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Hardoi News: हरियाणा से हाईवे के रास्ते तस्करी कर चार कारों से ले जाई जा रही शराब पकड़ी, तीन गिरफ्तार

Sun, 24 May 2026 11:00 PM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Sun, 24 May 2026 11:00 PM IST
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Liquor smuggled from Haryana via highway in four cars seized, three arrested
हरदोई। कछौना कोतवाली पुलिस ने शनिवार आधीरात के बाद खजोहना कटियामऊ मार्ग पर तीन युवकों को गिरफ्तार किया। मौके से चार कार और इनमें अंग्रेजी शराब 3,276 पौवा के साथ ही 762 बोतलें भी मिली हैं। शराब हरियाणा से तस्करी कर बिक्री के लिए बिहार ले जाई जा रही थीं। चार में से दो कारों में फर्जी नंबर प्लेट मिली। इनके कुछ साथी मौके से भागने में कामयाब रहे। कुल आठ लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। आरोपियों के पास से 18,400 रुपये भी बरामद हुए हैं।
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अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी सुबोध गौतम ने बताया कि पूर्व में सूचना मिली थी कि कछौना कोतवाली क्षेत्र के कुछ युवक संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त हैं। शराब की तस्करी किए जाने की सूचना पर पुलिस ने मुखबिर सक्रिय किए थे। एएसपी ने बताया कि शनिवार रात मुखबिर की सूचना पर कछौना के थानाध्यक्ष अमित सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने लखनऊ-पलिया राष्ट्रीय राजमार्ग से कटियामऊ और खजोहना जाने वाली सड़क पर जांच अभियान शुरू किया था। इस दौरान चार कारें एक साथ आते नजर आईं। इन लोगों को रोका गया तो इसमें सवार युवक भागने लगे। मौके से खजोहना निवासी जमीर, अंबार, बबलू को गिरफ्तार कर लिया गया। इनके कुछ साथी मौके से भाग निकले।
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बताया कि तलाशी के दौरान चारों कारों से बड़ी मात्रा में शराब बरामद हुई। ऑल सीजन ब्रांड के 3,276 पौवा, ऑल सीजन ब्रांड की 594 बोतल और रॉयल स्टैग की 168 बोतल बरामद हुईं। पुलिस का दावा है कि हरियाणा के सोनीपत निवासी अमित उर्फ मीते शराब की तस्करी का गैंग चलाता है। हरियाणा में उत्तर प्रदेश की अपेक्षा शराब सस्ती मिलती है। वहां से शराब लेकर उत्तर प्रदेश के रास्ते बिहार भेजी जाती है। बिहार में शराब बंदी लागू है इसलिए वहां महंगे दामों पर शराब बिकती है। अपर पुलिस अधीक्षक ने बताया कि मामले में कुल आठ लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है। इनमें हरियाणा के सोनीपत निवासी अमित उर्फ मीते, दीपांकर उर्फ दीपू, विजेंद्र, रोशन, अमित तिवारी, कछौना कोतवाली क्षेत्र के खजोहना निवासी जमीर, अंबार और बबलू शामिल हैं।
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तरक्की के एक्सप्रेसवे को बना लिया तस्करी का रास्ता

किसी भी शहर, प्रदेश और देश की तरक्की में रास्तों का अहम योगदान होता है। अलग-अलग मौकों पर केंद्र से लेकर राज्य सरकार तक एक्सप्रेसवे को तरक्की का एक्सप्रेसवे बताने से नहीं चूकते। बेशक एक्सप्रेसवे से तरक्की होती है लेकिन इसी एक्सप्रेसवे को तस्करों ने तस्करी का रास्ता बनाकर खुद की तरक्की की गंदी कहानी लिख डाली। शराब बरामदगी वाली टीम का नेतृत्व कर रहे कछौना के थानाध्यक्ष अमित सिंह बताते हैं कि सोनीपत में शराब उपलब्ध कराई जाती थी। इसके बाद तस्करी में शामिल लोग पलवल से यमुना एक्सप्रेसवे पर चढ़ते हैं। इसके बाद यह लोग आगरा एक्सप्रेसवे पर सवार हो जाते हैं। इसके बाद लखनऊ में किसान पथ हाेते हुए सुल्तानपुर रोड से पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर चढ़कर आजमगढ़ पहुंचते हैं। आजमगढ़ में गिरोह का सदस्य दीपांकर उर्फ दीपू इन्हें बिहार के समस्तीपुर और मुजफ्फरपुर तक सुरक्षित पहुंचने का रास्ता बता देता है। पुलिस ने इसी के चलते इस मामले में दीपांकर उर्फ दीपू काे भी आरोपी बनाया है और उसकी तलाश की जा रही है।


चालक को सात हजार, टैक्सी मालिक को 22 हजार रुपये मिलते
गिरफ्तार किए गए तीनों युवकों ने पुलिस को बताया कि चालक के तौर पर एक चक्कर लगाने पर उन्हें सात हजार रुपये मिलते हैं। इसके अलावा रास्ते में रुकने और खाने-पीने का पैसा अलग मिलता है। इसी तरह टैक्सी मालिकों को 22 हजार रुपये एक चक्कर का मिलता है। पुलिस का दावा है कि चालक को हरियाणा में सोनीपत के पास एक ढाबे पर बुलाया जाता है। वहीं पर पूरा काम समझाया जाता है और फिर रवानगी कर दी जाती है। एक चक्कर में लगभग तीन दिन का सफर होता है। गिरफ्तार किए गए बबलू ने दावा किया कि उसका चौथ चक्कर था और वह तीन चार माह से इस गिरोह से जुड़ा है। बाकी दोनाें युवकों का यह पहला ही चक्कर था और इसी में दोनों पकड़ गए।



दो कारों में लगी थी फर्जी नंबर प्लेट, अलग-अलग फर्माें के नाम निकलीं कारें

पकड़ी गई चार कारों में से दो कारों में फर्जी नंबर प्लेट लगी थी। जब इनके चेसिस नंबर से जांच की गई तो पता चला कि यह कारें हरियाणा के गुरुग्राम की हैं। एक कार वैभव कैटर्स लॉजिस्टिक के नाम से टैक्सी कोटे में पंजीकृत है जबकि दूसरी कार रॉयल फ्लीट्स गुरुग्राम के नाम से पंजीकृत है। पकड़ी गई एक कार सोनीपत निवासी अमित उर्फ मीतो के नाम भी है।
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