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Hardoi News: मासूम बेटी के हत्यारे पिता को उम्रकैद
Fri, 16 Feb 2024 11:28 PM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हरदोई
संवाद न्यूज एजेंसी, हरदोई
Updated Fri, 16 Feb 2024 11:28 PM IST
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हरदोई। अपर जिला जज कोर्ट संख्या चार अच्छेलाल सरोज ने लगभग ढाई साल पुराने मामले में बेटी की हत्या करने के आरोप में पिता को दोषी करार दिया है। उसे उम्र कैद की सजा सुनाई है। 25 हजार रुपये का जुर्माना भी किया है। जुर्माने की आधी रकम मृतका के विधि संरक्षक को देने का आदेश भी अपर जिला जज ने दिया है।
खास बात यह है कि वादी से लेकर गवाह तक पूरी घटना से मुकर गए थे, लेकिन मेडिकल और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर अपर जिला जज ने पिता को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता भानु प्रताप सिंह ने बताया कि 19 जून 2021 को बेहटा गोकुल थाना क्षेत्र के उधरनपुर निवासी जैनब ने पति अनीस के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि 19 जून 2021 को जैनब अपने पति अनीस के साथ बेटी आकिया (2) को दवा दिलाने अस्पताल जा रही थी। कुर्रिया गांव के पास अनीस ने आकिया का गला दबा दिया, जिससे मासूम की मौके पर ही मौत हो गई।
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घटना के बाद अनीस मौके से भाग गया था। बेटी का शव लेकर जैनब अपने मायके देहात कोतवाली क्षेत्र के मढि़या फकीरन गई थी। इसके बाद शव का पोस्टमार्टम कराया गया था।
विवेचना के दौरान जैनब ने बताया था कि उसकी पहली शादी इस्लामुद्दीन से हुई थी। आकिया इस्लामुद्दीन की ही बेटी थी। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता के मुताबिक मामले की सुनवाई के दौरान जैनब अपने बयान से मुकर गई थी।
गवाहों ने भी जैनब के मुताबिक ही अनीस के पक्ष में बयान दिए थे। इसके बावजूद अपर जिला जज ने मेडिकल और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर अनीस को बेटी की हत्या का दोषी करार दिया।
दरअसल पोस्टमार्टम रिपोर्ट में स्पष्ट आ गया था कि गला दबाकर हत्या की गई है। सुनवाई के दौरान जैनब ने मामले को मोड़ने के लिए कहा था कि टैंपो पलटने से आकिया की मौत हुई है, लेकिन यह बात साबित नहीं हो पाई। दोषी पिता को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है।
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खास बात यह है कि वादी से लेकर गवाह तक पूरी घटना से मुकर गए थे, लेकिन मेडिकल और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर अपर जिला जज ने पिता को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है।
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सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता भानु प्रताप सिंह ने बताया कि 19 जून 2021 को बेहटा गोकुल थाना क्षेत्र के उधरनपुर निवासी जैनब ने पति अनीस के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि 19 जून 2021 को जैनब अपने पति अनीस के साथ बेटी आकिया (2) को दवा दिलाने अस्पताल जा रही थी। कुर्रिया गांव के पास अनीस ने आकिया का गला दबा दिया, जिससे मासूम की मौके पर ही मौत हो गई।
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घटना के बाद अनीस मौके से भाग गया था। बेटी का शव लेकर जैनब अपने मायके देहात कोतवाली क्षेत्र के मढि़या फकीरन गई थी। इसके बाद शव का पोस्टमार्टम कराया गया था।
विवेचना के दौरान जैनब ने बताया था कि उसकी पहली शादी इस्लामुद्दीन से हुई थी। आकिया इस्लामुद्दीन की ही बेटी थी। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता के मुताबिक मामले की सुनवाई के दौरान जैनब अपने बयान से मुकर गई थी।
गवाहों ने भी जैनब के मुताबिक ही अनीस के पक्ष में बयान दिए थे। इसके बावजूद अपर जिला जज ने मेडिकल और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर अनीस को बेटी की हत्या का दोषी करार दिया।
दरअसल पोस्टमार्टम रिपोर्ट में स्पष्ट आ गया था कि गला दबाकर हत्या की गई है। सुनवाई के दौरान जैनब ने मामले को मोड़ने के लिए कहा था कि टैंपो पलटने से आकिया की मौत हुई है, लेकिन यह बात साबित नहीं हो पाई। दोषी पिता को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है।