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Hardoi News: जानलेवा बने बिजली के तार, हर तरफ फैला मकड़जाल
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हरदोई। शहर से ग्रामीण क्षेत्रों तक बिजली के जर्जर तार लोगों के लिए जानलेवा खतरा बने हुए हैं। कई स्थानों पर बिजली के खंभे तक नहीं हैं। तारों को बांस-बल्लियों के सहारे टिका दिया गया है। अनेक जगह बिजली के तार जमीन से महज पांच फीट की ऊंचाई पर लटक रहे हैं। इन्हें हाथ उठाकर आसानी से छुआ जा सकता है। ऐसे में राहगीरों और वाहन चालकों के सिर पर हर समय हादसे का खतरा मंडरा रहा है। तेज हवा और बारिश के दौरान जर्जर तार टूटकर गिरने से करंट फैलने का खतरा बढ़ जाता है। शहर को साढ़े चार करोड़ रुपये के बजट का इंतजार है।
शहर और आसपास के क्षेत्रों में कई स्थानों पर बिजली लाइन जर्जर हो गई है। बिजली लाइन के जर्जर होने के कारण शहर के आलू थोक उत्तरी, कृष्ण नगरिया, मन्नापुरवा, झबरापुरवा, लखनऊ रोड पर कई गलियों में बांस-बल्लियों के सहारे तार गए हुए हैं। इससे वहां वाहन तो दूर पैदल निकलने में भी बिजली के तार की चपेट में आने की संभावना बनी रहती है।
यह है बानगी
शहर के मौनी बाबा मंदिर के पास बिजली लाइन काफी जर्जर हो गई जो काफी ढीली भी है। यहां से एंबुलेंस सहित बड़े वाहन भी गुजरते हैं। इससे इन तारों के कारण हर समय हादसे का भय बना रहता है।
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शहर के आवास विकास कॉलोनी में केबल डाल गए हैं जिनके बीच बिजली पोलों की दूरी अधिक है। इससे केबल लटक कर नीचे आ गया है। उसकी सड़क से दूरी मात्र दो से तीन फीट रह गई है। इससे वहां से गुजरने वाले बच्चों को हादसे का खतरा बना रहता है।
शहर के लखनऊ रोड के मुख्य मार्ग पर बिजली केबल काफी नीचे आ गई है। इस मार्ग से भारी वाहन गुजरते हैं। केबल के भारी वाहनों के चपेट में आने की आशंका बनी रहती है।
मन्नापुरवा के पास गलियों में काफी दूर तक बांस-बल्ली के सहारे बिजली तार गए हुए हैं। इन तारों के कारण गली में वाहन भी नहीं जा पाते। छोटे वाहनों में भी इन तारों के फंसने की संभावना बनी रहती है। इससे कभी भी कोई हादसा हो सकता है।
शहर में जर्जर लाइन को सही करने और बांस-बल्लियों के सहारे जो लाइन गई हैं उनके स्थान पर बिजली पोल लगाने व लाइन डालने के लिए साढ़े चार करोड़ रुपये का एडवांस बिजनेस प्लान का प्रस्ताव जुलाई में भेजा गया था। प्रस्ताव के अनुरूप बजट मिलते ही इस पर कार्य शुरू करा दिया जाएगा। -प्रेम प्रकाश सिंह, अधिशासी अभियंता, सदर
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गली में सामान ठेले या रिक्शे से ले जाना पड़ता है
मन्नापुरवा निवासी मनीष कुमार ने बताया कि बिजली के तार नीचे होने के कारण कोई सामान लेकर वाहन गली में नहीं आ पाता है। तार वाहन में अटक जाते हैं। इससे सामान वाहनों से उतार कर ठेले व रिक्शे से गली में ले जाना पड़ता है।
बहलोली निवासी प्रशांत दीक्षित का कहना है कि बांस-बल्ली के सहारे तार लगे होने से तेज हवा व बारिश में झुक जाते हैं। इससे तार और नीचे आ जाते हैं। इससे बारिश में सबसे अधिक खतरा रहता है।
