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दुष्कर्म एससी-एसटी के दोषी को आजीवन कारावास की सजा
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हरदोई। न्यायालय विशेष न्यायाधीश एससी एसटी के जज मोहम्मद गुलाम उल मदार ने दुष्कर्म व अनुसूचित जाति उत्पीड़न के दोषी सुधीर को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 25 हजार रुपये के अर्थदंड किया है।
अर्थदंड अदा न करने की दशा में तीन माह का अतिरिक्त कारावास होगी। अर्थदंड का 20 हजार रुपये पीड़िता को देने का आदेश दिया है।
कोतवाली देहात क्षेत्र के एक गांव निवासी अनुसूचित जाति की महिला ने न्यायालय में वाद दायर कर बताया था कि 15 नवंबर 2006 को घर से धान बेचने के लिए बाजार जा रही थी। रास्ते में सुधीर ने असलहा दिखाकर जान से मारने की धमकी दी। खेत में ले जाकर दुष्कर्म किया। जेवर भी लूट लिए।
इसकी रिपोर्ट थाने पर दर्ज लिखाने गई लेकिन दर्ज नहीं की गई थी। जिसके बाद न्यायालय में वाद दायर किया था। न्यायालय के आदेश के बाद दोषी के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज की गई थी। विवेचना के दौरान पीड़िता व गवाहों के बयान लेने के बाद पुलिस ने दोषी के विरुद्ध चार्जशीट दाखिल की थी।
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अभियोजन पक्ष से पैरवी कर रहे शासकीय अधिवक्ता वीरेश कुमार सिंह ने बताया कि जज ने अपना फैसला सुनाया है। दोषी को पुलिस अभिरक्षा में लेकर जेल भेज दिया गया है
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अर्थदंड अदा न करने की दशा में तीन माह का अतिरिक्त कारावास होगी। अर्थदंड का 20 हजार रुपये पीड़िता को देने का आदेश दिया है।
कोतवाली देहात क्षेत्र के एक गांव निवासी अनुसूचित जाति की महिला ने न्यायालय में वाद दायर कर बताया था कि 15 नवंबर 2006 को घर से धान बेचने के लिए बाजार जा रही थी। रास्ते में सुधीर ने असलहा दिखाकर जान से मारने की धमकी दी। खेत में ले जाकर दुष्कर्म किया। जेवर भी लूट लिए।
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इसकी रिपोर्ट थाने पर दर्ज लिखाने गई लेकिन दर्ज नहीं की गई थी। जिसके बाद न्यायालय में वाद दायर किया था। न्यायालय के आदेश के बाद दोषी के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज की गई थी। विवेचना के दौरान पीड़िता व गवाहों के बयान लेने के बाद पुलिस ने दोषी के विरुद्ध चार्जशीट दाखिल की थी।
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अभियोजन पक्ष से पैरवी कर रहे शासकीय अधिवक्ता वीरेश कुमार सिंह ने बताया कि जज ने अपना फैसला सुनाया है। दोषी को पुलिस अभिरक्षा में लेकर जेल भेज दिया गया है