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पराली के नाम पर लेखपाल को किया जा रहा उत्पीडन
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हरदोई। स्थानीय समस्याओं का निस्तारण न होने व पराली जलाने के नाम पर लेखपालों के उत्पीड़न का आरोप लगा लेखपाल गुरुवार को दूसरे दिन भी तहसील परिसर में धरने पर डटे रहे। लेखपाल संघ के पदाधिकारियों ने अधिकारियों से कहा कि समस्याओं का जल्द से जल्द निस्तारण किया जाए।
धरना प्रदर्शन की अध्यक्षता करते हुए लेखपाल संघ की उप शाखा तहसील सदर के अध्यक्ष ऐश्वर्य प्रकाश मिश्र ने कहा कि अधिकारी पराली जलाने के प्रकरण सामने आने के बाद लेखपालों का नियम विरुद्ध ढंग से उत्पीड़न कर रहे हैं, जबकि पराली जलाने को रोकने की जिम्मेदारी लेखपालों के साथ ही कोर्ट ने पुलिस व कृषि विभाग को भी दी है।
तहसील मंत्री श्रीपाल वर्मा ने कहा कि तहसील प्रशासन लगातार लेखपालों का उत्पीड़न कर रहा है। छह माह पहले शासनादेश जारी हो चुका है कि लेखपालों को प्रति आय जाति प्रमाण पत्र जारी पांच रुपये दिया जाएगा, लेकिन इसका अब तक अनुपालन नहीं कराया गया है। जिला मंत्री ज्ञान प्रकाश वर्मा ने कहा कि बुधवार को जिला कार्यकारिणी ने इस मामले को लेकर बैठक की थी। बैठक में तय किया गया है कि अगर जल्द ही अधिकारी समस्याओं का निस्तारण नहीं करते तो अन्य तहसीलों में भी लेखपाल काम बंद कर आंदोलन शुरू कर देंगे। इसके साथ ही पदाधिकारियों ने अन्य कई मुद्दे भी उठाए। इस मौके पर शशिकांत श्रीवास्तव, राकेश कुमार, सुभाष चंद्र, अनिल पांडे, आदेश द्विवेदी, जितेंद्र नाथ, हर्षवर्धन सिंह, वेद प्रकाश अग्निहोत्री, विजयपाल, संकल्प शुक्ला, आलोक त्रिपाठी, प्रमोद त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।
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धरना प्रदर्शन की अध्यक्षता करते हुए लेखपाल संघ की उप शाखा तहसील सदर के अध्यक्ष ऐश्वर्य प्रकाश मिश्र ने कहा कि अधिकारी पराली जलाने के प्रकरण सामने आने के बाद लेखपालों का नियम विरुद्ध ढंग से उत्पीड़न कर रहे हैं, जबकि पराली जलाने को रोकने की जिम्मेदारी लेखपालों के साथ ही कोर्ट ने पुलिस व कृषि विभाग को भी दी है।
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तहसील मंत्री श्रीपाल वर्मा ने कहा कि तहसील प्रशासन लगातार लेखपालों का उत्पीड़न कर रहा है। छह माह पहले शासनादेश जारी हो चुका है कि लेखपालों को प्रति आय जाति प्रमाण पत्र जारी पांच रुपये दिया जाएगा, लेकिन इसका अब तक अनुपालन नहीं कराया गया है। जिला मंत्री ज्ञान प्रकाश वर्मा ने कहा कि बुधवार को जिला कार्यकारिणी ने इस मामले को लेकर बैठक की थी। बैठक में तय किया गया है कि अगर जल्द ही अधिकारी समस्याओं का निस्तारण नहीं करते तो अन्य तहसीलों में भी लेखपाल काम बंद कर आंदोलन शुरू कर देंगे। इसके साथ ही पदाधिकारियों ने अन्य कई मुद्दे भी उठाए। इस मौके पर शशिकांत श्रीवास्तव, राकेश कुमार, सुभाष चंद्र, अनिल पांडे, आदेश द्विवेदी, जितेंद्र नाथ, हर्षवर्धन सिंह, वेद प्रकाश अग्निहोत्री, विजयपाल, संकल्प शुक्ला, आलोक त्रिपाठी, प्रमोद त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।
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