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पाक जाके राहुल ने आंख मार दी अगर, इमरान मियां बिन मारे मर जाएंगे...
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हरदोई। शहर के नुमाइश मैदान में चल रहे हरदोई मेला महोत्सव में शनिवार देर शाम आयोजित हास्य कवि सम्मेलन में कवियों ने अपनी रचनाओं से ऐसा समा बांधा की श्रोता ठिठुरती ठंड में भी कुर्सियों पर डटे रहे। कवि द्वारा पढ़ी गई पंक्तियां पाक जाके राहुल ने आंख मार दी अगर, इमरान मियां बिन मारे मर जाएंगे...सुनकर सभी लोट-पोट हो गए।
कवि सम्मेलन की शुरुआत लखनऊ से आई कवयित्री व्याख्या मिश्रा की वाणी वंदना से हुई। हरदोई की कवयित्री अक्षरा मिश्रा ने मैं भारत की बेटी हूं खुद भारत मुझमें जिंदा है। मुझमें अबला नहीं रही, अब चंडी दुर्गा जिंदा है... कविता पढ़ वाहवाही लूटी। लखनऊ से आए ओज कवि अतुल बाजपेई ने हूं नहीं मात्र भूखंड एक मैं चेतन जीवित जागृत हूं। मैं भारत हूं, मैं भारत हूं, मैं भारत हूं....कविता सुनाकर माहौल को देशभक्ति मय बना दिया।
बनारस से आए शृंगार कवि दुर्गेश दुबे ने जीतने का तुम्हारे कोई गम नहीं, खुश हूं इस बात से की तुमसे हारा हूं मैं... गीत पढ़ समा बांधा। रामनगर से आए हास्य कवि विकास बौखल की हास्य रचना हिंद वाले शेर पाक जाके जो दहाड़ देंगे गीदड़ तुम्हारे ये बेचारे मर जाएंगे। पाक जाके राहुल ने आंख मार दी अगर इमरान मियां बिन मारे मर जाएंगे... पर श्रोताओं ने जमकर ठहाके लगाए। कार्यक्रम संयोजक अजीत शुक्ल ने देश की वर्तमान परिस्थितियों को रेखांकित करती हुई कविता क्यों भरा तेरे सीने में इतना जहर है। क्यों बरपा दिया तूने इतना कहर है। फूंक तुमने दिया है जिसको सुनो, ये मेरा ही नहीं तेरा भी शहर है.. काफी सराही गई।
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बाराबंकी से आए ओज कवि विनय शुक्ल ने वर्तमान परिदृश्य पर अपनी रचना उम्मीदें क्यों पाल रहे हो फिर से भारत बंटने की। लगता दिल में टीस भरे हो तीन सौ सत्तर हटने की..सुनकर श्रोताओं ने अपनी जगह पर खड़े होकर तालियां बजाई। लखनऊ से आई कवयित्री व्याख्या मिश्रा ने हमारे स्वर उठे तो देश के यशगान को जाएं। हमारी प्रार्थनाएं देशहित भगवान को जाएं...रचना पढ़ तालियां बटोरीं। जिले के कवि डॉ. राघवेंद्र मिश्र प्रणय के मार्मिक गीत आंगन में दीवार बनी है अम्मा छिप छिप रोती है। दिन भर में बस आधी रोटी खाते खाते खाती है...को काफी पसंद किया गया। संचालन कर रहे कानपुर से आये व्यंग्यकार केके अग्निहोत्री ने अपनी चुटीली टिप्पणियों व व्यंग्य रचनाओं से श्रोताओं को लोटपोट कर दिया। इससे पूर्व कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि भाजपा जिलाध्यक्ष सौरभ मिश्र व विशिष्ट अतिथि पूर्व नपाप अध्यक्ष उमेश अग्रवाल ने दीप जलाकर व मां शारदा के चित्र पर माल्यार्पण कर किया। आयोजक रवि किशोर गुप्ता, अखिलेश गुप्ता, अमित वर्मा, कुलदीप द्विवेदी, मोहित त्रिपाठी, दीपक कपूर, आशु गुप्ता, आयुषी रस्तोगी, नवनीत गुप्ता, भरत पांडेय, पंकज अवस्थी ,श्यामजी गुप्ता आदि उपस्थित रहे।
