{"_id":"3eee4b2dbf7ea764f4031437be0c2431","slug":"knowledge-is-a-force-greater-than-the-force-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"‘ज्ञान बल से बड़ा कोई बल नहीं’","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
‘ज्ञान बल से बड़ा कोई बल नहीं’
ब्यूरो/अमर उजाला, हरदोई
Updated Fri, 26 Dec 2014 11:43 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गायत्री परिवार द्वारा घंटाघर परिसर में आयोजित पांच
विज्ञापन
दिवसीय पुस्तक मेला तथा प्रज्ञापुराण कथा व 11 कुंडीय गायत्री महायज्ञ के
दूसरे दिन बड़ी संख्या में लोगों ने पुस्तकालय पहुंच कर गायत्री परिवार की
पुस्तकों को देखा और अपनी सुविधानुसार पुस्तकों को लिया।
गायत्री महायज्ञ में लोगों ने आहुतियां डालते हुए सर्व कल्याण की कामना की। प्रज्ञापुराण की कथा सुनाते हुए शांतिकुंज से आए आचार्य राजकुमार भृगु महाराज ने कहा कि ज्ञान बल से बड़ा कोई बल नहीं होता है, इसलिए मनुष्य को ज्ञान अर्जन करना चाहिए। बिना ज्ञान के मनुष्य अधोगामी हो जाता है।
उन्होंने विभिन्न प्रसंग सुनाकर लोगों को भावविभोर कर दिया तथा संगीत के साज पर भजनों को प्रस्तुत कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया। इस मौके पर बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे।
गायत्री महायज्ञ में लोगों ने आहुतियां डालते हुए सर्व कल्याण की कामना की। प्रज्ञापुराण की कथा सुनाते हुए शांतिकुंज से आए आचार्य राजकुमार भृगु महाराज ने कहा कि ज्ञान बल से बड़ा कोई बल नहीं होता है, इसलिए मनुष्य को ज्ञान अर्जन करना चाहिए। बिना ज्ञान के मनुष्य अधोगामी हो जाता है।
उन्होंने विभिन्न प्रसंग सुनाकर लोगों को भावविभोर कर दिया तथा संगीत के साज पर भजनों को प्रस्तुत कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया। इस मौके पर बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे।