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Hardoi News: बूढ़ी मां के हत्यारे बेटे को आजीवन कारावास
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हरदोई। लगभग आठ साल पहले हुई घटना में मां की हत्या करने का दोषी पुत्र को पाया गया है। अपर जिला जज श्रद्धा तिवारी (कोर्ट संख्या सात) ने मानवता को शर्मसार करने वाली घटना बताते हुए हत्यारे बेटे को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। अभियुक्त पर 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। जुर्माना न देने पर छह माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी पड़ेगी।
कछौना कोतवाली क्षेत्र के ग्राम तेरवा मजरा पतसेनी निवासी संतराम उर्फ संतू ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। संतू के मुताबिक मां भगौता (70) भाई नरेश के साथ अलग मकान में रहती थीं। बताया कि सात जून 2016 को वह अपने छप्पर के नीचे सो रहा था। दोपहर लगभग तीन बजे शोर होने पर जागा तो पता चला कि मां के मकान से आवाज आ रही है। वहां पहुंचा तो भतीजे दीपक ने बताया कि नरेश ने लकड़ी के चईले (लकड़ी का टुकड़ा) से भगौता के सिर पर वार कर दिया है। मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
संतू के मुताबिक भाई नरेश और मां भगौता के बीच आए दिन रुपयों के लेनदेन को लेकर कहासुनी होती थी। घटना वाले दिन भी नरेश रुपयों की मांग कर रहा था। रुपये न देने पर हत्या कर दी थी। मामले में सुनवाई के दौरान आठ गवाहों को पेश किया गया। दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने व पत्रावली पर मौजूद सबूतों के आधार पर अपर जिला जज ने कहा कि यह घटना मानवता को शर्मसार करने वाली है। एक पुत्र द्वारा अपनी मां को मार डालना एक अत्यंत घिनौना अपराध है। दोष सिद्ध होने पर आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई।
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कछौना कोतवाली क्षेत्र के ग्राम तेरवा मजरा पतसेनी निवासी संतराम उर्फ संतू ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। संतू के मुताबिक मां भगौता (70) भाई नरेश के साथ अलग मकान में रहती थीं। बताया कि सात जून 2016 को वह अपने छप्पर के नीचे सो रहा था। दोपहर लगभग तीन बजे शोर होने पर जागा तो पता चला कि मां के मकान से आवाज आ रही है। वहां पहुंचा तो भतीजे दीपक ने बताया कि नरेश ने लकड़ी के चईले (लकड़ी का टुकड़ा) से भगौता के सिर पर वार कर दिया है। मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
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संतू के मुताबिक भाई नरेश और मां भगौता के बीच आए दिन रुपयों के लेनदेन को लेकर कहासुनी होती थी। घटना वाले दिन भी नरेश रुपयों की मांग कर रहा था। रुपये न देने पर हत्या कर दी थी। मामले में सुनवाई के दौरान आठ गवाहों को पेश किया गया। दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने व पत्रावली पर मौजूद सबूतों के आधार पर अपर जिला जज ने कहा कि यह घटना मानवता को शर्मसार करने वाली है। एक पुत्र द्वारा अपनी मां को मार डालना एक अत्यंत घिनौना अपराध है। दोष सिद्ध होने पर आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई।
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