे।
हड़ताली बैंक कर्मियों ने भारतीय स्टेट बैंक की मुख्य शाखा के बाहर जमकर नारेबाजी की। कर्मचारी नेताओं ने 150 करोड़ रुपये का लेनदेन प्रभावित होने की बात कही है।
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस में अधिकारियों और कर्मचारियों की नौ बैंक यूनियनें शामिल हैं। यूनियन की स्थानीय इकाई के चेयरमैन मनोज सिंह व संयोजक आर के पांडेय ने बताया कि हड़ताल सफल रही।
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गुरुवार को भी बैंक मैनेजमेंट और यूनियंस के बीच बातचीत हुई, जो बेनतीजा रही। इसके कारण बैंककर्मी हड़ताल पर रहे। आरके पांडेय ने बताया कि जिले में 15 राष्ट्रीयकृत बैंकों की 150 शाखाओं में कारोबार पूरी तरह ठप रहा।
इसके कारण लगभग डेढ़ लाख बैंक ग्राहक सेवाओं से वंचित रहे। शनिवार को भी भारतीय स्टेट बैंक की मुख्य शाखा पर हड़ताली बैंककर्मी एकत्र होंगे और प्रदर्शन करेंगे। प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन सुबह दस बजे जिलाधिकारी को सौंपा जाएगा।
विरोध प्रदर्शन में क्षितिज पाठक, अजय मेहरोत्रा, रूपाली शर्मा, वर्षा मेहरोत्रा, प्रिया रस्तोगी, सिराज, वेदप्रकाश पांडेय, अनूप सिंह, प्रदीप गुप्ता, संजय टंडन, अनुज सिंह, अनादि ब्रह्मा, हिमांशु श्रीवास्तव, श्याममोहन वाजपेयी, वरुण सिंह, कौशलेंद्र शुक्ला शामिल रहे।
हर्रई निवासी राजेंद्र कुमार शुक्रवार को शस्त्र लाइसेंस के नवीनीकरण के लिए चालान के माध्यम से शुल्क जमा करने एसबीआई की मुख्य शाखा पहुंचे थे। यहां पहुंचने पर उन्हें पता चला कि हड़ताल है। निराश होकर लौटते समय राजेंद्र कुमार ने कहा कि लगभग तीस किलोमीटर की दौड़ बेकार गई।
तत्यौरा निवासी रघुवीर सिंह बैंक से धन निकासी के लिए आए थे। जरूरी कार्य के कारण उन्हें ज्यादा रुपये की जरूरत थी, जो कि एटीएम से नहीं निकाले जा सकते थे। बैंक आने पर पता चला कि हड़ताल है तो निराश होकर लौट गए।
तकिया नेवादा निवासी लालाराम भी खाते से धन निकासी के लिए आए थे। बैंक पहुंचने पर पता चला कि हड़ताल है। रुपयों की वैकल्पिक व्यवस्था के लिए वह मोबाइल पर परिचितों से बात करते नजर आए। उनकी भी धन निकासी की उम्मीद पूरी नहीं हुई।
लखनऊ जनपद की सीमा से जुड़े ग्राम कंधनामऊ निवासी उमेश मिश्रा भी शस्त्र लाइसेंस के नवीनीकरण के लिए चालान जमा करने एसबीआई पहुंचे। उनका गांव जिला मुख्यालय से 75 किलोमीटर दूर है। बैंक की हड़ताल के कारण चालान जमा न हो पाने का दर्द उनके चेहरे से ही झलक गया।
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हड़ताली बैंक कर्मियों ने भारतीय स्टेट बैंक की मुख्य शाखा के बाहर जमकर नारेबाजी की। कर्मचारी नेताओं ने 150 करोड़ रुपये का लेनदेन प्रभावित होने की बात कही है।
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यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस में अधिकारियों और कर्मचारियों की नौ बैंक यूनियनें शामिल हैं। यूनियन की स्थानीय इकाई के चेयरमैन मनोज सिंह व संयोजक आर के पांडेय ने बताया कि हड़ताल सफल रही।
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गुरुवार को भी बैंक मैनेजमेंट और यूनियंस के बीच बातचीत हुई, जो बेनतीजा रही। इसके कारण बैंककर्मी हड़ताल पर रहे। आरके पांडेय ने बताया कि जिले में 15 राष्ट्रीयकृत बैंकों की 150 शाखाओं में कारोबार पूरी तरह ठप रहा।
इसके कारण लगभग डेढ़ लाख बैंक ग्राहक सेवाओं से वंचित रहे। शनिवार को भी भारतीय स्टेट बैंक की मुख्य शाखा पर हड़ताली बैंककर्मी एकत्र होंगे और प्रदर्शन करेंगे। प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन सुबह दस बजे जिलाधिकारी को सौंपा जाएगा।
विरोध प्रदर्शन में क्षितिज पाठक, अजय मेहरोत्रा, रूपाली शर्मा, वर्षा मेहरोत्रा, प्रिया रस्तोगी, सिराज, वेदप्रकाश पांडेय, अनूप सिंह, प्रदीप गुप्ता, संजय टंडन, अनुज सिंह, अनादि ब्रह्मा, हिमांशु श्रीवास्तव, श्याममोहन वाजपेयी, वरुण सिंह, कौशलेंद्र शुक्ला शामिल रहे।
हर्रई निवासी राजेंद्र कुमार शुक्रवार को शस्त्र लाइसेंस के नवीनीकरण के लिए चालान के माध्यम से शुल्क जमा करने एसबीआई की मुख्य शाखा पहुंचे थे। यहां पहुंचने पर उन्हें पता चला कि हड़ताल है। निराश होकर लौटते समय राजेंद्र कुमार ने कहा कि लगभग तीस किलोमीटर की दौड़ बेकार गई।
तत्यौरा निवासी रघुवीर सिंह बैंक से धन निकासी के लिए आए थे। जरूरी कार्य के कारण उन्हें ज्यादा रुपये की जरूरत थी, जो कि एटीएम से नहीं निकाले जा सकते थे। बैंक आने पर पता चला कि हड़ताल है तो निराश होकर लौट गए।
तकिया नेवादा निवासी लालाराम भी खाते से धन निकासी के लिए आए थे। बैंक पहुंचने पर पता चला कि हड़ताल है। रुपयों की वैकल्पिक व्यवस्था के लिए वह मोबाइल पर परिचितों से बात करते नजर आए। उनकी भी धन निकासी की उम्मीद पूरी नहीं हुई।
लखनऊ जनपद की सीमा से जुड़े ग्राम कंधनामऊ निवासी उमेश मिश्रा भी शस्त्र लाइसेंस के नवीनीकरण के लिए चालान जमा करने एसबीआई पहुंचे। उनका गांव जिला मुख्यालय से 75 किलोमीटर दूर है। बैंक की हड़ताल के कारण चालान जमा न हो पाने का दर्द उनके चेहरे से ही झलक गया।