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Hardoi News: रात दो बजे फिर निकला तेंदुआ, तीन को किया जख्मी
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हरदोई/सांडी। सांडी के मोरौली कठेरियान गांव में रात दो बजे के करीब फिर से तेंदुआ निकला और तीन लोगों को घायल कर दिया। ग्रामीण अलग-अलग टोलियां बनाकर पूरी रात एक हाथ में टार्च और दूसरे हाथ में भाला व लाठी लेकर पहरा देते रहे।
गुरुवार की शाम करीब 6:30 बजे गर्रा नदी के तटवर्ती क्षेत्र से तेंदुआ आबादी में आ गया था। इस दौरान तेंदुए ने ग्रामीणों पर हमला बोलकर 12 लोगों को घायल कर दिया था। रात में मुरौली कठेरियान गांव निवासी परशुराम छत पर सो रहा था। कुछ ही दूरी पर उसकी 60 वर्षीय बहन नंदिनी मौजूद थी। दूसरी ओर गांव में लोग अलग-अलग टोली बनाकर एक हाथ में टॉर्च दूसरे हाथ में लाठी लेकर पहरा दे रहे थे।
इसी बीच अचानक छत पर सो रहे परशुराम व उनकी बहन नंदिनी और पड़ोसी छोटेलाल पर तेंदुए ने हमला बोल दिया। तेंदुए के हमले से लोगों में चीख-पुकार मच गई। तेंदुए के हमले की सूचना जैसे ही लोगों को हुई, टोली बनाकर पहरा दे रहे लोग लाठी, भाला लेकर दौड़ पड़े। ग्रामीणों को आता देखकर तेंदुआ कहीं छिप गया। गांव में भागदौड़ मचने से लोगों में और भी दहशत का माहौल बन गया।
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घात लगाकर हमला करता है तेंदुआ
वन विभाग के जिम्मेदारों की माने तो यह तेंदुआ लोगों पर जब भी हमला करेगा तो घात लगाकर करता है। तेंदुआ आबादी की ओर भी चला जाता है। शेर आबादी से सदैव दूरी बनाए रखता है। जब भी हमला करेगा सामने से करेगा।
20 घंटे बाद लखनऊ से आया पिजड़ा
तेंदुआ को पकड़ने के लिए जिले के विभागीय अधिकारियों ने लखनऊ से पिजड़े की मांग की गई थी। करीब 20 घंटे बाद लखनऊ से पिंजड़ा मौके पर पहुंचा। उसके बाद सर्च अभियान चलाया गया। वन विभाग के जिम्मेदारों ने बताया कि परशुराम के घर जहां पर तेंदुआ देखा गया था। वहां तेंदुआ नहीं है। बताया जा रहा है दो बजे के आस पास ही तेंदुआ कही निकल गया है।
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गुरुवार की शाम करीब 6:30 बजे गर्रा नदी के तटवर्ती क्षेत्र से तेंदुआ आबादी में आ गया था। इस दौरान तेंदुए ने ग्रामीणों पर हमला बोलकर 12 लोगों को घायल कर दिया था। रात में मुरौली कठेरियान गांव निवासी परशुराम छत पर सो रहा था। कुछ ही दूरी पर उसकी 60 वर्षीय बहन नंदिनी मौजूद थी। दूसरी ओर गांव में लोग अलग-अलग टोली बनाकर एक हाथ में टॉर्च दूसरे हाथ में लाठी लेकर पहरा दे रहे थे।
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इसी बीच अचानक छत पर सो रहे परशुराम व उनकी बहन नंदिनी और पड़ोसी छोटेलाल पर तेंदुए ने हमला बोल दिया। तेंदुए के हमले से लोगों में चीख-पुकार मच गई। तेंदुए के हमले की सूचना जैसे ही लोगों को हुई, टोली बनाकर पहरा दे रहे लोग लाठी, भाला लेकर दौड़ पड़े। ग्रामीणों को आता देखकर तेंदुआ कहीं छिप गया। गांव में भागदौड़ मचने से लोगों में और भी दहशत का माहौल बन गया।
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घात लगाकर हमला करता है तेंदुआ
वन विभाग के जिम्मेदारों की माने तो यह तेंदुआ लोगों पर जब भी हमला करेगा तो घात लगाकर करता है। तेंदुआ आबादी की ओर भी चला जाता है। शेर आबादी से सदैव दूरी बनाए रखता है। जब भी हमला करेगा सामने से करेगा।
20 घंटे बाद लखनऊ से आया पिजड़ा
तेंदुआ को पकड़ने के लिए जिले के विभागीय अधिकारियों ने लखनऊ से पिजड़े की मांग की गई थी। करीब 20 घंटे बाद लखनऊ से पिंजड़ा मौके पर पहुंचा। उसके बाद सर्च अभियान चलाया गया। वन विभाग के जिम्मेदारों ने बताया कि परशुराम के घर जहां पर तेंदुआ देखा गया था। वहां तेंदुआ नहीं है। बताया जा रहा है दो बजे के आस पास ही तेंदुआ कही निकल गया है।