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हादसों पर एक नजर
19 फरवरी को शहर के बिलग्राम मार्ग पर गुरगुज्जा के पास लटक रहे बिजली तार की चपेट में आने से राहगीर शाहरुख की मौत हो गई थी। वहीं 25 जून को शहर के बनियानी पुरवा में बिजली लाइन की चपेट में आने सुमित की मौत हो गई थी।
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शहर और आसपास के क्षेत्रों में कई स्थानों पर बिजली लाइन जर्जर हो गई है। बिजली लाइन के जर्जर होने के कारण शहर के आलू थोक उत्तरी, कृष्ण नगरिया, मन्नापुरवा, झबरापुरवा, लखनऊ रोड पर कई गलियों में बांस-बल्लियों के सहारे तार गए हुए हैं। इससे वहां वाहन तो दूर पैदल निकलने में भी बिजली के तार की चपेट में आने की संभावना बनी रहती है।
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यह है बानगी
शहर के मौनी बाबा मंदिर के पास बिजली लाइन काफी जर्जर हो गई जो काफी ढीली भी है। यहां से एंबुलेंस सहित बड़े वाहन भी गुजरते हैं। इससे इन तारों के कारण हर समय हादसे का भय बना रहता है।
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शहर के आवास विकास कॉलोनी में केबल डाल गए हैं जिनके बीच बिजली पोलों की दूरी अधिक है। इससे केबल लटक कर नीचे आ गया है। उसकी सड़क से दूरी मात्र दो से तीन फीट रह गई है। इससे वहां से गुजरने वाले बच्चों को हादसे का खतरा बना रहता है।
शहर के लखनऊ रोड के मुख्य मार्ग पर बिजली केबल काफी नीचे आ गई है। इस मार्ग से भारी वाहन गुजरते हैं। केबल के भारी वाहनों के चपेट में आने की आशंका बनी रहती है।
मन्नापुरवा के पास गलियों में काफी दूर तक बांस-बल्ली के सहारे बिजली तार गए हुए हैं। इन तारों के कारण गली में वाहन भी नहीं जा पाते। छोटे वाहनों में भी इन तारों के फंसने की संभावना बनी रहती है। इससे कभी भी कोई हादसा हो सकता है।
शहर में जर्जर लाइन को सही करने और बांस-बल्लियों के सहारे जो लाइन गई हैं उनके स्थान पर बिजली पोल लगाने व लाइन डालने के लिए साढ़े चार करोड़ रुपये का एडवांस बिजनेस प्लान का प्रस्ताव जुलाई में भेजा गया था। प्रस्ताव के अनुरूप बजट मिलते ही इस पर कार्य शुरू करा दिया जाएगा। -प्रेम प्रकाश सिंह, अधिशासी अभियंता, सदर
गली में सामान ठेले या रिक्शे से ले जाना पड़ता है
मन्नापुरवा निवासी मनीष कुमार ने बताया कि बिजली के तार नीचे होने के कारण कोई सामान लेकर वाहन गली में नहीं आ पाता है। तार वाहन में अटक जाते हैं। इससे सामान वाहनों से उतार कर ठेले व रिक्शे से गली में ले जाना पड़ता है।
बहलोली निवासी प्रशांत दीक्षित का कहना है कि बांस-बल्ली के सहारे तार लगे होने से तेज हवा व बारिश में झुक जाते हैं। इससे तार और नीचे आ जाते हैं। इससे बारिश में सबसे अधिक खतरा रहता है।
हादसों पर एक नजर
19 फरवरी को शहर के बिलग्राम मार्ग पर गुरगुज्जा के पास लटक रहे बिजली तार की चपेट में आने से राहगीर शाहरुख की मौत हो गई थी। वहीं 25 जून को शहर के बनियानी पुरवा में बिजली लाइन की चपेट में आने सुमित की मौत हो गई थी।