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कवि सम्मेलन की शुरुआत लखनऊ से आई कवयित्री व्याख्या मिश्रा की वाणी वंदना से हुई। हरदोई की कवयित्री अक्षरा मिश्रा ने मैं भारत की बेटी हूं खुद भारत मुझमें जिंदा है। मुझमें अबला नहीं रही, अब चंडी दुर्गा जिंदा है... कविता पढ़ वाहवाही लूटी। लखनऊ से आए ओज कवि अतुल बाजपेई ने हूं नहीं मात्र भूखंड एक मैं चेतन जीवित जागृत हूं। मैं भारत हूं, मैं भारत हूं, मैं भारत हूं....कविता सुनाकर माहौल को देशभक्ति मय बना दिया।
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बनारस से आए शृंगार कवि दुर्गेश दुबे ने जीतने का तुम्हारे कोई गम नहीं, खुश हूं इस बात से की तुमसे हारा हूं मैं... गीत पढ़ समा बांधा। रामनगर से आए हास्य कवि विकास बौखल की हास्य रचना हिंद वाले शेर पाक जाके जो दहाड़ देंगे गीदड़ तुम्हारे ये बेचारे मर जाएंगे। पाक जाके राहुल ने आंख मार दी अगर इमरान मियां बिन मारे मर जाएंगे... पर श्रोताओं ने जमकर ठहाके लगाए। कार्यक्रम संयोजक अजीत शुक्ल ने देश की वर्तमान परिस्थितियों को रेखांकित करती हुई कविता क्यों भरा तेरे सीने में इतना जहर है। क्यों बरपा दिया तूने इतना कहर है। फूंक तुमने दिया है जिसको सुनो, ये मेरा ही नहीं तेरा भी शहर है.. काफी सराही गई।
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बाराबंकी से आए ओज कवि विनय शुक्ल ने वर्तमान परिदृश्य पर अपनी रचना उम्मीदें क्यों पाल रहे हो फिर से भारत बंटने की। लगता दिल में टीस भरे हो तीन सौ सत्तर हटने की..सुनकर श्रोताओं ने अपनी जगह पर खड़े होकर तालियां बजाई। लखनऊ से आई कवयित्री व्याख्या मिश्रा ने हमारे स्वर उठे तो देश के यशगान को जाएं। हमारी प्रार्थनाएं देशहित भगवान को जाएं...रचना पढ़ तालियां बटोरीं। जिले के कवि डॉ. राघवेंद्र मिश्र प्रणय के मार्मिक गीत आंगन में दीवार बनी है अम्मा छिप छिप रोती है। दिन भर में बस आधी रोटी खाते खाते खाती है...को काफी पसंद किया गया। संचालन कर रहे कानपुर से आये व्यंग्यकार केके अग्निहोत्री ने अपनी चुटीली टिप्पणियों व व्यंग्य रचनाओं से श्रोताओं को लोटपोट कर दिया। इससे पूर्व कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि भाजपा जिलाध्यक्ष सौरभ मिश्र व विशिष्ट अतिथि पूर्व नपाप अध्यक्ष उमेश अग्रवाल ने दीप जलाकर व मां शारदा के चित्र पर माल्यार्पण कर किया। आयोजक रवि किशोर गुप्ता, अखिलेश गुप्ता, अमित वर्मा, कुलदीप द्विवेदी, मोहित त्रिपाठी, दीपक कपूर, आशु गुप्ता, आयुषी रस्तोगी, नवनीत गुप्ता, भरत पांडेय, पंकज अवस्थी ,श्यामजी गुप्ता आदि उपस्थित रहे।