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कंधों पर कांवड़, जुबां पर बम-बम
ब्यूरो/अमर उजाला,हरदोई
Updated Sat, 08 Aug 2015 11:48 PM IST
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सावन मास में इन दिनों चहुंओर आस्था की गंगा बहती नजर
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आ रही है। कांवड़ियों के कंधों पर कांवड़ है तो पैदल चलते चलते पांव में
छाले तक नजर आने लगे हैं। फिर भी बम-बम भोले कहते जत्थों का शिवालयों की ओर
बढ़ने का क्रम लगातार जारी है।
सावन मास में मंदिरों में भगवान शिव के दर्शन करने को जहां श्रद्धालुओं की लंबी लंबी कतारें दिखने लगी हैं तो वहीं मार्गों पर कांवड़ियो के गाते नाचते जत्थे भी दिखने लगे हैं। सबसे ज्यादा जत्थे बिलग्राम मार्ग पर देखने को मिल रहे हैं। जहां पैदल या वाहनों पर चढ़कर कांवड़िए राजघाट की ओर जाते दिखाई देते हैं।
कोई जत्था भगवान भोले के जयकारे लगाते हुए अपनी यात्रा को पूरा कर रहा, तो कोई जत्था डीजे साउंड पर शहर के मुख्य मार्गों पर थिरक कर रवाना हो रहा है। सबसे पहले श्रद्धालु अलग-अलग साधनों से जत्थों के रूप में राजघाट गंगा जल लेने जाते हैं। उसके बाद गंगा जल को लेने के बाद कांवड़ियों के जत्थे शिवालयों की तरफ कूच कर जाते हैं।
लोगाें का कहना है कि जिले से कांवड़िए सकारा मंदिर, गोला गोकर्णनाथ आदि के शिवालयों की ओर जाते हैं। उधर, पिहानी में जय बाबा बर्फानी समिति, जय बालाजी समिति, बाबा तुरंतनाथ की ओर से विशाल कांवड़ यात्रा निकाली गई। प्रमुख मार्गों से होकर गुजरी कांवड़ यात्रा का जगह-जगह स्वागत करते हुए कांवड़ियों को भोजन कराया गया।
कांवड़िए बीती रात राजघाट से गंगाजल लेकर पिहानी पहुंचे थे। यहां के भूरेश्वर महादेव मंदिर पर रात्रि विश्राम के बाद एक हजार कांवड़ियों की यह यात्रा सुबह भक्तिगीतों की धुनों के बीच थिरकते कदमों के साथ शिव जी के जयकारे लगाते हुए भूरेश्वर मंदिर से रवाना हुई।
यहां से यात्रा बस स्टैंड, जूनियर हाईस्कूल रोड, थाना रोड, बंदर पार्क व ब्लाक रोड होते हुए यात्रा गोला गोकर्णनाथ को रवाना हुई। रास्ते में दीपू सक्सेना, अरविंद राठौर, विपुल मिश्रा, अनूप सिंह आदि ने कांवड़ियों को नाश्ता वितरित किया। हर्रैया पुल पर मनीष सविता, अंकर वाजपेई, निर्दोष बाजपेई ने कांवड़ियों को भोजन कराया।
उधर, सांडी नगर से ज्ञानू अग्निहोत्री, सभासद मनीष, संजीव राजपूत, कुलदीप मिश्रा, चंदन कश्यप, सर्वेश गुप्ता, आशीष, रामजी आदि ने राजघाट जाकर गंगाजल भरा और गोला गोकर्ण नाथ पहुंचकर शिव का जलाभिषेक किया।
सावन मास में मंदिरों में भगवान शिव के दर्शन करने को जहां श्रद्धालुओं की लंबी लंबी कतारें दिखने लगी हैं तो वहीं मार्गों पर कांवड़ियो के गाते नाचते जत्थे भी दिखने लगे हैं। सबसे ज्यादा जत्थे बिलग्राम मार्ग पर देखने को मिल रहे हैं। जहां पैदल या वाहनों पर चढ़कर कांवड़िए राजघाट की ओर जाते दिखाई देते हैं।
कोई जत्था भगवान भोले के जयकारे लगाते हुए अपनी यात्रा को पूरा कर रहा, तो कोई जत्था डीजे साउंड पर शहर के मुख्य मार्गों पर थिरक कर रवाना हो रहा है। सबसे पहले श्रद्धालु अलग-अलग साधनों से जत्थों के रूप में राजघाट गंगा जल लेने जाते हैं। उसके बाद गंगा जल को लेने के बाद कांवड़ियों के जत्थे शिवालयों की तरफ कूच कर जाते हैं।
लोगाें का कहना है कि जिले से कांवड़िए सकारा मंदिर, गोला गोकर्णनाथ आदि के शिवालयों की ओर जाते हैं। उधर, पिहानी में जय बाबा बर्फानी समिति, जय बालाजी समिति, बाबा तुरंतनाथ की ओर से विशाल कांवड़ यात्रा निकाली गई। प्रमुख मार्गों से होकर गुजरी कांवड़ यात्रा का जगह-जगह स्वागत करते हुए कांवड़ियों को भोजन कराया गया।
कांवड़िए बीती रात राजघाट से गंगाजल लेकर पिहानी पहुंचे थे। यहां के भूरेश्वर महादेव मंदिर पर रात्रि विश्राम के बाद एक हजार कांवड़ियों की यह यात्रा सुबह भक्तिगीतों की धुनों के बीच थिरकते कदमों के साथ शिव जी के जयकारे लगाते हुए भूरेश्वर मंदिर से रवाना हुई।
यहां से यात्रा बस स्टैंड, जूनियर हाईस्कूल रोड, थाना रोड, बंदर पार्क व ब्लाक रोड होते हुए यात्रा गोला गोकर्णनाथ को रवाना हुई। रास्ते में दीपू सक्सेना, अरविंद राठौर, विपुल मिश्रा, अनूप सिंह आदि ने कांवड़ियों को नाश्ता वितरित किया। हर्रैया पुल पर मनीष सविता, अंकर वाजपेई, निर्दोष बाजपेई ने कांवड़ियों को भोजन कराया।
उधर, सांडी नगर से ज्ञानू अग्निहोत्री, सभासद मनीष, संजीव राजपूत, कुलदीप मिश्रा, चंदन कश्यप, सर्वेश गुप्ता, आशीष, रामजी आदि ने राजघाट जाकर गंगाजल भरा और गोला गोकर्ण नाथ पहुंचकर शिव का जलाभिषेक किया।