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भत्ते के नाम पर लेखपालों से किया जा रहा मजाक
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तहसील सदर में आयोजित धरने में मौजूद लेखपाल। संवाद न्यूज एजेंसी
- फोटो : HARDOI
आठ सूत्री मांगों को लेकर कार्य बहिष्कार पर गए लेखपालों का प्रदर्शन जारी है। सोमवार को लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष सुनील कुमार यादव की अगुवाई में लेखपालों ने सदर तहसील परिसर में विरोध जताया।
सरकार से शासनादेश जारी करने की मांग की। जिलाध्यक्ष सुनील कुमार यादव ने कहा कि क्षेत्र में जाकर राजस्व कार्य करने के लिए अब भी मात्र तीन रुपये प्रतिदिन भत्ता दिया जा रहा है। ये मजाक से कम नहीं है।
उन्होंने कहा कि वाहन भत्ते समेत अन्य सात मांगें भी लेखपालों के हित से जुड़ी हैं। पूर्व में हुए आंदोलन के बाद सरकार ने सभी मांगें माने जाने का आश्वासन दिया था, लेकिन शासनादेश जारी नहीं किया गया। संघ अब शासनादेश से कम किसी बात पर आंदोलन समाप्त नहीं करेगा।
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मांगों पर प्रभावी कार्रवाई न हुई तो 27 दिसंबर को लेखपाल विधानसभा का घेराव करेंगे। जिला मंत्री ज्ञान प्रकाश वर्मा व पूर्व अध्यक्ष तहसील शाहाबाद अनिल त्रिपाठी ने भी आंदोलन को तेज करने की बात कही। पूर्व अध्यक्ष तहसील संडीला अहिबरन लाल ने कहा कि लेखपालों का इरादा साफ है, जब तक सरकार शासनादेश जारी नहीं करती, आंदोलन जारी रहेगा।
पूर्व जिला संयोजक शशिकांत श्रीवास्तव व पूर्व जिलाध्यक्ष आदेश द्विवेदी ने भी प्रदर्शन के दौरान विचार व्यक्त किए। इस मौके पर तहसील सदर अध्यक्ष ऐश्वर्य प्रकाश मिश्र, मंत्री श्रीपाल वर्मा, संडीला अध्यक्ष सत्यपाल, मंत्री सुशील गुप्ता, राजेश गुप्ता, राजेंद्र प्रसाद, जोधालाल, अंनतराम द्विवेदी, फिरोज अहमद, नवीन शुक्ला, अंकिता गुपता व रवींद्र सिंह चौहान आदि मौजूद रहे।
तीन लेखपालों ने किया हड़ताल से किनारा
सोमवार को शाहाबाद तहसील में कार्यरत तीन लेखपालों ने हड़ताल से किनारा कर लिया है। लेखपाल चंद्र कुमार, सुजीत सिंह व रत्नेश राठौर ने अधिकारियों को पत्र सौंपकर हड़ताल से अलग होने की सूचना दी। इसके बाद तहसील में कार्यरत 71 में से 68 लेखपाल अब भी कार्य बहिष्कार पर हैं।
लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष सुनील कुमार यादव ने बताया कि तीन लेखपालों के हड़ताल से अलग होने सूचना मिली है। शाहाबाद इकाई से इस संबंध में जानकारी मांगी गई है। अगर ऐसा हुआ है तो कार्रवाई की जाएगी।
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सरकार से शासनादेश जारी करने की मांग की। जिलाध्यक्ष सुनील कुमार यादव ने कहा कि क्षेत्र में जाकर राजस्व कार्य करने के लिए अब भी मात्र तीन रुपये प्रतिदिन भत्ता दिया जा रहा है। ये मजाक से कम नहीं है।
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उन्होंने कहा कि वाहन भत्ते समेत अन्य सात मांगें भी लेखपालों के हित से जुड़ी हैं। पूर्व में हुए आंदोलन के बाद सरकार ने सभी मांगें माने जाने का आश्वासन दिया था, लेकिन शासनादेश जारी नहीं किया गया। संघ अब शासनादेश से कम किसी बात पर आंदोलन समाप्त नहीं करेगा।
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मांगों पर प्रभावी कार्रवाई न हुई तो 27 दिसंबर को लेखपाल विधानसभा का घेराव करेंगे। जिला मंत्री ज्ञान प्रकाश वर्मा व पूर्व अध्यक्ष तहसील शाहाबाद अनिल त्रिपाठी ने भी आंदोलन को तेज करने की बात कही। पूर्व अध्यक्ष तहसील संडीला अहिबरन लाल ने कहा कि लेखपालों का इरादा साफ है, जब तक सरकार शासनादेश जारी नहीं करती, आंदोलन जारी रहेगा।
पूर्व जिला संयोजक शशिकांत श्रीवास्तव व पूर्व जिलाध्यक्ष आदेश द्विवेदी ने भी प्रदर्शन के दौरान विचार व्यक्त किए। इस मौके पर तहसील सदर अध्यक्ष ऐश्वर्य प्रकाश मिश्र, मंत्री श्रीपाल वर्मा, संडीला अध्यक्ष सत्यपाल, मंत्री सुशील गुप्ता, राजेश गुप्ता, राजेंद्र प्रसाद, जोधालाल, अंनतराम द्विवेदी, फिरोज अहमद, नवीन शुक्ला, अंकिता गुपता व रवींद्र सिंह चौहान आदि मौजूद रहे।
तीन लेखपालों ने किया हड़ताल से किनारा
सोमवार को शाहाबाद तहसील में कार्यरत तीन लेखपालों ने हड़ताल से किनारा कर लिया है। लेखपाल चंद्र कुमार, सुजीत सिंह व रत्नेश राठौर ने अधिकारियों को पत्र सौंपकर हड़ताल से अलग होने की सूचना दी। इसके बाद तहसील में कार्यरत 71 में से 68 लेखपाल अब भी कार्य बहिष्कार पर हैं।
लेखपाल संघ के जिलाध्यक्ष सुनील कुमार यादव ने बताया कि तीन लेखपालों के हड़ताल से अलग होने सूचना मिली है। शाहाबाद इकाई से इस संबंध में जानकारी मांगी गई है। अगर ऐसा हुआ है तो कार्रवाई की जाएगी।

हरदोई में तहसील सदर में आयोजित धरने को संबोधित करते लेखपाल संघ के जिला मंत्री ज्ञान प्रकाश वर्मा?- फोटो : HARDOI